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Bilaspur News: शिविर में 90 स्वयंसेवी शिक्षकों को दिया प्रशिक्षण
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-कन्या पाठशाला घुमारवीं में प्रशिक्षण शिविर का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या पाठशाला घुमारवीं में स्वयंसेवी अध्यापकों के प्रशिक्षण शिविर का शुक्रवार को समापन हो गया। शिविर में 90 स्वयंसेवी शिक्षकों को अशिक्षित को शिक्षित करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया।
शिविर का समापन सुनीता ने किया। जिला नोडल अधिकारी राकेश ठाकुर ने बताया कि 15 साल से अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों को समझने एवं विभिन्न विधियों और गतिविधियों से शिक्षण कार्य करवाने के लिए इन शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। सभी स्वयंसेवी शिक्षकों को आधारभूत संख्या, ज्ञान एवं साक्षरता प्रदान करने के तरीके बताए गए। असाक्षर वयस्कों को महत्वपूर्ण जीवन कौशलों जैसे डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, कानूनी साक्षरता, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी साक्षरता को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम को सरकार द्वारा उल्लास नामकरण से प्रचारित किया जा रहा है। उल्लास अर्थात समाज में सभी के लिए जीवन पर्यंत सीखने की समझ। उल्लास के माध्यम से असाक्षर लोगों के जीवन में शिक्षा का उजाला करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में सर्वे के माध्यम से चिन्हित किए गए 10,110 अशिक्षित लोगों को शिक्षित किया जाएगा। भारत सरकार के शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय द्वारा संचालित नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 1891 स्वयंसेवी शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस अवसर पर जिला अध्यापक प्रशिक्षण समन्वयक कुलदीप सिंह, मास्टर ट्रेनर ममता कुमारी और दीपक कौशल ने स्वयंसेवी अध्यापकों के साथ अपने विचार साझा किए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या पाठशाला घुमारवीं में स्वयंसेवी अध्यापकों के प्रशिक्षण शिविर का शुक्रवार को समापन हो गया। शिविर में 90 स्वयंसेवी शिक्षकों को अशिक्षित को शिक्षित करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया।
शिविर का समापन सुनीता ने किया। जिला नोडल अधिकारी राकेश ठाकुर ने बताया कि 15 साल से अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों को समझने एवं विभिन्न विधियों और गतिविधियों से शिक्षण कार्य करवाने के लिए इन शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। सभी स्वयंसेवी शिक्षकों को आधारभूत संख्या, ज्ञान एवं साक्षरता प्रदान करने के तरीके बताए गए। असाक्षर वयस्कों को महत्वपूर्ण जीवन कौशलों जैसे डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, कानूनी साक्षरता, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी साक्षरता को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम को सरकार द्वारा उल्लास नामकरण से प्रचारित किया जा रहा है। उल्लास अर्थात समाज में सभी के लिए जीवन पर्यंत सीखने की समझ। उल्लास के माध्यम से असाक्षर लोगों के जीवन में शिक्षा का उजाला करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में सर्वे के माध्यम से चिन्हित किए गए 10,110 अशिक्षित लोगों को शिक्षित किया जाएगा। भारत सरकार के शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय द्वारा संचालित नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 1891 स्वयंसेवी शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस अवसर पर जिला अध्यापक प्रशिक्षण समन्वयक कुलदीप सिंह, मास्टर ट्रेनर ममता कुमारी और दीपक कौशल ने स्वयंसेवी अध्यापकों के साथ अपने विचार साझा किए।
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