{"_id":"60845e5c8ebc3ebcc37e163b","slug":"facility-for-covid-home-isolate-patients-bilaspur-news-sml3684618187","type":"story","status":"publish","title_hn":"होम आइसोलेट मरीजों के लिए हर ब्लॉक में तैनात रहेंगी दो एंबुलेंस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होम आइसोलेट मरीजों के लिए हर ब्लॉक में तैनात रहेंगी दो एंबुलेंस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। कोरोना से निपटने के लिए जिला प्रशासन हर स्तर पर तैयार है। इसके लिए जहां कोविड सेंटर में बेड की व्यवस्था बढ़ाई गई है, वहीं होम आइसोलेशन वाले मरीजों को भी सीधे चिकित्सकों से जोड़ा गया है। जिले के हर स्वास्थ्य ब्लॉक में दो एंबुलेंस तैनात की गई हैं। इनमें एक चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा।
उपायुक्त रोहित जम्वाल ने बताया कि पॉजिटिव आने पर घबराने की आवश्यकता नहीं है। अगर कोई पॉजिटिव होता है तो उसे स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक किट दी जाती है। इस किट में हर दवाई होती है। वहीं स्वास्थ्य कर्मचारी घर पर जाकर कोविड पॉजिटिव को दवाई खाने का तरीका और समय बताते हैं। कहा कि होम आइसोलेट किए गए मरीजों को सीधे चिकित्सक से जोड़ा गया है। अगर आइसोलेशन के समय किसी मरीज को समस्या होती है तो वह चिकित्सक से संपर्क कर सलाह ले सकता है। रोहित जम्वाल ने कहा कि खंड स्तर पर तैनात एंबुलेंस के कर्मचारी अगर ड्यूटी में कोताही बरतते पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिले में कोविड मरीजों के लिए 550 बेड की व्यवस्था है। वहीं 125 हाई फ्लो ऑक्सीजन के बेड हैं। इनमें 50 बेड घुमारवीं, 50 छात्र हॉस्टल बिलासपुर कॉलेज और 25 बेड की व्यवस्था जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में है। घुमारवीं में भी सिर्फ 12 ही ऐसे मरीज भर्ती हैं, जिन्हें हाई फ्लो ऑक्सीजन की आवश्यकता है।
विज्ञापन
जिले में 13 वेंटिलेटर हैं, लेकिन इन्हें स्थापित करने के लिए अन्य स्पोर्ट सिस्टम की भी आवश्यकता होती है, जोकि अभी उपलब्ध नहीं है। अगर कोई मरीज गंभीर होता है तो उसे नेरचौक या अन्य मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है।
विज्ञापन
उपायुक्त रोहित जम्वाल ने बताया कि पॉजिटिव आने पर घबराने की आवश्यकता नहीं है। अगर कोई पॉजिटिव होता है तो उसे स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक किट दी जाती है। इस किट में हर दवाई होती है। वहीं स्वास्थ्य कर्मचारी घर पर जाकर कोविड पॉजिटिव को दवाई खाने का तरीका और समय बताते हैं। कहा कि होम आइसोलेट किए गए मरीजों को सीधे चिकित्सक से जोड़ा गया है। अगर आइसोलेशन के समय किसी मरीज को समस्या होती है तो वह चिकित्सक से संपर्क कर सलाह ले सकता है। रोहित जम्वाल ने कहा कि खंड स्तर पर तैनात एंबुलेंस के कर्मचारी अगर ड्यूटी में कोताही बरतते पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
जिले में कोविड मरीजों के लिए 550 बेड की व्यवस्था है। वहीं 125 हाई फ्लो ऑक्सीजन के बेड हैं। इनमें 50 बेड घुमारवीं, 50 छात्र हॉस्टल बिलासपुर कॉलेज और 25 बेड की व्यवस्था जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में है। घुमारवीं में भी सिर्फ 12 ही ऐसे मरीज भर्ती हैं, जिन्हें हाई फ्लो ऑक्सीजन की आवश्यकता है।
विज्ञापन
जिले में 13 वेंटिलेटर हैं, लेकिन इन्हें स्थापित करने के लिए अन्य स्पोर्ट सिस्टम की भी आवश्यकता होती है, जोकि अभी उपलब्ध नहीं है। अगर कोई मरीज गंभीर होता है तो उसे नेरचौक या अन्य मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है।