{"_id":"695271de0fe1860363081148","slug":"farmers-are-suffering-due-to-lack-of-budget-it-is-difficult-to-save-crops-from-animals-bilaspur-news-c-92-1-bls1001-151134-2025-12-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: बजट की कमी से किसान बेहाल, जानवरों से फसल बचाना मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: बजट की कमी से किसान बेहाल, जानवरों से फसल बचाना मुश्किल
Mon, 29 Dec 2025 11:48 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 29 Dec 2025 11:48 PM IST
विज्ञापन
जुखाला में फसलों के बचाव के लिए बाड़बंदी करता किसान। संवाद
बंदर, जंगली सुअर और बेसहारा गोवंश से तबाह हो रही खेती
सोलर फेंसिंग के आवेदन अटके, बजट आने के बाद ही होगा कार्य काम
गोपाल शर्मा
जुखाला (बिलासपुर)। जिले के जुखाला क्षेत्र सहित दांवीं घाटी में बजट के अभाव के चलते किसानों के लिए अपनी फसलों को जंगली जानवरों से बचाना बड़ी चुनौती बन गया है। दिन में बंदर खेतों में फसलों को उजाड़ रहे हैं, जबकि रात के समय जंगली सुअर और बेसहारा गोवंश किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं।
जिले में करीब 32 हजार हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है, जिसमें से केवल 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ही सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, जबकि 27 हजार हेक्टेयर क्षेत्र असिंचित है। जिले में 57,522 किसान परिवार खेती-बाड़ी से जुड़े हुए हैं, लेकिन जंगली जानवरों और बेसहारा गोवंश से फसलों की सुरक्षा उनके लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। दांवीं घाटी की जुखाला, स्याहोला, कोटला, निहारखन और बासला पंचायतों के सैकड़ों किसान जंगली जानवरों की समस्या से परेशान हैं। किसानों का कहना है कि सभी राजनीतिक दल किसानों की आय बढ़ाने की बात तो करते हैं, लेकिन बंदरों, जंगली सुअरों और बेसहारा गोवंश से फसलों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। कई किसानों ने सोलर फेंसिंग और कांटेदार तार लगाने के लिए कृषि विभाग में आवेदन किए हैं, लेकिन बजट के अभाव में अभी तक इन आवेदनों को मंजूरी नहीं मिल पाई है। जिले में अब तक 2400 मीटर जालीदार तार, 4200 मीटर कांटेदार तार और 15 हजार मीटर सोलर फेंसिंग ही लगाई जा सकी है। कृषि विभाग के अनुसार पिछले वर्ष विभाग को 95 लाख रुपये का बजट प्राप्त हुआ था, लेकिन अभी भी सोलर फेंसिंग और कांटेदार तार लगाने वाली कंपनियों का करीब एक करोड़ रुपये बकाया है। बकाया भुगतान न होने के कारण कंपनियां नए कार्य में कोई दिलचस्पी नहीं ले रही हैं। किसान रति राम शर्मा, विजय कुमार, नत्थू राम, हेमराज और देवराज सहित अन्य किसानों ने मांग की है कि बेसहारा गोवंश को गोशालाओं में रखा जाए और सोलर फेंसिंग व कांटेदार तार के लिए जल्द बजट जारी किया जाए। किसानों ने कृषि विभाग की वेबसाइट Agridvt.com पर आवेदन कर रखे हैं। संवाद
कोट
कृषि उपनिदेशक प्रेम ठाकुर ने बताया कि किसान विभाग की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। बजट उपलब्ध होने के बाद ही सोलर फेंसिंग और कांटेदार तार लगाने के लिए आवेदनों को मंजूरी दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोलर फेंसिंग के आवेदन अटके, बजट आने के बाद ही होगा कार्य काम
गोपाल शर्मा
जुखाला (बिलासपुर)। जिले के जुखाला क्षेत्र सहित दांवीं घाटी में बजट के अभाव के चलते किसानों के लिए अपनी फसलों को जंगली जानवरों से बचाना बड़ी चुनौती बन गया है। दिन में बंदर खेतों में फसलों को उजाड़ रहे हैं, जबकि रात के समय जंगली सुअर और बेसहारा गोवंश किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं।
जिले में करीब 32 हजार हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है, जिसमें से केवल 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ही सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, जबकि 27 हजार हेक्टेयर क्षेत्र असिंचित है। जिले में 57,522 किसान परिवार खेती-बाड़ी से जुड़े हुए हैं, लेकिन जंगली जानवरों और बेसहारा गोवंश से फसलों की सुरक्षा उनके लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। दांवीं घाटी की जुखाला, स्याहोला, कोटला, निहारखन और बासला पंचायतों के सैकड़ों किसान जंगली जानवरों की समस्या से परेशान हैं। किसानों का कहना है कि सभी राजनीतिक दल किसानों की आय बढ़ाने की बात तो करते हैं, लेकिन बंदरों, जंगली सुअरों और बेसहारा गोवंश से फसलों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। कई किसानों ने सोलर फेंसिंग और कांटेदार तार लगाने के लिए कृषि विभाग में आवेदन किए हैं, लेकिन बजट के अभाव में अभी तक इन आवेदनों को मंजूरी नहीं मिल पाई है। जिले में अब तक 2400 मीटर जालीदार तार, 4200 मीटर कांटेदार तार और 15 हजार मीटर सोलर फेंसिंग ही लगाई जा सकी है। कृषि विभाग के अनुसार पिछले वर्ष विभाग को 95 लाख रुपये का बजट प्राप्त हुआ था, लेकिन अभी भी सोलर फेंसिंग और कांटेदार तार लगाने वाली कंपनियों का करीब एक करोड़ रुपये बकाया है। बकाया भुगतान न होने के कारण कंपनियां नए कार्य में कोई दिलचस्पी नहीं ले रही हैं। किसान रति राम शर्मा, विजय कुमार, नत्थू राम, हेमराज और देवराज सहित अन्य किसानों ने मांग की है कि बेसहारा गोवंश को गोशालाओं में रखा जाए और सोलर फेंसिंग व कांटेदार तार के लिए जल्द बजट जारी किया जाए। किसानों ने कृषि विभाग की वेबसाइट Agridvt.com पर आवेदन कर रखे हैं। संवाद
विज्ञापन
कोट
कृषि उपनिदेशक प्रेम ठाकुर ने बताया कि किसान विभाग की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। बजट उपलब्ध होने के बाद ही सोलर फेंसिंग और कांटेदार तार लगाने के लिए आवेदनों को मंजूरी दी जाएगी।
विज्ञापन