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Bilaspur News: तकनीकी खामी से अटकी फार्मर आईडी, किसान परेशान
Thu, 22 Oct 2026 12:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 22 Oct 2026 12:03 AM IST
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जिले के 58 हजार किसान परिवारों से जुड़ी है प्रक्रिया
लोक मित्र केंद्रों में आवेदन के बाद तहसीलदार कार्यालयों से नहीं मिल रहा अनुमोदन
आईडी नहीं बनने से इससे जुड़ी सरकारी सेवाओं, योजनाओं की प्रक्रिया में आ सकती है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में तकनीकी खामी के कारण किसानों की फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। लोक मित्र केंद्रों में ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद कई किसानों को तहसीलदार कार्यालयों से मंजूरी नहीं मिल पा रही है। इससे आवेदन लंबित हैं और किसान आईडी बनने का इंतजार कर रहे हैं। जिले में करीब 58 हजार किसान परिवार हैं। ऐसे में समस्या का जल्द समाधान जरूरी है।
बरमाणा वार्ड के जिला परिषद सदस्य अशोक कुमार ने यह मामला उठाते हुए बताया कि कई किसान उन्हें फोन कर आवेदन लंबित होने की शिकायत कर रहे हैं। लोक मित्र केंद्रों में आवेदन करने के बाद भी अनुमोदन नहीं मिलने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है।
कुछ पटवार सर्किलों से जुड़ी तकनीकी खामियों के कारण अनुमोदन प्रक्रिया प्रभावित हुई है। अधिकारियों ने इस समस्या को प्रदेश स्तर पर उठाया है और उच्च कार्यालयों के माध्यम से समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद जताई गई है कि तकनीकी खामी दूर होने के बाद लंबित आवेदनों पर कार्रवाई में तेजी आएगी।
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फार्मर आईडी किसानों की पहचान और कृषि संबंधी जानकारी को डिजिटल रूप में दर्ज करने की व्यवस्था है। इसके माध्यम से कृषि सेवाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाना है। जिन योजनाओं में फार्मर आईडी अनिवार्य है, उनमें आईडी लंबित होने से किसानों को परेशानी हो सकती है। हालांकि, आईडी न बनने से किसान सम्मान निधि या अन्य योजनाओं की किस्त अपने आप रुक जाएगी, ऐसा नहीं कहा जा सकता। इसका असर संबंधित योजना के नियमों और पात्रता पर निर्भर करता है।
कोट
एसडीएम सदर राजकुमार ने बताया कि कुछ पटवार सर्किलों में तकनीकी समस्या के कारण फार्मर आईडी के अनुमोदन में दिक्कत आ रही है। मामला प्रदेश स्तर पर उठाया गया है और उच्च कार्यालयों के माध्यम से भी इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समस्या का जल्द समाधान हो जाएगा।
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लोक मित्र केंद्रों में आवेदन के बाद तहसीलदार कार्यालयों से नहीं मिल रहा अनुमोदन
आईडी नहीं बनने से इससे जुड़ी सरकारी सेवाओं, योजनाओं की प्रक्रिया में आ सकती है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में तकनीकी खामी के कारण किसानों की फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। लोक मित्र केंद्रों में ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद कई किसानों को तहसीलदार कार्यालयों से मंजूरी नहीं मिल पा रही है। इससे आवेदन लंबित हैं और किसान आईडी बनने का इंतजार कर रहे हैं। जिले में करीब 58 हजार किसान परिवार हैं। ऐसे में समस्या का जल्द समाधान जरूरी है।
बरमाणा वार्ड के जिला परिषद सदस्य अशोक कुमार ने यह मामला उठाते हुए बताया कि कई किसान उन्हें फोन कर आवेदन लंबित होने की शिकायत कर रहे हैं। लोक मित्र केंद्रों में आवेदन करने के बाद भी अनुमोदन नहीं मिलने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है।
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कुछ पटवार सर्किलों से जुड़ी तकनीकी खामियों के कारण अनुमोदन प्रक्रिया प्रभावित हुई है। अधिकारियों ने इस समस्या को प्रदेश स्तर पर उठाया है और उच्च कार्यालयों के माध्यम से समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद जताई गई है कि तकनीकी खामी दूर होने के बाद लंबित आवेदनों पर कार्रवाई में तेजी आएगी।
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फार्मर आईडी किसानों की पहचान और कृषि संबंधी जानकारी को डिजिटल रूप में दर्ज करने की व्यवस्था है। इसके माध्यम से कृषि सेवाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाना है। जिन योजनाओं में फार्मर आईडी अनिवार्य है, उनमें आईडी लंबित होने से किसानों को परेशानी हो सकती है। हालांकि, आईडी न बनने से किसान सम्मान निधि या अन्य योजनाओं की किस्त अपने आप रुक जाएगी, ऐसा नहीं कहा जा सकता। इसका असर संबंधित योजना के नियमों और पात्रता पर निर्भर करता है।
कोट
एसडीएम सदर राजकुमार ने बताया कि कुछ पटवार सर्किलों में तकनीकी समस्या के कारण फार्मर आईडी के अनुमोदन में दिक्कत आ रही है। मामला प्रदेश स्तर पर उठाया गया है और उच्च कार्यालयों के माध्यम से भी इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समस्या का जल्द समाधान हो जाएगा।