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Bilaspur News: अशोक वाटिका उजाड़ हनुमान ने किया राक्षसों का संहार, रावण के दरबार में गूंजा जय श्रीराम
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शाहतलाई में आयोजित श्री बाल रामलीला मंचन का दृश्य। स्रोत आयोजक
तलाई में रामलीला में हनुमान-रावण संवाद और रामेश्वरम में राम के यज्ञ का हुआ मंचन
नल-नील ने समुद्र पर बनाया सेतु
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई (बिलासपुर)। तलाई में श्री बाल रामलीला के सातवें दिन कलाकारों ने हनुमान के लंका पहुंचने से लेकर राम-रावण युद्ध की तैयारियों तक के प्रसंगों का जीवंत मंचन किया। अशोक वाटिका में माता सीता की खोज, हनुमान की ओर से वाटिका उजाड़ने और राक्षसों के संहार से लेकर रावण के दरबार में हनुमान-रावण संवाद ने दर्शकों को खूब रोमांचित किया। मेघनाथ की ओर से ब्रह्मशक्ति का प्रयोग कर हनुमान को बंदी बनाने और रावण के दरबार में पेश करने का दृश्य भी आकर्षण का केंद्र रहा। दोनों के बीच तीखे संवाद पर पंडाल तालियों से गूंज उठा।
मंचन में दिखाया गया कि प्रभु श्रीराम के आदेश पर हनुमान माता सीता की खोज में लंका पहुंचे। अशोक वाटिका में माता सीता का पता लगाने के बाद उन्होंने वाटिका उजाड़ दी। इस दौरान अक्षय कुमार, जम्बूमाली सहित कई राक्षसों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन हनुमान ने उनका संहार कर दिया। इसके बाद मेघनाथ ने ब्रह्मशक्ति का प्रयोग कर हनुमान को बंदी बनाया और रावण के दरबार में पेश किया। यहां हनुमान और रावण के बीच हुए संवाद ने दर्शकों को खूब रोमांचित किया।
इसके बाद विभीषण के रावण से मतभेद और लंका से निष्कासन का प्रसंग दिखाया गया। रावण की ओर से देश निकाला दिए जाने के बाद विभीषण ने प्रभु श्रीराम की शरण ली और रामादल में शामिल हो गए। वहीं, लंका के गुप्तचर सुख और सारण वानर सेना की टोह लेते हुए पकड़े गए। इस पर लक्ष्मण ने उन्हें रावण के नाम पत्र देकर मुक्त कर दिया और वापस लंका भेज दिया।
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इसके बाद नल-नील की ओर से समुद्र पर सेतु निर्माण का दृश्य प्रस्तुत किया गया। दोनों ने पत्थरों से सेतु तैयार किया, जिसके माध्यम से रामादल की सेना लंका पहुंची। लंका पर चढ़ाई से पहले प्रभु श्रीराम ने रावण को समझाने के लिए अंगद को शांति दूत बनाकर भेजा। अंगद ने युद्ध टालने का प्रयास किया, लेकिन रावण ने उनकी बात मानने से इन्कार कर दिया। इसके साथ ही दोनों ओर से युद्ध का एलान हो गया। रावण और अंगद के बीच संवाद तथा दोनों कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया।
रामलीला के विभिन्न प्रसंगों में रविंद्र शर्मा, रोहित ठाकुर, हर्ष वनियाल, अमित ठाकुर, राकेश शर्मा, राकेश मोनू, मन्नत शर्मा, सुरेश पंडित, अजय शर्मा, अमित शर्मा, मोहित शर्मा, अथर्व भारद्वाज, सूर्यांश, दीपांश, अक्षु, ऋत्विक और विराज सहित अन्य कलाकारों ने अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं। कलाकारों के अभिनय और संवाद अदायगी ने सातवें दिन के मंचन को यादगार बना दिया।
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नल-नील ने समुद्र पर बनाया सेतु
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई (बिलासपुर)। तलाई में श्री बाल रामलीला के सातवें दिन कलाकारों ने हनुमान के लंका पहुंचने से लेकर राम-रावण युद्ध की तैयारियों तक के प्रसंगों का जीवंत मंचन किया। अशोक वाटिका में माता सीता की खोज, हनुमान की ओर से वाटिका उजाड़ने और राक्षसों के संहार से लेकर रावण के दरबार में हनुमान-रावण संवाद ने दर्शकों को खूब रोमांचित किया। मेघनाथ की ओर से ब्रह्मशक्ति का प्रयोग कर हनुमान को बंदी बनाने और रावण के दरबार में पेश करने का दृश्य भी आकर्षण का केंद्र रहा। दोनों के बीच तीखे संवाद पर पंडाल तालियों से गूंज उठा।
मंचन में दिखाया गया कि प्रभु श्रीराम के आदेश पर हनुमान माता सीता की खोज में लंका पहुंचे। अशोक वाटिका में माता सीता का पता लगाने के बाद उन्होंने वाटिका उजाड़ दी। इस दौरान अक्षय कुमार, जम्बूमाली सहित कई राक्षसों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन हनुमान ने उनका संहार कर दिया। इसके बाद मेघनाथ ने ब्रह्मशक्ति का प्रयोग कर हनुमान को बंदी बनाया और रावण के दरबार में पेश किया। यहां हनुमान और रावण के बीच हुए संवाद ने दर्शकों को खूब रोमांचित किया।
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इसके बाद विभीषण के रावण से मतभेद और लंका से निष्कासन का प्रसंग दिखाया गया। रावण की ओर से देश निकाला दिए जाने के बाद विभीषण ने प्रभु श्रीराम की शरण ली और रामादल में शामिल हो गए। वहीं, लंका के गुप्तचर सुख और सारण वानर सेना की टोह लेते हुए पकड़े गए। इस पर लक्ष्मण ने उन्हें रावण के नाम पत्र देकर मुक्त कर दिया और वापस लंका भेज दिया।
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इसके बाद नल-नील की ओर से समुद्र पर सेतु निर्माण का दृश्य प्रस्तुत किया गया। दोनों ने पत्थरों से सेतु तैयार किया, जिसके माध्यम से रामादल की सेना लंका पहुंची। लंका पर चढ़ाई से पहले प्रभु श्रीराम ने रावण को समझाने के लिए अंगद को शांति दूत बनाकर भेजा। अंगद ने युद्ध टालने का प्रयास किया, लेकिन रावण ने उनकी बात मानने से इन्कार कर दिया। इसके साथ ही दोनों ओर से युद्ध का एलान हो गया। रावण और अंगद के बीच संवाद तथा दोनों कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया।
रामलीला के विभिन्न प्रसंगों में रविंद्र शर्मा, रोहित ठाकुर, हर्ष वनियाल, अमित ठाकुर, राकेश शर्मा, राकेश मोनू, मन्नत शर्मा, सुरेश पंडित, अजय शर्मा, अमित शर्मा, मोहित शर्मा, अथर्व भारद्वाज, सूर्यांश, दीपांश, अक्षु, ऋत्विक और विराज सहित अन्य कलाकारों ने अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं। कलाकारों के अभिनय और संवाद अदायगी ने सातवें दिन के मंचन को यादगार बना दिया।