{"_id":"5f2c53358ebc3eaad4474cf6","slug":"farmers-will-not-get-compensation-for-shock-maize-crop-destroyed-in-rain-bilaspur-news-sml340886527","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला में अभी तक बरसात से तबाह हुई मक्की की 10 फीसदी फसल: डॉ.पटियाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला में अभी तक बरसात से तबाह हुई मक्की की 10 फीसदी फसल: डॉ.पटियाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसानों को झटका, बारिश में तबाह मक्की की फसल का नहीं मिलेगा मुआवजा
कृषि विभाग का तर्क जिले में 30 प्रतिशत मक्की फसल के नुकसान पर दी जाती है आर्थिक मदद
बीते माह में हुई भारी बारिश एवं तूफान से बिलासपुर, झंडूता में तबाह हुई मक्की की 10 फीसदी फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/झंडूता। जिले में मक्की की खेती करने वाले किसानों को भारी बारिश और तूफान की तबाही के बीच कृषि विभाग से बड़ा झटका लगा है। आंकड़ों के अनुसार मक्की की फसल का नुकसान जनपद में महज 10 फीसदी है। ऐसे में विभाग का तर्क है कि जिले में अभी इतनी बारिश नहीं हुई है कि मक्की की फसल को भारी नुकसान पहुंचे। ऐसे में पूरे जिले में इनकी 30 प्रतिशत की क्षति होने पर ही विभागीय अथवा सरकार स्तर से ही क्षतिपूर्ति का मुआवजा दिया जाता है। उधर, मक्की की तबाही से परेशान किसानों को कृषि विभाग का तर्क गले नहीं उतर रहा है।
दरअसल, सदर विस क्षेत्र के जामली और झंडूता विस क्षेत्र में बीते दिन क्षेत्र में आए तूफान से मक्की की फसल को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर तूफान से किसानों के खेतों में लहरा रही मक्की बर्बाद हो गई है। तूफान के कारण मक्की के पौधों के टुकड़े हो गए। जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
कई स्थानों में मक्की के पौधों में फल लगने शुरू हो गए थे। वहां तूफान का कम असर पड़ा। लेकिन जहां पर फल लगने में देरी थी। वहां पर तूफान का खूब कहर बरपा। क्षेत्र के किसानों सुनील, भूरी सिंह ठाकुर, श्याम सिंह, राजेश कुमार, प्रकाश चंद, नीतीश, सुरेश कुमार, दिनेश कुमार, राकेश कुमार, नीरज, राजेंद्र, ओंकार सिंह सहित अन्य कसिानों ने बताया कि तूफ ान से मक्की की फ सल को नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ.कुलदीप पटियाल ने बताया कि अभी तक जिला में मक्की की फसल का सिर्फ 10 प्रतिशत ही नुकसान हुआ है। वहीं जब यह आंकड़ा 30 प्रतिशत तक पहुंचेगा उसके बाद विभाग किसानों के लिए आगामी कार्रवाई करेगी। ताकि किसानोरं को होने वाले नुकसान के लिए कुछ राहत प्रदान की जा सके।
विज्ञापन
कृषि विभाग का तर्क जिले में 30 प्रतिशत मक्की फसल के नुकसान पर दी जाती है आर्थिक मदद
बीते माह में हुई भारी बारिश एवं तूफान से बिलासपुर, झंडूता में तबाह हुई मक्की की 10 फीसदी फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/झंडूता। जिले में मक्की की खेती करने वाले किसानों को भारी बारिश और तूफान की तबाही के बीच कृषि विभाग से बड़ा झटका लगा है। आंकड़ों के अनुसार मक्की की फसल का नुकसान जनपद में महज 10 फीसदी है। ऐसे में विभाग का तर्क है कि जिले में अभी इतनी बारिश नहीं हुई है कि मक्की की फसल को भारी नुकसान पहुंचे। ऐसे में पूरे जिले में इनकी 30 प्रतिशत की क्षति होने पर ही विभागीय अथवा सरकार स्तर से ही क्षतिपूर्ति का मुआवजा दिया जाता है। उधर, मक्की की तबाही से परेशान किसानों को कृषि विभाग का तर्क गले नहीं उतर रहा है।
दरअसल, सदर विस क्षेत्र के जामली और झंडूता विस क्षेत्र में बीते दिन क्षेत्र में आए तूफान से मक्की की फसल को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर तूफान से किसानों के खेतों में लहरा रही मक्की बर्बाद हो गई है। तूफान के कारण मक्की के पौधों के टुकड़े हो गए। जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
विज्ञापन
कई स्थानों में मक्की के पौधों में फल लगने शुरू हो गए थे। वहां तूफान का कम असर पड़ा। लेकिन जहां पर फल लगने में देरी थी। वहां पर तूफान का खूब कहर बरपा। क्षेत्र के किसानों सुनील, भूरी सिंह ठाकुर, श्याम सिंह, राजेश कुमार, प्रकाश चंद, नीतीश, सुरेश कुमार, दिनेश कुमार, राकेश कुमार, नीरज, राजेंद्र, ओंकार सिंह सहित अन्य कसिानों ने बताया कि तूफ ान से मक्की की फ सल को नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ.कुलदीप पटियाल ने बताया कि अभी तक जिला में मक्की की फसल का सिर्फ 10 प्रतिशत ही नुकसान हुआ है। वहीं जब यह आंकड़ा 30 प्रतिशत तक पहुंचेगा उसके बाद विभाग किसानों के लिए आगामी कार्रवाई करेगी। ताकि किसानोरं को होने वाले नुकसान के लिए कुछ राहत प्रदान की जा सके।