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एनएचएआई ने जमा की 1.83 करोड़ की जुर्माना राशि
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बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन में स्वारघाट के कैंचीमोड़ से सुंदरनगर के भवाणा तक ग्रीन फील्ड के निर्माण कार्य को शुरू करने के लिए एनएचएआई ने सभी औपचारिकताएं व शर्तें पूरी कर ली है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने क्षेत्रीय प्राधिकार जांच कमेटी की तय शर्तों को पूरा कर वन विभाग को फाइल सौंप दी है। वहीं मुख्य संरक्षक वन विभाग बिलासपुर ने फाइल राज्य सरकार को भेज दी है। ताकि उक्त फोरलेन में ग्रीन फील्ड का निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।
एनएचएआई ने केंद्र की मंजूरी लिए बिना फोरलेन की मंजूर रोड अलाइनमेंट प्लान में बदलाव किया था। वहीं कुछ अन्य अनियमितताओं को लेकर वन विभाग ने एनएचएआई को 1.83 करोड़ के करीब जुर्माना लगाया था, जिसे एनएचएआई ने विभाग के पास जमा करवा दिया है। बताते चलें कि पर्यावरण मंत्रालय की ओर से गठित क्षेत्रीय प्राधिकार जांच कमेटी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन का ग्रीन फील्ड में निर्माण करने की जून माह में सशर्त अनुमति दी थी। कार्य शुरू करने के लिए एनएचएआई को कमेटी की पांच शर्तों को पूरा करना है। इन्हें पूरा किए बिना इस कार्य को शुरू करने की सैद्धांतिक मंजूरी नहीं होगी।
क्षेत्रीय प्राधिकार जांच कमेटी (आरईसी) ने कीरतपुर नेरचौक परियोजना पर संज्ञान लेते हुए कहा था कि साल 2014 से अब तक इस फोरलेन में जो भी बदलाव कार्य हुए हैं, एनएचएआई को उन्हें वेबसाइट पर डालने, इस परियोजना में जो भी बदलाव हुए हैं यह अंतिम हैं इसका एक प्रमाण पत्र राज्य सरकार को कमेटी और पर्यावरण मंत्रालय को सौंपने के आदेश हुए थे। वहीं कमेटी की एक शर्त यह भी है कि यदि इसके बाद इस रूट में किसी बदलाव की संभावना होगी तो जो भी कार्य हुआ है, इसे निरस्त समझा जाएगा। वहीं, राज्य सरकार को बदलाव से संबंधित नई रिपोर्ट मंत्रालय में दाखिल करनी होगी। मुख्य संरक्षक वन विभाग बिलासपुर अनिल शर्मा ने बताया कि एनएचएआई ने वन विभाग से जुड़ी शर्तें पूरी कर जुर्माना की राशि 1.83 करोड़ जमा करवा दी है। वन विभाग ने फाइल तैयार कर राज्य सरकार को भेजी थी। अब मामले की फाइल केंद्र सरकार को गई है। वन विभाग ने अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली है। आगामी कार्रवाई पर्यावरण मंत्रालय के स्तर से होगी।
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एनएचएआई ने केंद्र की मंजूरी लिए बिना फोरलेन की मंजूर रोड अलाइनमेंट प्लान में बदलाव किया था। वहीं कुछ अन्य अनियमितताओं को लेकर वन विभाग ने एनएचएआई को 1.83 करोड़ के करीब जुर्माना लगाया था, जिसे एनएचएआई ने विभाग के पास जमा करवा दिया है। बताते चलें कि पर्यावरण मंत्रालय की ओर से गठित क्षेत्रीय प्राधिकार जांच कमेटी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन का ग्रीन फील्ड में निर्माण करने की जून माह में सशर्त अनुमति दी थी। कार्य शुरू करने के लिए एनएचएआई को कमेटी की पांच शर्तों को पूरा करना है। इन्हें पूरा किए बिना इस कार्य को शुरू करने की सैद्धांतिक मंजूरी नहीं होगी।
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क्षेत्रीय प्राधिकार जांच कमेटी (आरईसी) ने कीरतपुर नेरचौक परियोजना पर संज्ञान लेते हुए कहा था कि साल 2014 से अब तक इस फोरलेन में जो भी बदलाव कार्य हुए हैं, एनएचएआई को उन्हें वेबसाइट पर डालने, इस परियोजना में जो भी बदलाव हुए हैं यह अंतिम हैं इसका एक प्रमाण पत्र राज्य सरकार को कमेटी और पर्यावरण मंत्रालय को सौंपने के आदेश हुए थे। वहीं कमेटी की एक शर्त यह भी है कि यदि इसके बाद इस रूट में किसी बदलाव की संभावना होगी तो जो भी कार्य हुआ है, इसे निरस्त समझा जाएगा। वहीं, राज्य सरकार को बदलाव से संबंधित नई रिपोर्ट मंत्रालय में दाखिल करनी होगी। मुख्य संरक्षक वन विभाग बिलासपुर अनिल शर्मा ने बताया कि एनएचएआई ने वन विभाग से जुड़ी शर्तें पूरी कर जुर्माना की राशि 1.83 करोड़ जमा करवा दी है। वन विभाग ने फाइल तैयार कर राज्य सरकार को भेजी थी। अब मामले की फाइल केंद्र सरकार को गई है। वन विभाग ने अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली है। आगामी कार्रवाई पर्यावरण मंत्रालय के स्तर से होगी।
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