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Bilaspur News: चैत्र मेलो के दौरान पहली बार रात को बंद रहेंगे शाहतलाई मंदिर के कपाट
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चैत्र मेलों के लिए बिलासपुर के शाहतलाई में बाबा बालक नाथ का सजाया गया भव्य मंदिर। संवाद
शाहतलाई (बिलासपुर)। चैत्र मेलो के दौरान पहली बार श्री सिद्ध बाबा बालक नाथ तपोस्थली मंदिर शाहतलाई के कपाट रात को बंद रहेंगे। मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक पूरे चैत्र मेलों में बंद रखा जाएगा। इससे पहले हर साल चैत्र मेलो में मंदिर को 24 घंटे खुला रखा जाता था।
इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मेला क्षेत्र में 100 पुलिस जवान और 80 होमगार्ड तैनात किए गए हैं। उतर भारत के सबसे लंबे चलने वाले चैत्र मेले का आगाज मंगलवार को मंदिर में झंडा रस्म के साथ होगा। न्यास ने मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया है। चैत्र संक्रांति के अवसर पर बाबा बालक नाथ जी के अखंड धुणे में पुजारी मंत्रोच्चारण और शंख ध्वनि के बीच हवन में पूर्णाहुति डालेंगे। उस के बाद प्राचीन समय से चली आ रही परंपरा को निभाते हुए मंत्रोच्चारण के साथ झंडा रस्म अदा की जाती है। हर वर्ष चैत्र संक्रांति को बाबा बालक नाथ जी का झंडा चढ़ाया जाता है और इसी के साथ चैत्र मास के एक माह तक चलने वाले चैत्र मेले का शुभारंभ होता है।
मंत्रोच्चारण के साथ कन्या पूजन के बाद बाबा बालक नाथ जी का प्रसाद बांटा जाता है। मंदिर सरकार के अधीन आने पर मेला प्रशासक एवं मंदिर न्यास अधिकारी इस परंपरा को निभाते हैं जबकि पहले मंदिर के महंत स्वयं इस परंपरा को निभाते आ रहे थे। तपोस्थली मंदिर की सजावट बाबा जी की तपोस्थली पर आने वाले श्रद्धालुओं का मन मोहित करने के लिए सजकर तैयार बैठी है। उधर, सोमवार को मेला प्रबंधों को लेकर हुई बैठक हुई। मंदिर प्रभारी विजय ठाकुर ने बताया कि मंदिर न्यास ने मेलों की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
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इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मेला क्षेत्र में 100 पुलिस जवान और 80 होमगार्ड तैनात किए गए हैं। उतर भारत के सबसे लंबे चलने वाले चैत्र मेले का आगाज मंगलवार को मंदिर में झंडा रस्म के साथ होगा। न्यास ने मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया है। चैत्र संक्रांति के अवसर पर बाबा बालक नाथ जी के अखंड धुणे में पुजारी मंत्रोच्चारण और शंख ध्वनि के बीच हवन में पूर्णाहुति डालेंगे। उस के बाद प्राचीन समय से चली आ रही परंपरा को निभाते हुए मंत्रोच्चारण के साथ झंडा रस्म अदा की जाती है। हर वर्ष चैत्र संक्रांति को बाबा बालक नाथ जी का झंडा चढ़ाया जाता है और इसी के साथ चैत्र मास के एक माह तक चलने वाले चैत्र मेले का शुभारंभ होता है।
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मंत्रोच्चारण के साथ कन्या पूजन के बाद बाबा बालक नाथ जी का प्रसाद बांटा जाता है। मंदिर सरकार के अधीन आने पर मेला प्रशासक एवं मंदिर न्यास अधिकारी इस परंपरा को निभाते हैं जबकि पहले मंदिर के महंत स्वयं इस परंपरा को निभाते आ रहे थे। तपोस्थली मंदिर की सजावट बाबा जी की तपोस्थली पर आने वाले श्रद्धालुओं का मन मोहित करने के लिए सजकर तैयार बैठी है। उधर, सोमवार को मेला प्रबंधों को लेकर हुई बैठक हुई। मंदिर प्रभारी विजय ठाकुर ने बताया कि मंदिर न्यास ने मेलों की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
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