{"_id":"66f7ed92380aef893308dc87","slug":"harish-won-first-place-in-slogan-writing-competition-bilaspur-news-c-92-1-bls1002-124054-2024-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में हरीश ने हासिल किया पहला स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में हरीश ने हासिल किया पहला स्थान
विज्ञापन
-पॉलिटेक्निक कॉलेज कलोल में मनाया विश्व रेबीज दिवस
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पॉलिटेक्निक कॉलेज कलोल में प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में विश्व रेबीज दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाषण और स्लोगन लेखन प्रतियोगिता भी कराई गई।
भाषण प्रतियोगिता में पलक परमार ने पहला, सार्थक जमवाल ने दूसरा और मोहम्मद रिजवान ने तीसरा स्थान हासिल किया। स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में हरीश कुमार ने पहला, पीयूष कौंडल ने दूसरा और अभिषेक शर्मा ने तीसरा स्थान हासिल किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार ने कहा कि यह बीमारी जानवरों के काटने से फैलती है। इस दिवस को प्रतिवर्ष अलग -2 थीम के साथ आयोजित किया जाता है। इस वर्ष का थीम ब्रेकिंग रेबीज बाउंड्री है। रेबीज बीमारी के कारण नर्वस सिस्टम सबसे पहले प्रभावित होता है। इसके कारण व्यक्ति की मृत्यु लगभग 100 प्रतिशत निश्चित होती है। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को किसी जानवर ने काट लिया तो तुरंत उस जख्म या घाव को साबुन या बहते हुए पानी से साफ करें। ताकि इंफेक्शन ज्यादा न बढ़े और तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दिखाएं। किसी जानवर के काटने के बाद व्यक्ति में बुखार, बेचैनी थकावट, कमजोरी हो सकती है, इसलिए रेबीज बीमारी को हल्के में न लें। अगर शरीर में कहीं एक जगह पर इंफेक्शन हो जाए तो रेबीज धीरे-धीरे शरीर में फैलने लगता है। इससे न्यूरोलॉजिकल डैमेज बढ़ जाता है। इसलिए लोगों को जागरूक किया जाता है कि वह अपने पालतू जानवरों को नियमित वैक्सीनेशन करवाएं। इस बीमारी के बारे में सही और बचाव के बारे में जानकारी रखना बहुत महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पॉलिटेक्निक कॉलेज कलोल में प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में विश्व रेबीज दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाषण और स्लोगन लेखन प्रतियोगिता भी कराई गई।
भाषण प्रतियोगिता में पलक परमार ने पहला, सार्थक जमवाल ने दूसरा और मोहम्मद रिजवान ने तीसरा स्थान हासिल किया। स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में हरीश कुमार ने पहला, पीयूष कौंडल ने दूसरा और अभिषेक शर्मा ने तीसरा स्थान हासिल किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार ने कहा कि यह बीमारी जानवरों के काटने से फैलती है। इस दिवस को प्रतिवर्ष अलग -2 थीम के साथ आयोजित किया जाता है। इस वर्ष का थीम ब्रेकिंग रेबीज बाउंड्री है। रेबीज बीमारी के कारण नर्वस सिस्टम सबसे पहले प्रभावित होता है। इसके कारण व्यक्ति की मृत्यु लगभग 100 प्रतिशत निश्चित होती है। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को किसी जानवर ने काट लिया तो तुरंत उस जख्म या घाव को साबुन या बहते हुए पानी से साफ करें। ताकि इंफेक्शन ज्यादा न बढ़े और तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दिखाएं। किसी जानवर के काटने के बाद व्यक्ति में बुखार, बेचैनी थकावट, कमजोरी हो सकती है, इसलिए रेबीज बीमारी को हल्के में न लें। अगर शरीर में कहीं एक जगह पर इंफेक्शन हो जाए तो रेबीज धीरे-धीरे शरीर में फैलने लगता है। इससे न्यूरोलॉजिकल डैमेज बढ़ जाता है। इसलिए लोगों को जागरूक किया जाता है कि वह अपने पालतू जानवरों को नियमित वैक्सीनेशन करवाएं। इस बीमारी के बारे में सही और बचाव के बारे में जानकारी रखना बहुत महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन