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Bilaspur News: घुमारवीं ग्रीष्मोत्सव में टैटू स्टॉल पर सेहत से खिलवाड़

Thu, 09 Apr 2026 11:32 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Thu, 09 Apr 2026 11:32 PM IST
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Health is being compromised at the tattoo stall in Ghumarwin Summer Festival.
घुमारवीं में आयोजित ग्रीष्मोत्सव में टैटू बनाते लोग। संवाद
ग्राउंड रिपोर्ट
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30 से अधिक स्टॉल पर सुरक्षा मानक हो रहे तार-तार

एक ही सुई से गोद रहे टैटू, चार दिन से नहीं गई प्रशासन की नजर
जागरूकता अभियानों को ठेंगा दिखा रही विभागीय लापरवाही
हेपेटाइटिस और एचआईवी जैसे जानलेवा रोगों को है सीधा निमंत्रण

संजीव शामा
घुमारवीं(बिलासपुर)। राज्य स्तरीय ग्रीष्मोत्सव घुमारवीं के अंतिम दौर में जहां जनसैलाब उमड़ने से मेले की रौनक परवान चढ़ रही है, वहीं एक ऐसी तस्वीर भी सामने आई है जो जनस्वास्थ्य के लिए बड़े खतरे का संकेत दे रही है। मेले के आकर्षण का केंद्र बने टैटू स्टॉल्स पर सुरक्षा मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। दर्जनों स्टॉल्स पर ऑपरेटर बिना निडिल बदले ही कई लोगों के शरीर पर टैटू उकेर रहे हैं। यह गंभीर लापरवाही हेपेटाइटिस और एचआईवी (एड्स) जैसे जानलेवा रोगों को सीधा निमंत्रण दे रही है।

पिछले दो दिन की मूसलधार बारिश के बाद अंतिम दिन मौसम साफ होते ही मेले में भारी भीड़ उमड़ी। एक ओर जहां दंगल प्रेमियों ने पारंपरिक कुश्ती का आनंद लिया, वहीं दुकानों पर भी खरीदारों की लंबी कतारें दिखीं। इसी भीड़ का फायदा उठाकर टैटू बनाने वाले करीब 30 से अधिक स्टॉल्स पर नियमों को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है। सुई के बार-बार उपयोग से रक्त-जनित संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ गया है। हैरानी इस बात की है कि स्वास्थ्य विभाग साल भर एड्स और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए लाखों रुपये पानी की तरह बहाता है, लेकिन मेले जैसे बड़े आयोजनों में जमीनी हकीकत कुछ और ही है। पिछले चार दिन से किसी भी विभागीय अधिकारी या कर्मचारी ने इन स्टॉल का निरीक्षण करना उचित नहीं समझा। ऐसे में सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर साफ नजर आ रहा है। मेले में अब तक सैकड़ों युवा अपने शरीर पर टैटू बनवा चुके हैं। इनमें से अधिकांश इस बात से अनजान हैं कि एक बार इस्तेमाल की गई सुई का दोबारा प्रयोग उनके जीवन को जोखिम में डाल सकता है। टैटू मशीन के उपकरणों को संक्रमण मुक्त करने की भी कोई व्यवस्था मौके पर नजर नहीं आई। एक संक्रमित व्यक्ति के खून के संपर्क में आई सुई यदि दूसरे पर इस्तेमाल हो, तो संक्रमण निश्चित है। हेपेटाइटिस-बी और सी वायरस सामान्य उबलते पानी से भी आसानी से नहीं मरते, इसके लिए डिस्पोजेबल सुई अनिवार्य है। असुरक्षित टैटू से त्वचा के गंभीर रोग और एलर्जी का खतरा भी रहता है। संवाद
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कोट
मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं आया है, लेकिन यदि मेले में इस प्रकार की लापरवाही बरती जा रही है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। तत्काल टीम भेजकर सभी टैटू स्टॉल की जांच कराई जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी ऑपरेटर अनिवार्य रूप से सुरक्षा मानकों का पालन करें। लापरवाही मिलने पर स्टॉल बंद करने और कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।
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डॉ. अनुपम शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं

घुमारवीं में आयोजित ग्रीष्मोत्सव में टैटू बनाते लोग। संवाद

घुमारवीं में आयोजित ग्रीष्मोत्सव में टैटू बनाते लोग। संवाद

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