{"_id":"5e9330778ebc3e7696670b5c","slug":"farmacist-reach-markaz-on-medical-leave-bilaspur-news-sml3302331200","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल लीव लेकर निजामुद्दीन मरकज पहुंचा फार्मासिस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल लीव लेकर निजामुद्दीन मरकज पहुंचा फार्मासिस्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घुमारवीं (बिलासपुर)। जिला बिलासपुर के संबंध रखने वाले 6 लोगों के खिलाफ चार मामले दर्ज हो हुए हैं और मामले जमात में शामिल होने तथा यात्रा इतिहास की जानकारी छुपाने और सरकार के आदेशों की अवहेलना करने के खिलाफ दर्ज हुए हैं। इन 6 जमातियों में से एक व्यक्ति आयुर्वेदिक विभाग में फ ार्मासिस्ट के पद पर अपनी सेवाएं दे रहा है और घुमारवीं उपमंडल के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात है। यह कर्मचारी 9 से 13 मार्च तक मेडिकल लीव लेता है। जिसमें दर्शाया गया है कि मुझे बुखार है तथा डॉक्टर के द्वारा इस कर्मचारी की मेडिकल लीव स्वीकृत करने के साथ आराम करने की सलाह भी दी जाती है। आयुर्वेदिक स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं देने के साथ मेडिकल बड़ी आसानी के साथ बन जाता है और व्यक्ति दिल्ली की निजामुद्दीन मरकज में शामिल होता है जो पुलिस विभाग के पास यात्रा इतिहास में दर्शाया गया है।
प्रश्न यह उत्पन्न होता है कि अगर यह स्वास्थ्य कर्मी अपने स्वास्थ्य का हवाला देकर मेडिकल लीव मंजूर करवा लेेता है तो डॉक्टर के द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों की अवहेलना करते हुए लगभग एक हजार किमी से ज्यादा यात्रा करता है तो क्या मात्र दिखावे के लिए मेडिकल लीव ली गई थी, उसकी भी जांच के साथ संबंधित विभाग को भी कड़ा संज्ञान लेना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं देने वाले इस व्यक्ति ने छुट्टियां खत्म होने के बाद निरंतर सेवाएं आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में दी है। जिससे स्वास्थ्य केंद्र में हर आने जाने वाला व्यक्ति भी सहमा हुआ है। डॉक्टर दीपिका शर्मा ने कहा कि इस कर्मचारी ने नौ तारीख से तेरह मार्च तक बुखार का हवाला देकर मेडिकल लीव के लिए आवेदन किया था, जिसे मैंने स्वीकृति दी थी और उसे आराम करने की सलाह दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रश्न यह उत्पन्न होता है कि अगर यह स्वास्थ्य कर्मी अपने स्वास्थ्य का हवाला देकर मेडिकल लीव मंजूर करवा लेेता है तो डॉक्टर के द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों की अवहेलना करते हुए लगभग एक हजार किमी से ज्यादा यात्रा करता है तो क्या मात्र दिखावे के लिए मेडिकल लीव ली गई थी, उसकी भी जांच के साथ संबंधित विभाग को भी कड़ा संज्ञान लेना चाहिए।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं देने वाले इस व्यक्ति ने छुट्टियां खत्म होने के बाद निरंतर सेवाएं आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र में दी है। जिससे स्वास्थ्य केंद्र में हर आने जाने वाला व्यक्ति भी सहमा हुआ है। डॉक्टर दीपिका शर्मा ने कहा कि इस कर्मचारी ने नौ तारीख से तेरह मार्च तक बुखार का हवाला देकर मेडिकल लीव के लिए आवेदन किया था, जिसे मैंने स्वीकृति दी थी और उसे आराम करने की सलाह दी गई थी।
विज्ञापन