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Bilaspur News: पीएमश्री स्कूलों में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
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डाइट जुखाला में प्रशिक्षण के दूसरे दिन स्कूल नेतृत्व, डिजिटल तकनीक और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर हुई चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पीएमश्री स्कूलों के प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापक और सीएचटी के लिए डाइट जुखाला में चल रहे प्रशिक्षण के दूसरे दिन विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण में स्कूल नेतृत्व, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
प्रथम सत्र में यदविंदर शर्मा ने यू-डाइस और अपार से संबंधित जानकारी दी। दूसरे सत्र में प्रियंका वर्मा ने वीएसके और एमआईएस से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में बताया। तीसरे सत्र में चारु ने विद्यालय नेतृत्व और स्कूल कल्चर विषय पर प्रस्तुति दी। चौथे सत्र में सुरेंद्र रांगटा ने वोकेशनल फंड्स और उससे संबंधित प्रक्रिया की जानकारी साझा की। विशेषज्ञों ने पीएमश्री योजना के उद्देश्यों और स्कूलों में इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की। गतिविधि आधारित शिक्षण, नवाचार, विज्ञान एवं गणित शिक्षण, पर्यावरण संरक्षण तथा विद्यार्थियों में रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उपायों पर भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि पीएम श्री स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक, नवाचारी और समावेशी शिक्षा के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। दिग्विजय मल्होत्रा ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य स्कूल प्रमुखों को नई शैक्षिक तकनीकों और प्रभावी नेतृत्व कौशल से सशक्त बनाना है, ताकि विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित हो सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पीएमश्री स्कूलों के प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापक और सीएचटी के लिए डाइट जुखाला में चल रहे प्रशिक्षण के दूसरे दिन विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण में स्कूल नेतृत्व, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
प्रथम सत्र में यदविंदर शर्मा ने यू-डाइस और अपार से संबंधित जानकारी दी। दूसरे सत्र में प्रियंका वर्मा ने वीएसके और एमआईएस से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में बताया। तीसरे सत्र में चारु ने विद्यालय नेतृत्व और स्कूल कल्चर विषय पर प्रस्तुति दी। चौथे सत्र में सुरेंद्र रांगटा ने वोकेशनल फंड्स और उससे संबंधित प्रक्रिया की जानकारी साझा की। विशेषज्ञों ने पीएमश्री योजना के उद्देश्यों और स्कूलों में इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की। गतिविधि आधारित शिक्षण, नवाचार, विज्ञान एवं गणित शिक्षण, पर्यावरण संरक्षण तथा विद्यार्थियों में रचनात्मकता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उपायों पर भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि पीएम श्री स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक, नवाचारी और समावेशी शिक्षा के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। दिग्विजय मल्होत्रा ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य स्कूल प्रमुखों को नई शैक्षिक तकनीकों और प्रभावी नेतृत्व कौशल से सशक्त बनाना है, ताकि विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित हो सके।
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