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हीट वेव में बरतें विशेष सावधानी, लापरवाही पड़ सकती है भारी : डॉ. अतुल
Thu, 11 Jun 2026 11:57 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 11 Jun 2026 11:57 PM IST
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दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप में निकलने से बचने की सलाह
बच्चों-बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को सतर्क रहने का आग्रह
पर्याप्त मात्रा में पानी, छाछ, लस्सी और अन्य तरल पदार्थों का करें सेवन
लंबे समय तक धूप और भारी शारीरिक श्रम से बचने की दी सलाह
चक्कर या बेहोशी के लक्षण दिखें तो तुरंत स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाएं मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं(बिलासपुर)। बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के बीच खंड चिकित्सा अधिकारी झंडूता डॉ. अतुल ने लोगों से हीट वेव के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी होने लगती है, जिससे चक्कर आना, कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी, बेहोशी और गंभीर स्थिति में हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
डॉ. अतुल ने कहा कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से यथासंभव बचना चाहिए। यदि किसी आवश्यक कार्य से बाहर जाना पड़े तो सिर को टोपी, छाते या कपड़े से ढककर रखें तथा हल्के रंग के सूती वस्त्र पहनें। उन्होंने लोगों को नियमित रूप से पानी पीने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में नींबू पानी, छाछ, लस्सी तथा अन्य तरल पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। लंबे समय तक धूप में रहने और अत्यधिक शारीरिक श्रम करने से बचना चाहिए। खंड चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से वाहन में बच्चों या पालतू जानवरों को अकेला न छोड़ने की भी अपील की। उन्होंने बताया कि बंद वाहन का तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है, जिससे जान का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। डॉ. अतुल ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति में चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर प्राथमिक उपचार देना चाहिए और बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में पहुंचाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में सावधानी और जागरूकता ही हीट वेव से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करते हुए स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
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बच्चों-बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को सतर्क रहने का आग्रह
पर्याप्त मात्रा में पानी, छाछ, लस्सी और अन्य तरल पदार्थों का करें सेवन
लंबे समय तक धूप और भारी शारीरिक श्रम से बचने की दी सलाह
चक्कर या बेहोशी के लक्षण दिखें तो तुरंत स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाएं मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं(बिलासपुर)। बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के बीच खंड चिकित्सा अधिकारी झंडूता डॉ. अतुल ने लोगों से हीट वेव के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी होने लगती है, जिससे चक्कर आना, कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी, बेहोशी और गंभीर स्थिति में हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
डॉ. अतुल ने कहा कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप में निकलने से यथासंभव बचना चाहिए। यदि किसी आवश्यक कार्य से बाहर जाना पड़े तो सिर को टोपी, छाते या कपड़े से ढककर रखें तथा हल्के रंग के सूती वस्त्र पहनें। उन्होंने लोगों को नियमित रूप से पानी पीने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में नींबू पानी, छाछ, लस्सी तथा अन्य तरल पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। लंबे समय तक धूप में रहने और अत्यधिक शारीरिक श्रम करने से बचना चाहिए। खंड चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से वाहन में बच्चों या पालतू जानवरों को अकेला न छोड़ने की भी अपील की। उन्होंने बताया कि बंद वाहन का तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है, जिससे जान का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। डॉ. अतुल ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति में चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर प्राथमिक उपचार देना चाहिए और बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में पहुंचाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में सावधानी और जागरूकता ही हीट वेव से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करते हुए स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
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