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Bilaspur News: उपायुक्त के परियोजना निदेशक मंडी को जांच कर तुरंत कार्रवाई की रिपोर्ट देने के निर्देश
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फोरलेन विस्थापित समिति की शिकायत के स्मरण पत्र पर की कार्रवाई
13 फरवरी के स्मरण पत्र में सड़क सुरक्षा मानकों, एनओसी को लेकर उठाए हैं सवाल
भूमि अधिग्रहण इकाई पर आवेदन निस्तारित कर पल्ला झाड़ने का आरोप
-मुख्यमंत्री सहित 16 अधिकारियों को भेजे गए थे पत्र और स्मरण पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपायुक्त बिलासपुर ने एनएचएआई के परियोजना निदेशक नागचला (मंडी) को शिकायत पत्र भेजकर इसकी जांच करने और आवश्यक कार्रवाई कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति की ओर से 13 फरवरी 2026 को भेजे गए स्मरण पत्र में सड़क सुरक्षा मानकों के अनुसार मौके पर मौजूद निजी होटल के अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), कथित अवैध कब्जे और अवैध निर्माण से जुड़े मामलों की जांच की मांग उठाई गई है। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण से जुड़े कई तकनीकी बिंदुओं पर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। समिति का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण विशेष इकाई ने 6 फरवरी 2026 को दिए गए जवाब में समिति के आवेदन और आरटीआई को निस्तारित कर दिया बताया है, जबकि मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई गई। समिति का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई का गठन प्रभावितों और विस्थापितों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने के उद्देश्य से किया गया है, लेकिन उनके आवेदन को निस्तारित कर मूल मुद्दों पर जवाब देने से बचने का प्रयास किया गया है।
12 जनवरी 2026 को कार्यालय से पांच प्रमुख बिंदुओं और दो उप बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी। इनमें फोरलेन इंतकालों के नक्शों में कई स्थानों पर करूकान विभाजित कर दर्ज न करने, मुसाबी के करूकान नक्शों में शामिल न होने और इससे राजस्व रिकॉर्ड पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था।
समिति ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि करूकान दर्ज न करने या विभाजित कर दर्ज न करने से राजस्व रिकॉर्ड पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, तो संबंधित विभागों को दुरुस्ती के लिए बाध्य क्यों किया जा रहा है। वहीं यदि इसका प्रभाव पड़ता है तो प्रभावितों और विस्थापितों को इसकी जानकारी देना जरूरी है। समिति के महासचिव की ओर से भेजे गए इस स्मरण पत्र की प्रतियां मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, फाइनेंस कमिश्नर (राजस्व), प्रधान सचिव (राजस्व) सहित कुल 16 अधिकारियों और संबंधित एसडीएम कार्यालयों को भी भेजी गई हैं। समिति ने यह भी कहा है कि जब तक उनके आवेदन में उठाए गए सभी बिंदुओं पर नियमानुसार जवाब नहीं दिया जाता, तब तक वे प्रतिदिन संबंधित विभागों और अधिकारियों को ज्ञापन भेजते रहेंगे। वहीं उपायुक्त कार्यालय की ओर से शिकायत को एनएचएआई को भेजकर जांच के निर्देश दिए जाने के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं।
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13 फरवरी के स्मरण पत्र में सड़क सुरक्षा मानकों, एनओसी को लेकर उठाए हैं सवाल
भूमि अधिग्रहण इकाई पर आवेदन निस्तारित कर पल्ला झाड़ने का आरोप
-मुख्यमंत्री सहित 16 अधिकारियों को भेजे गए थे पत्र और स्मरण पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपायुक्त बिलासपुर ने एनएचएआई के परियोजना निदेशक नागचला (मंडी) को शिकायत पत्र भेजकर इसकी जांच करने और आवश्यक कार्रवाई कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति की ओर से 13 फरवरी 2026 को भेजे गए स्मरण पत्र में सड़क सुरक्षा मानकों के अनुसार मौके पर मौजूद निजी होटल के अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), कथित अवैध कब्जे और अवैध निर्माण से जुड़े मामलों की जांच की मांग उठाई गई है। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण से जुड़े कई तकनीकी बिंदुओं पर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। समिति का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण विशेष इकाई ने 6 फरवरी 2026 को दिए गए जवाब में समिति के आवेदन और आरटीआई को निस्तारित कर दिया बताया है, जबकि मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई गई। समिति का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई का गठन प्रभावितों और विस्थापितों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने के उद्देश्य से किया गया है, लेकिन उनके आवेदन को निस्तारित कर मूल मुद्दों पर जवाब देने से बचने का प्रयास किया गया है।
12 जनवरी 2026 को कार्यालय से पांच प्रमुख बिंदुओं और दो उप बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी। इनमें फोरलेन इंतकालों के नक्शों में कई स्थानों पर करूकान विभाजित कर दर्ज न करने, मुसाबी के करूकान नक्शों में शामिल न होने और इससे राजस्व रिकॉर्ड पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था।
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समिति ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि करूकान दर्ज न करने या विभाजित कर दर्ज न करने से राजस्व रिकॉर्ड पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, तो संबंधित विभागों को दुरुस्ती के लिए बाध्य क्यों किया जा रहा है। वहीं यदि इसका प्रभाव पड़ता है तो प्रभावितों और विस्थापितों को इसकी जानकारी देना जरूरी है। समिति के महासचिव की ओर से भेजे गए इस स्मरण पत्र की प्रतियां मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, फाइनेंस कमिश्नर (राजस्व), प्रधान सचिव (राजस्व) सहित कुल 16 अधिकारियों और संबंधित एसडीएम कार्यालयों को भी भेजी गई हैं। समिति ने यह भी कहा है कि जब तक उनके आवेदन में उठाए गए सभी बिंदुओं पर नियमानुसार जवाब नहीं दिया जाता, तब तक वे प्रतिदिन संबंधित विभागों और अधिकारियों को ज्ञापन भेजते रहेंगे। वहीं उपायुक्त कार्यालय की ओर से शिकायत को एनएचएआई को भेजकर जांच के निर्देश दिए जाने के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं।
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