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आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी वर्करों को सरकारी कर्मचारी करें घोषित
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बिलासपुर में प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजने के बाद भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी और सदस्य।
- फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। भारतीय मजदूर संघ ने शुक्रवार को धरना प्रदर्शन के बाद उपायुक्त बिलासपुर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भेजा है। संघ ने ज्ञापन में मांग की है कि आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी और मिड-डे मील वर्करों को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए और जब तक कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता इन्हें न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए।
वहीं भामसं ने सरकार की विनिमेश नीति का कड़ा विरोध किया है। संघ ने सरकार से मांग की है कि सरकारी उपक्रमों की बिक्री तुरंत बंद की जाए और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर रोक लगाई जाए। वहीं पुरानी पेंशन बहाली की भी संघ ने मांग की है। प्रदेश में विभिन्न विभागों में आउट सोर्सिंग पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने की नीति बनाई जाए।
संघ के प्रधान शालीग्राम ने बताया कि सरकार निश्चित अवधि रोजगार को बंद करे और सभी अस्थायी कर्मियों को स्थायी किया जाए। वहीं संघ ने सरकार से मांग की है कि औद्योगिक क्षेत्रों में श्रम नियमों की अनदेखी की जा रही है, यहां काम करने वाले लोगों को भविष्य निधि योजना व राज्य कर्मचारी बीमा योजना भी लागू नहीं होती है। वहीं महिला कामगारों को न्यूनतम वेतन से भी वंचित रहना पड़ता है।
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संघ ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि राज्य परिवहन निगम और बिजली बोर्ड के निजीकरण पर रोक लगाई जाए। वहीं एसीसी गागल सीमेंट वर्कर्स बरमाणा में पिछले 15 से 25 वर्षों से कार्यरत ठेका श्रमिकों को नियमित किया जाए। वहीं संघ ने कई और अहम मांगों को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री से आग्रह किया है। इस मौके पर बाबू राम, मस्तराम, प्रेम लाल शर्मा, राजेश कुमार, वीना धीमान, सरोज ठाकुर, सुमन कुमारी सहित अन्य मौजूद रहे।
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वहीं भामसं ने सरकार की विनिमेश नीति का कड़ा विरोध किया है। संघ ने सरकार से मांग की है कि सरकारी उपक्रमों की बिक्री तुरंत बंद की जाए और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर रोक लगाई जाए। वहीं पुरानी पेंशन बहाली की भी संघ ने मांग की है। प्रदेश में विभिन्न विभागों में आउट सोर्सिंग पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने की नीति बनाई जाए।
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संघ के प्रधान शालीग्राम ने बताया कि सरकार निश्चित अवधि रोजगार को बंद करे और सभी अस्थायी कर्मियों को स्थायी किया जाए। वहीं संघ ने सरकार से मांग की है कि औद्योगिक क्षेत्रों में श्रम नियमों की अनदेखी की जा रही है, यहां काम करने वाले लोगों को भविष्य निधि योजना व राज्य कर्मचारी बीमा योजना भी लागू नहीं होती है। वहीं महिला कामगारों को न्यूनतम वेतन से भी वंचित रहना पड़ता है।
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संघ ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि राज्य परिवहन निगम और बिजली बोर्ड के निजीकरण पर रोक लगाई जाए। वहीं एसीसी गागल सीमेंट वर्कर्स बरमाणा में पिछले 15 से 25 वर्षों से कार्यरत ठेका श्रमिकों को नियमित किया जाए। वहीं संघ ने कई और अहम मांगों को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री से आग्रह किया है। इस मौके पर बाबू राम, मस्तराम, प्रेम लाल शर्मा, राजेश कुमार, वीना धीमान, सरोज ठाकुर, सुमन कुमारी सहित अन्य मौजूद रहे।