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Bilaspur News: आवेदन के एक साल बाद भी नहीं मिला बिजली कनेक्शन

Fri, 07 Jun 2024 11:13 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jun 2024 11:13 PM IST
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Electricity connection not received even after one year of application
बीएसएफ के जवान ने बिजली कनेक्शन के लिए एक साल पहले किया था आवेदन
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-हरितल्यांगर गांव के जवान की पत्नी एक साल से काट रही बिजली बोर्ड कार्यालय के चक्कर
-कनेक्शन न मिलने से 100 साल की बुजुर्ग सास के साथ पुराने घर में रहने को है मजबूर


संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं की पंचायत डंगार के गांव हरितल्यांगर में एक बीएसएफ जवान की पत्नी पिछले एक साल से बिजली कनेक्शन के लिए बोर्ड के चक्कर काट रही है। बोर्ड उसे बिजली कनेक्शन नहीं दे रहा है। रेखा देवी का कहना है कि उसके पति बीएसएफ में कार्यरत हैं। पिछले कई साल से जम्मू में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा घर में करीब 100 वर्षीय वृद्ध सास है।
रेखा देवी ने कहा कि एक साल पहले उन्होंने अपना नया मकान बनाकर तैयार किया है, लेकिन उसे बिजली का कनेक्शन नहीं मिल पा रहा। हैरानी इस बात की है कि एक तरफ तो सरकार द्वारा सीमा पर तैनात सैनिकों के परिवारों को तमाम सहूलियत देने की घोषणा कर देती हैं, लेकिन जीते जी इन्हीं सैनिकों को अपने घर के लिए एक अदद बिजली कनेक्शन की जरूरत पड़ जाए तो इन सभी घोषणाओं पर अफसरशाही भारी पड़ जाती है। रेखा के दोनों बच्चे बाहरी शहर में ट्रेनिंग करते हैं। घर में बूढ़ी सास अक्सर बीमार रहती है। पुराने मकान से सड़क तक आने के लिए एक नाला पार करना पड़ता है, जिस पर न तो कोई पुल बना है और न ही कोई सड़क। सास को अक्सर टांडा अस्पताल उपचार के लिए जाना पड़ता है। अकेली होने के कारण रेखा को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। यही कारण है कि उन्होंने अपने पुराने घर से करीब तीन किलोमीटर दूर जमीन खरीद कर एक नया मकान बनाया, ताकि वहां से अपनी बूढ़ी सास को अस्पताल ले जाने में आसानी हो सके। महिला के अनुसार सितंबर 2023 को उन्होंने अपना मकान बनाकर पूरा कर लिया। इसके बाद उन्होंने बिजली का कनेक्शन लेने के लिए बोर्ड में आवेदन किया।
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बोर्ड ने उन्हें कुछ औपचारिकताएं बताई गईं, जिन्हें करीब एक महीने बाद पूरा कर उन्होंने फाइल बोर्ड में जमा करवा दी। कुछ समय बाद बोर्ड ने पड़ोस के परिवारों से एनओसी लाने की बात कही। इसके बाद महिला ने एक परिवार से एनओसी लाकर बोर्ड में जमा करवा दी। उसके बावजूद बोर्ड ने पड़ोस के सभी परिवारों से एनओसी लेने का आर्डर थमा दिया। महिला के अनुसार पड़ोस के परिवार उसे एनओसी देने से इंकार कर रहे हैं। बोर्ड उसे पिछले एक साल से कार्यालय के चक्कर कटवा रहा है, जब तक एनओसी नहीं आएगी तब तक बिजली का कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। अब थक हार कर महिला अभी तक अपने पुराने घर में ही रहने को मजबूर है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर इसकी शिकायत की, लेकिन वहां से भी कोई हल नहीं निकल पाया।
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कोट
पोल से घर तक की दूरी ज्यादा होने के कारण सर्विस वायर डालने में परेशानी हो रही है, क्योंकि जिन लोगों की जमीन के ऊपर से सर्विस वायर जानी है वह एनओसी देने से इंकार कर रहे हैं। अन्य विकल्प भी तलाशे जा रहे हैं। जल्द ही कोई विकल्प देखकर कनेक्शन जारी करने की कोशिश की जाएगी।
--विवेकानंद शर्मा, सहायक अभियंता, विद्युत बोर्ड, घुमारवीं
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