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लोकमित्र संचालक प्रमाणपत्र बनाने की वसूल रहे दोगुनी फीस
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घुमारवीं(बिलासपुर)। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के तहत पड़ने वाले अनेक लोकमित्र केंद्रों में कोरोना बीमारी के चलते राजस्व विभाग से संबंधित आय प्रमाणपत्र, पिछड़ा क्षेत्र प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, चरित्र प्रमाणपत्र, अल्पसंख्यक प्रमाणपत्र आदि बनाए जा रहे हैं। आय प्रमाणपत्रों को बनाने के लिए लोक मित्र केंद्र को सरकार की ओर से रेट लिस्ट भी बाकायदा जारी की गई है लेकिन लोक मित्र केंद्र में सरेआम लूट की जा रही है।
जानकारी के अनुसार एक प्रमाणपत्र को बनाने के लिए सौ रुपये के स्थान पर 120 से 200 रुपये वसूले जा रहे हैं। चिन्हित विभागों में नौकरी के लिए प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा एडमिशन के लिए भी प्रमाणपत्र आदि की आवश्यकता पड़ रही है। इस संबंध में कुलदीप, पवन, सुनील, विजय, जितेंद्र, वीरेंद्र, श्याम, अनूप, सुरेंद्र ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते मजबूरी में लोक मित्र केंद्र में प्रमाणपत्र बनवाने पड़ रहे हैं। जहां पर 120 से लेकर 200 रुपये तक फीस वसूली जा रही है जो कि सरेआम लूट है। भ्रष्टाचार को ऐसे कारनामों से बढ़ावा मिल रहा है। इस बारे में नायब तहसीलदार कलोल रमेश चंद ने बताया कि उनके पास इस संबंध में तीन शिकायतें पहुंची हैं। लोक मित्र केंद्र संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। लोगों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तथा सरकार से मांग की है कि तहसील कार्यालय में ही प्रमाणपत्र बनाए जाएं।
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जानकारी के अनुसार एक प्रमाणपत्र को बनाने के लिए सौ रुपये के स्थान पर 120 से 200 रुपये वसूले जा रहे हैं। चिन्हित विभागों में नौकरी के लिए प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा एडमिशन के लिए भी प्रमाणपत्र आदि की आवश्यकता पड़ रही है। इस संबंध में कुलदीप, पवन, सुनील, विजय, जितेंद्र, वीरेंद्र, श्याम, अनूप, सुरेंद्र ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते मजबूरी में लोक मित्र केंद्र में प्रमाणपत्र बनवाने पड़ रहे हैं। जहां पर 120 से लेकर 200 रुपये तक फीस वसूली जा रही है जो कि सरेआम लूट है। भ्रष्टाचार को ऐसे कारनामों से बढ़ावा मिल रहा है। इस बारे में नायब तहसीलदार कलोल रमेश चंद ने बताया कि उनके पास इस संबंध में तीन शिकायतें पहुंची हैं। लोक मित्र केंद्र संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। लोगों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तथा सरकार से मांग की है कि तहसील कार्यालय में ही प्रमाणपत्र बनाए जाएं।
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