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फोरलेन निर्माण के लिए भारी ब्लास्टिंग, थरथराया थापना गांव
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फोरलेन ब्लास्टिंग के बाद थापना में लोगों के घरों में आई दरारें।
- फोटो : BILASPUR
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के निर्माण कार्य के दौरान शुक्रवार शाम को भारी ब्लास्टिंग की गई। इससे थापना गांव और आसपास का क्षेत्र दहल गया। जैसे ही धमाकों कीे आवाज सुनाई दी ग्रामीणें अपने घरों से बाहर भागे और प्रशासन को सूचना दी। ब्लास्टिंग की वजह से कई घरों और 300 मीटर के दायरे में जमीन पर दरारें आ गई हैं।
बताते चलें कि पर्यावरण मंत्रालय की शर्तों के अनुसार अभी तक उक्त फोरलेन में वन विभाग की भूमि पर निर्माण कार्य करने की अनुमति नहीं है। लेकिन मंत्रालय की पांच अतिरिक्त शर्तों को पूरा किए बिना ही कंपनी कार्य कर रही है। शुक्रवार को भारी ब्लास्टिंग ने थापना गांव के लोगों को घरों के अंदर रहना मुश्किल कर दिया।
धमाकों की आवाज से पूरा गांव गूंज उठा। ग्रामीण अपने घरों से बाहर आ गए। इसके बाद उन्हें पता चला कि गांव से करीब 300 मीटर दूर फोरलेन निर्माण के लिए ब्लास्टिंग की जा रही है। लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस के मौके पर न पहुंचने के बाद लोगों ने एसडीएम स्वारघाट को इसकी सूचना दी।
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शिकायत मिलने के बाद एसडीएम मौके पर पहुंचे और उन्होंने लोगों की बात सुनी। शनिवार को तहसीलदार स्वारघाट मौके पर पहुंचे। उन्होंने थापना गांव में जाकर ब्लास्टिंग से हुए नुकसान का जायजा लिया और लोगों की समस्याओं को सुना।
ग्राम पंचायत मंझेड़ के प्रधान सोहन लाल ने बताया कि गांव नरली, समलेटू, जब्बल और थापना में फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी नियमों को ताक पर रखकर ब्लास्टिंग कर रही है। इससे घरों में दरारें आनी शुरू हो गई हैं। कहा कि प्रशासन कंपनी से बात कर नियमानुसार ब्लास्टिंग करवाना तय करे और अगर ऐसा नहीं हुआ तो प्रशासन और निर्माणाधीन कंपनी का विरोध करने को मजबूर होंगे।
कोट्स
ग्रामीणों की शिकायत मिलने के बाद मौके का मुआयना किया है। शनिवार को तहसीलदार को भी मौके पर भेजा गया। नुकसान की रिपोर्ट तहसीलदार से मिलने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
राजकुमार, एसडीएम, स्वारघाट
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बताते चलें कि पर्यावरण मंत्रालय की शर्तों के अनुसार अभी तक उक्त फोरलेन में वन विभाग की भूमि पर निर्माण कार्य करने की अनुमति नहीं है। लेकिन मंत्रालय की पांच अतिरिक्त शर्तों को पूरा किए बिना ही कंपनी कार्य कर रही है। शुक्रवार को भारी ब्लास्टिंग ने थापना गांव के लोगों को घरों के अंदर रहना मुश्किल कर दिया।
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धमाकों की आवाज से पूरा गांव गूंज उठा। ग्रामीण अपने घरों से बाहर आ गए। इसके बाद उन्हें पता चला कि गांव से करीब 300 मीटर दूर फोरलेन निर्माण के लिए ब्लास्टिंग की जा रही है। लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस के मौके पर न पहुंचने के बाद लोगों ने एसडीएम स्वारघाट को इसकी सूचना दी।
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शिकायत मिलने के बाद एसडीएम मौके पर पहुंचे और उन्होंने लोगों की बात सुनी। शनिवार को तहसीलदार स्वारघाट मौके पर पहुंचे। उन्होंने थापना गांव में जाकर ब्लास्टिंग से हुए नुकसान का जायजा लिया और लोगों की समस्याओं को सुना।
ग्राम पंचायत मंझेड़ के प्रधान सोहन लाल ने बताया कि गांव नरली, समलेटू, जब्बल और थापना में फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी नियमों को ताक पर रखकर ब्लास्टिंग कर रही है। इससे घरों में दरारें आनी शुरू हो गई हैं। कहा कि प्रशासन कंपनी से बात कर नियमानुसार ब्लास्टिंग करवाना तय करे और अगर ऐसा नहीं हुआ तो प्रशासन और निर्माणाधीन कंपनी का विरोध करने को मजबूर होंगे।
कोट्स
ग्रामीणों की शिकायत मिलने के बाद मौके का मुआयना किया है। शनिवार को तहसीलदार को भी मौके पर भेजा गया। नुकसान की रिपोर्ट तहसीलदार से मिलने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
राजकुमार, एसडीएम, स्वारघाट