{"_id":"63065914b9be77297904867a","slug":"health-bilaspur-news-sml41939331","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरसात के मौसम में मच्छरों के कारण पैदा होते हैं बहुत से रोग: सीएमओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरसात के मौसम में मच्छरों के कारण पैदा होते हैं बहुत से रोग: सीएमओ
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बिलासपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ. प्रवीण कुमार ने लोगों को हिदायत दी है कि घरों के आसपास पानी खड़ा न होने दें। बताया कि इसमें पनपने वाले मच्छरों से ही डेंगू और मलेरिया फैलता है।
मच्छर हमेशा खड़े पानी में अंडे देता है इसलिए खुले तौर पर कभी भी पानी खड़ा न होने दें। सप्ताह में एक बार सूखा दिवस मनाएं, कूलरों, गमलों, और डिब्बों का पानी निकाल कर इन्हें सूखा दें। गमलों, मनी प्लांट आदि के पौधों का पानी सप्ताह में एक बार जरूर बदलें। खुले में पड़े पुराने बर्तनों, टायरों और ट्यूबों आदि में पानी न भरने दें उनको सही जगह रखें।
उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में मच्छरों के पैदा होने से बहुत से रोग पैदा होते हैं। इनमें डेंगू और मलेरिया प्रमुख हैं। हालांकि वर्तमान में मलेरिया के केस कम सामने आते हैं लेकिन इसका पैरासाइट अभी भी वातावरण में हैं। गर्मियों और बरसात के मौसम में स्वास्थ्य शिक्षक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता जिले में लोगों को मच्छरों से होने वाले रोगों खासकर डेंगू, मलेरिया आदि के बारे में जागरूक करते हैं।
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स्प्रे भी करवा रहा हैै विभाग
मच्छरों को खत्म करने के लिए फॉगिंग भी की जा रही है। मच्छरों से होने वाले रोगों से बचाव के लिए उच्च जोखिम वाली जगहों पर फॉगिंग की जा रही है। इसके साथ अन्य उपाय भी किए जा रहे हैं। मलेरिया एक तेज बुखार वाली संक्रामक बीमारी है जो एक सूक्ष्म जीव मलेरिया पैरासाइट द्वारा होती है। मादा मच्छर एक मलेरिया रोगी से ग्रहण करके अन्य स्वस्थ व्यक्तियों तक पहुंचाती है। मलेरिया का संक्रमण किसी भी आयु एवं लिंग के व्यक्ति को हो सकता है।
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मच्छर हमेशा खड़े पानी में अंडे देता है इसलिए खुले तौर पर कभी भी पानी खड़ा न होने दें। सप्ताह में एक बार सूखा दिवस मनाएं, कूलरों, गमलों, और डिब्बों का पानी निकाल कर इन्हें सूखा दें। गमलों, मनी प्लांट आदि के पौधों का पानी सप्ताह में एक बार जरूर बदलें। खुले में पड़े पुराने बर्तनों, टायरों और ट्यूबों आदि में पानी न भरने दें उनको सही जगह रखें।
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उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में मच्छरों के पैदा होने से बहुत से रोग पैदा होते हैं। इनमें डेंगू और मलेरिया प्रमुख हैं। हालांकि वर्तमान में मलेरिया के केस कम सामने आते हैं लेकिन इसका पैरासाइट अभी भी वातावरण में हैं। गर्मियों और बरसात के मौसम में स्वास्थ्य शिक्षक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता जिले में लोगों को मच्छरों से होने वाले रोगों खासकर डेंगू, मलेरिया आदि के बारे में जागरूक करते हैं।
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मच्छरों को खत्म करने के लिए फॉगिंग भी की जा रही है। मच्छरों से होने वाले रोगों से बचाव के लिए उच्च जोखिम वाली जगहों पर फॉगिंग की जा रही है। इसके साथ अन्य उपाय भी किए जा रहे हैं। मलेरिया एक तेज बुखार वाली संक्रामक बीमारी है जो एक सूक्ष्म जीव मलेरिया पैरासाइट द्वारा होती है। मादा मच्छर एक मलेरिया रोगी से ग्रहण करके अन्य स्वस्थ व्यक्तियों तक पहुंचाती है। मलेरिया का संक्रमण किसी भी आयु एवं लिंग के व्यक्ति को हो सकता है।