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Bilaspur News: होटल-ढाबों में घरेलू सिलिंडरों से बन रहा खाना
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होटलों-ढाबों में घरेलू सिलेंडरों के उपयोग
संशोधित खबर
भराड़ी क्षेत्र की दुकानों में खुलेआम हो रहा इस्तेमाल
लोगों ने प्रशासन से उठाई कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। उप तहसील भराड़ी के तहत घरेलू रसोई गैस सिलिंडरों के कथित दुरुपयोग और कालाबाजारी को लेकर क्षेत्र में गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। जहां आम उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलिंडर प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर होटलों, ढाबों और चाय की दुकानों में घरेलू गैस सिलेंडरों का खुलेआम उपयोग किया जा रहा है। इससे गैस वितरण व्यवस्था और निजी गैस संचालकों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
लोगों का कहना है कि घरेलू गैस सिलिंडर केवल घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित होते हैं, जबकि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए अलग से कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की व्यवस्था होती है। इसके बावजूद क्षेत्र के कई ढाबों, होटलों और चाय की दुकानों में घरेलू सिलिंडर उपयोग में लाए जा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि यह सब गैस वितरण प्रणाली में मौजूद खामियों के कारण संभव हो रहा है।
दधोल, डंगार, बरोटा, बाड़ा दा घाट , हरितल्यांगर सहित आसपास के कई क्षेत्रों के ढाबों और छोटे-बड़े होटलों में घरेलू गैस सिलिंडर नियमित रूप से इस्तेमाल किए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि इन प्रतिष्ठानों में अक्सर गैस वितरण वाहनों को सिलिंडर उतारते हुए देखा जा सकता है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब आम उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे, तो व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक घरेलू सिलेंडरों की लगातार आपूर्ति कैसे हो रही है।
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क्षेत्र के कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि गैस बुक करवाने के बाद उन्हें सिलिंडर मिलने में कई-कई सप्ताह लग जाते हैं। लोगों का कहना है कि गैस एजेंसियों की ओर से 40 से 45 दिन तक प्रतीक्षा करने की बात कही जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं को तो और भी अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार उन्हें बार-बार एजेंसी के चक्कर काटने पड़ते हैं, लेकिन फिर भी समय पर गैस उपलब्ध नहीं हो पाती। लोगों का कहना है कि यदि किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान में घरेलू सिलिंडर पाए जाते हैं तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए घरेलू गैस सिलिंडरों का उपयोग गलत है। यदि इस प्रकार का मामला सामने आता है तो संबंधित विभाग इस पर कार्रवाई करेगा। जल्द ही विभाग को क्षेत्र में छापेमारी के निर्देश दिए जाएंगे ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई हो।
गौरव चौधरी, एसडीएम घुमारवीं
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भराड़ी क्षेत्र की दुकानों में खुलेआम हो रहा इस्तेमाल
लोगों ने प्रशासन से उठाई कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। उप तहसील भराड़ी के तहत घरेलू रसोई गैस सिलिंडरों के कथित दुरुपयोग और कालाबाजारी को लेकर क्षेत्र में गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। जहां आम उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलिंडर प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर होटलों, ढाबों और चाय की दुकानों में घरेलू गैस सिलेंडरों का खुलेआम उपयोग किया जा रहा है। इससे गैस वितरण व्यवस्था और निजी गैस संचालकों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
लोगों का कहना है कि घरेलू गैस सिलिंडर केवल घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित होते हैं, जबकि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए अलग से कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की व्यवस्था होती है। इसके बावजूद क्षेत्र के कई ढाबों, होटलों और चाय की दुकानों में घरेलू सिलिंडर उपयोग में लाए जा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि यह सब गैस वितरण प्रणाली में मौजूद खामियों के कारण संभव हो रहा है।
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दधोल, डंगार, बरोटा, बाड़ा दा घाट , हरितल्यांगर सहित आसपास के कई क्षेत्रों के ढाबों और छोटे-बड़े होटलों में घरेलू गैस सिलिंडर नियमित रूप से इस्तेमाल किए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि इन प्रतिष्ठानों में अक्सर गैस वितरण वाहनों को सिलिंडर उतारते हुए देखा जा सकता है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब आम उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे, तो व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक घरेलू सिलेंडरों की लगातार आपूर्ति कैसे हो रही है।
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क्षेत्र के कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि गैस बुक करवाने के बाद उन्हें सिलिंडर मिलने में कई-कई सप्ताह लग जाते हैं। लोगों का कहना है कि गैस एजेंसियों की ओर से 40 से 45 दिन तक प्रतीक्षा करने की बात कही जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं को तो और भी अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार उन्हें बार-बार एजेंसी के चक्कर काटने पड़ते हैं, लेकिन फिर भी समय पर गैस उपलब्ध नहीं हो पाती। लोगों का कहना है कि यदि किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान में घरेलू सिलिंडर पाए जाते हैं तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए घरेलू गैस सिलिंडरों का उपयोग गलत है। यदि इस प्रकार का मामला सामने आता है तो संबंधित विभाग इस पर कार्रवाई करेगा। जल्द ही विभाग को क्षेत्र में छापेमारी के निर्देश दिए जाएंगे ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई हो।
गौरव चौधरी, एसडीएम घुमारवीं