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Bilaspur News: कड़ाके की सर्दी में रात में जागकर खेतों की रखवाली कर रहे किसान

Fri, 22 Dec 2023 11:10 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Dec 2023 11:10 PM IST
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Farmers are guarding the fields by staying awake at night in the harsh winter.
ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं की फसल को चट कर रहे लावारिस पशु
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- तारबंदी को उखाड़ कर खेतों में घुस रहे, रात को पड़ रहे भगाने
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। कड़ाके की सर्दी में रातभर जागकर किसान फसलों की रखवाली कर रहे हैं। हाथ में लाठी और टार्च लेकर खेत पर डेरा जमाए इन किसानों की रात दर्दभरी है। पारा इन दिनों रात के समय पांच डिग्री सेल्सियस के नीचे आ जा रहा है। लावारिस मवेशी कहीं जरा सी लापरवाही में उनकी फसल न चट कर दें यह भय उन्हें सताता रहता है। इसी वजह से किसान रात में फसलों की पहरेदारी करने को मजबूर हैं। ग्रामीण फसल की सुरक्षा के लिए तारबंदी भी कर रहे हैं, लेकिन लावारिस मवेशी इन तारों को उखाड़ कर भी खेतों में घुस जा रहे हैं।
जिले में करीब 350 गोवंश सड़क पर लावारिस घूम रहे हैं। यह लावारिस पशु किसानों के लिए सिरदर्द बन चुके हैं। इन दिनों खेतों में गेहूं की हरी पौध है। इसे देखकर लावारिस पशु खेतों में घुस रहे हैं। किसानों ने सरकार से नुकसान का मुआवजा देने और लावारिस पशुओं से निजात दिलाने के लिए विशेष योजना बनाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि चुनावों के समय लावारिस पशुओं के मुद्दे को बड़े जोर-शोर से उठाकर इस समस्या का हल करने की बातें की जाती हैं, लेकिन धरातल पर देखा जाए तो हर कस्बे और सड़क पर लावारिस गोवंश घूम रहा हैं। उधर, पशुपालन विभाग के अनुसार अब तक 1500 के करीब लावारिस गोवंशों को सड़कों से हटाकर गोशालाओं में पहुंचाया गया है, लेकिन अभी भी करीब 350 पशु लावारिस घूम रहे हैं, जिन्हें गोशालाओं में पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। बल्हसिंणा, बलघाड़, धारटटोह, लेहरी बरोटा, कुठेड़ा, टाली, पडयालग, जुखाला, बरमाणा, बिलासपुर, चांदपुर, शाहतलाई, रानीकोटला, करयालग गोशालाएं हैं, जिन्हें हर माह करीब 9.80 लाख रुपये की राशि सरकार की ओर से दी जा रही है, लेकिन फिर भी लावारिस गोवंश की समस्या खत्म नहीं हो रही है।
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इनसेट
लावारिस पशु गेहूं की फसल को बर्वाद कर रहे हैं। रात भर जागकर खेतों से लावारिस पशुओं को भगाना पड़ता है। यह पशु हिंसक भी हो रहे हैं। इसका समाधान सरकार को करना चाहिए।
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-बुद्धि राम, गांव दधोल कलां

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लावारिस पशु गेहूं की फसल को बर्बाद कर रहे हैं। फसल को बचाने के लिए खेतों के चारों तरफ तारबंदी की है, लेकिन फिर भी लावारिस पशु झुंडों में आकर तारबंदी को तोड़ देते हैं।
- प्रकाश चंद

इनसेट
जिले में लावारिस पशुओं की समस्या बढ़ती जा रही है। फसलें बर्बाद हो रही हैं। खाद, बीज पर पैसा खर्च करके फसलों की बुवाई की है, लेकिन लावारिस पशु सब बर्बाद कर रहे हैं।
- निर्मला देवी

इनसेट
सड़कों पर लावारिस पशुओं की भरमार हो गई है। यह हादसे का कारण भी बन रहे हैं। सरकार इस समस्या के समाधान के लिए योजना बनाए अन्यथा यह समस्या विकराल हो जाएगी।

- विपिन भारद्वाज

कोट्
लावारिश पशुओं को गोशाला में रखने का कार्य किया जा रहा है। अभी यह कार्य बिलासपुर शहर में किया जा रहा है। इसके बाद अन्य क्षेत्रों में भी कार्य किया जाएगा।
- डॉ. विनोद कुंडी, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, बिलासपुर
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