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Bilaspur News: कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन अनियमितता मामले में वन विभाग ने कसी नकेल

Sun, 05 Jul 2026 12:50 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2026 12:50 AM IST
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Forest Department cracks down on Kiratpur-Nerchowk four-lane project irregularities.
वन भूमि पर लगे आरसीसी पिलरों के सत्यापन की रिपोर्ट तलब, डीएफओ को तत्काल सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश
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डीआरओ के हस्तक्षेप के बाद तेज हुई कार्रवाई, लंबित जानकारी पर विभाग ने तय की जवाबदेही

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना में कथित अनियमितताओं की जांच अब तेज होती नजर आ रही है। परियोजना के लिए डायवर्ट की गई वन भूमि पर लगाए गए आरसीसी पिलरों के सत्यापन को लेकर वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। वन वृत्त बिलासपुर के अरण्यपाल ने वन मंडलाधिकारी बिलासपुर को तत्काल विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। स्पष्ट किया है कि सूचना उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की देरी के लिए संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।

वन विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना में डायवर्ट वन भूमि पर लगाए गए आरसीसी पिलरों के सत्यापन को लेकर विभागीय स्तर पर पहले भी कई बार पत्राचार किया जा चुका है। इसके बावजूद आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके चलते अब मामले में दोबारा सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। पत्र में उल्लेख किया गया है कि जिला राजस्व अधिकारी बिलासपुर ने आठ जून 2026 को पत्र संख्या 22722 और 21 जून 2026 को स्मरण पत्र जारी कर इस संबंध में आवश्यक सूचना उपलब्ध कराने को कहा था। इन पत्रों की प्रतिलिपि वन मंडलाधिकारी बिलासपुर को भी भेजी गई थी, लेकिन अब तक अपेक्षित रिपोर्ट वन वृत्त कार्यालय को नहीं मिली। अरण्यपाल ने डीएफओ बिलासपुर को निर्देश दिए हैं कि प्रार्थी की ओर से मांगी गई समस्त सूचना का सत्यापन कर बिना किसी विलंब के वन वृत्त कार्यालय भेजी जाए, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि सूचना भेजने में और देरी होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। वन विभाग ने इस पत्र की प्रतिलिपि फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल को भी सूचनार्थ भेजी है। इससे माना जा रहा है कि प्रभावित लोगों की ओर से उठाए गए मुद्दों और शिकायतों के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया को गति दी है। बताते चलें कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना में वन भूमि के उपयोग और आरसीसी पिलरों से जुड़े मामलों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। अब वन विभाग की ओर से सत्यापन रिपोर्ट तलब करने और जवाबदेही तय करने के निर्देशों के बाद इस मामले में जांच और आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
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