{"_id":"5f01ff638ebc3e42f66d7fde","slug":"farmer-happy-rain-bilaspur-news-sml3375365196","type":"story","status":"publish","title_hn":"झमाझम बारिश से किसानों के खिले चेहरे, रोपाई में जुटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झमाझम बारिश से किसानों के खिले चेहरे, रोपाई में जुटे
विज्ञापन
भगतपुर में धान की रोपाई करते हुए किसान।
- फोटो : BILASPUR
शाहतलाई(बिलासपुर)। काफी लंबे इंतजार के बाद रविवार को जिले में कई जगह झमाझम बारिश हुई। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे। लोगों ने पानी से भरे खेतों को देखकर धान की रोपाई में जुट गए।
विकास खंड झंडूता के भगतपुर गांव में करीब 250 बीघा जमीन पर धान की पैदावार की जाती है, लेकिन क्षेत्र में पर्याप्त बारिश न होने से किसान धान की रोपाई के लिए काफी चिंतित थे। इसके निमित्त लोगों ने इंद्र देवता को मनाने के लिए देवालयों में जाकर मन्नतें तक मांगी थी।
ऐसे में शनिवार की देररात से रविवार की सुबह तक हुई बारिश खेतों में लबालब पानी भर आए। इसे देखकर किसानों ने खेतों का रुख किया।
किसान मनेंद्र सिंह चंदेल, सीता राम, सरवण सिंह, जरनैल सिंह, किशोरी लाल, परस राम, ओंकार शर्मा, पवन वनयाल, रोशन लाल, विजय ठाकुर ने बताया कि बारिश दो सप्ताह देरी से हुई है। अगर यह बारिश दो सप्ताह पहले हो जाती तो भरपूर फ सल हो जाती। लेकिन धान के लिए छोड़ी गई भूमि पर दूसरी कोई फ सल का विकल्प नहीं है। जिस पर क्षेत्र के किसान धान की रोपाई का कार्य करने में जूट गए है।
विज्ञापन
विकास खंड झंडूता के सहरयाली खड्ड के किनारे की दोमट भूमि पर हजारों बीघा में धान की रोपाई की जाती थी। लेकिन खड्ड में खनन करने पर खड्ड की गहराई बढ़ती गई। जिससे जलस्तर नीचे चले जाने पर अब मात्र भगतपुर के 250 बीघा पर ही धान की खेती सिमट गई है। लेकिन अगर बारिश समय पर न हो तो आने वाले समय में क्षेत्र से धान की फ सल लुप्त हो सकती है।
बारिश न होने से किसान रहे मायूस
घुमारवीं विस क्षेत्र की तड़ौन, बम, सलाओं, लद्दा, कुठेड़ा पंचायतों में भी कई किसान धान की खेती करते हैं। लेकिन इन पंचायतों में बारिश नहीं हुई। मिजसके कारण किसानों के चेहरों पर मायूसी छाई है।
विज्ञापन
विकास खंड झंडूता के भगतपुर गांव में करीब 250 बीघा जमीन पर धान की पैदावार की जाती है, लेकिन क्षेत्र में पर्याप्त बारिश न होने से किसान धान की रोपाई के लिए काफी चिंतित थे। इसके निमित्त लोगों ने इंद्र देवता को मनाने के लिए देवालयों में जाकर मन्नतें तक मांगी थी।
विज्ञापन
ऐसे में शनिवार की देररात से रविवार की सुबह तक हुई बारिश खेतों में लबालब पानी भर आए। इसे देखकर किसानों ने खेतों का रुख किया।
किसान मनेंद्र सिंह चंदेल, सीता राम, सरवण सिंह, जरनैल सिंह, किशोरी लाल, परस राम, ओंकार शर्मा, पवन वनयाल, रोशन लाल, विजय ठाकुर ने बताया कि बारिश दो सप्ताह देरी से हुई है। अगर यह बारिश दो सप्ताह पहले हो जाती तो भरपूर फ सल हो जाती। लेकिन धान के लिए छोड़ी गई भूमि पर दूसरी कोई फ सल का विकल्प नहीं है। जिस पर क्षेत्र के किसान धान की रोपाई का कार्य करने में जूट गए है।
विज्ञापन
विकास खंड झंडूता के सहरयाली खड्ड के किनारे की दोमट भूमि पर हजारों बीघा में धान की रोपाई की जाती थी। लेकिन खड्ड में खनन करने पर खड्ड की गहराई बढ़ती गई। जिससे जलस्तर नीचे चले जाने पर अब मात्र भगतपुर के 250 बीघा पर ही धान की खेती सिमट गई है। लेकिन अगर बारिश समय पर न हो तो आने वाले समय में क्षेत्र से धान की फ सल लुप्त हो सकती है।
बारिश न होने से किसान रहे मायूस
घुमारवीं विस क्षेत्र की तड़ौन, बम, सलाओं, लद्दा, कुठेड़ा पंचायतों में भी कई किसान धान की खेती करते हैं। लेकिन इन पंचायतों में बारिश नहीं हुई। मिजसके कारण किसानों के चेहरों पर मायूसी छाई है।