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Bilaspur News: नयनादेवी में उमड़ी आस्था, 35,000 श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
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- मंदिर न्यास को चढ़ा 15,47,980 रुपये का नकद चढ़ावा
- श्रद्धालुओं ने परिवार के लिए की सुख वृद्धि की कामना
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयनादेवी जी(बिलासपुर)। शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में सोमवार को सातवें नवरात्र पर 35,000 श्रद्धालुओं ने मां नयनादेवी के दर्शन कर माथा टेका। मंदिर में नवरात्र पूजन के दौरान श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
श्रद्धालुओं ने मां नयनादेवी जी के दर्शन कर हवन कुंड में आहुतियां डालीं और अपने घर परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर न्यास को छठवें नवरात्र पर 15,47,980 नकद रुपये, 8 ग्राम 200 मिलीग्राम सोना, एक किलो 523 ग्राम चांदी, विदेशी मुद्रा के रूप में दो यूएसए डॉलर, इंग्लैंड के 23 पौंड और पांच कुवैत दिनार चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुए हैं। सोमवार को पूरा दिन श्री नयनादेवी में मौसम सुहावना रहा। दिन भर पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, बिहार सहित अन्य प्रदेशों से भारी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए पहुंचते रहे। मंदिर में तैनात पुलिस के जवानों और सुरक्षा कर्मियों ने श्रद्धालुओं को कतार में दर्शनों के लिए भेजा। पारंपरिक परंपराओं के अनुसार श्रद्धालु नवरात्र के दौरान अपने छोटे बच्चों के मुंडन संस्कार माता के दरबार में करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु माता के दरबार में बच्चों के मुंडन संस्कार करवाते हैं और फिर बाल माता काली माता के चरणों में अर्पित करते हैं। ताकि माता की कृपा उनके बच्चों पर बनी रहे और माता रानी का आशीर्वाद हमेशा परिवार पर बरकरार रहे। स्थानीय पुजारी भारत भूषण ने बताया कि यह प्राचीन परंपरा है कि कुलदेवी के पास ही श्रद्धालु अपने छोटे बच्चों के पहले बाल अर्पित करते हैं और नवरात्र में इसका विशेष महत्व रहता है।
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- श्रद्धालुओं ने परिवार के लिए की सुख वृद्धि की कामना
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयनादेवी जी(बिलासपुर)। शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में सोमवार को सातवें नवरात्र पर 35,000 श्रद्धालुओं ने मां नयनादेवी के दर्शन कर माथा टेका। मंदिर में नवरात्र पूजन के दौरान श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
श्रद्धालुओं ने मां नयनादेवी जी के दर्शन कर हवन कुंड में आहुतियां डालीं और अपने घर परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर न्यास को छठवें नवरात्र पर 15,47,980 नकद रुपये, 8 ग्राम 200 मिलीग्राम सोना, एक किलो 523 ग्राम चांदी, विदेशी मुद्रा के रूप में दो यूएसए डॉलर, इंग्लैंड के 23 पौंड और पांच कुवैत दिनार चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुए हैं। सोमवार को पूरा दिन श्री नयनादेवी में मौसम सुहावना रहा। दिन भर पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, बिहार सहित अन्य प्रदेशों से भारी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए पहुंचते रहे। मंदिर में तैनात पुलिस के जवानों और सुरक्षा कर्मियों ने श्रद्धालुओं को कतार में दर्शनों के लिए भेजा। पारंपरिक परंपराओं के अनुसार श्रद्धालु नवरात्र के दौरान अपने छोटे बच्चों के मुंडन संस्कार माता के दरबार में करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु माता के दरबार में बच्चों के मुंडन संस्कार करवाते हैं और फिर बाल माता काली माता के चरणों में अर्पित करते हैं। ताकि माता की कृपा उनके बच्चों पर बनी रहे और माता रानी का आशीर्वाद हमेशा परिवार पर बरकरार रहे। स्थानीय पुजारी भारत भूषण ने बताया कि यह प्राचीन परंपरा है कि कुलदेवी के पास ही श्रद्धालु अपने छोटे बच्चों के पहले बाल अर्पित करते हैं और नवरात्र में इसका विशेष महत्व रहता है।
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