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जिला कांग्रेस की नई कार्यकारिणी की पहली बैठक से नदारद रहे वरिष्ठ नेता
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बिलासपुर। जिला कांग्रेस की नई कार्यकारिणी के गठन के बाद रविवार को बैठक बिलासपुर इंद्रा भवन में हुई। लेकिन नई कार्यकारिणी की पहली ही बैठक में जिला कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आई। बैठक से जिला कांग्रेस के सभी दिग्गज नेता नदारद रहे। कांग्रेस जिला अध्यक्ष का कहना है कि बैठक सिर्फ नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र देने के लिए बुलाई थी।
रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक बूथ कमेटियों को लेकर जिला कांग्रेस कार्यालय में हुई। इसमें जिला कांग्रेस के प्रभारी एवं बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल, बिलासपुर जिला के बूथ कमेटियों के प्रभारी कमल पठानिया विशेष तौर पर मौजूद रहे। लेकिन बैठक से जिला के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने दूरी बनाई रखी। जिला कांग्रेस की इस बैठक में एक पूर्व विधायक बाबूराम गौतम को छोड़ सभी नदारद रहे।
बताते चलें कि करीब एक साल पहले जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने 147 सदस्यों की कार्यकारिणी का गठन किया था। लेकिन बीती 18 अगस्त को इस कार्यकारिणी को रद्द कर दिया गया था। इसका सबसे बड़ा कारण भी जिला कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी ही रही। हालात यह थे कि जिला कांग्रेस की महासचिव ने ही जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस जिला अध्यक्ष के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि दोनों ही यह चुनाव हार गईं। लेकिन इसका खामियाजा जिला महासचिव को कांग्रेस कार्यकारिणी से बाहर होकर चुकाना पड़ा था।
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बताते चलें कि 10 सितंबर को जिला कांग्रेस की अध्यक्ष अंजना धीमान ने 62 सदस्यों की कार्यकारिणी घोषित की। वहीं पूर्व की कार्यकारिणी के कई पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का नाम देते हुए उन्हें बाहर कर दिया गया। इससे साफ हो गया कि जिला कांग्रेस में कुछ भी सही नहीं चल रहा है।
रविवार को हुई बैठक से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामलाल ठाकुर, राजेश धर्माणी, पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा, वीरू राम किशोर और कांग्रेस के अग्रणी विभागों के पदाधिकारी नदारद रहे। सूत्रों से मिली जानकारी केे अनुसवार पूर्व विधायकों और कई विभागाध्यक्षों को इस बैठक में बुलाया ही नहीं गया था। वहीं जिलाध्यक्ष का इस तरह वरिष्ठ नेताओं को पार्टी की बैठक से दरकिनार करना कहीं न कहीं वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा की ओर इशारा कर रहा है। कांग्रेस की जिलाध्यक्ष अंजना धीमान ने कहा कि यह बैठक नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र देने के लिए रखी गई थी। कहा कि जिला कांग्रेस में कोई मनमुटाव नहीं है। सब एक हैं और वरिष्ठ नेता यह न समझें कि उन्हें दरकिनार किया गया है। सभी को साथ लेकर संगठन को मजबूत करने का कार्य किया जाएगा।
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रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक बूथ कमेटियों को लेकर जिला कांग्रेस कार्यालय में हुई। इसमें जिला कांग्रेस के प्रभारी एवं बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल, बिलासपुर जिला के बूथ कमेटियों के प्रभारी कमल पठानिया विशेष तौर पर मौजूद रहे। लेकिन बैठक से जिला के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने दूरी बनाई रखी। जिला कांग्रेस की इस बैठक में एक पूर्व विधायक बाबूराम गौतम को छोड़ सभी नदारद रहे।
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बताते चलें कि करीब एक साल पहले जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने 147 सदस्यों की कार्यकारिणी का गठन किया था। लेकिन बीती 18 अगस्त को इस कार्यकारिणी को रद्द कर दिया गया था। इसका सबसे बड़ा कारण भी जिला कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी ही रही। हालात यह थे कि जिला कांग्रेस की महासचिव ने ही जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस जिला अध्यक्ष के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि दोनों ही यह चुनाव हार गईं। लेकिन इसका खामियाजा जिला महासचिव को कांग्रेस कार्यकारिणी से बाहर होकर चुकाना पड़ा था।
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बताते चलें कि 10 सितंबर को जिला कांग्रेस की अध्यक्ष अंजना धीमान ने 62 सदस्यों की कार्यकारिणी घोषित की। वहीं पूर्व की कार्यकारिणी के कई पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का नाम देते हुए उन्हें बाहर कर दिया गया। इससे साफ हो गया कि जिला कांग्रेस में कुछ भी सही नहीं चल रहा है।
रविवार को हुई बैठक से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामलाल ठाकुर, राजेश धर्माणी, पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा, वीरू राम किशोर और कांग्रेस के अग्रणी विभागों के पदाधिकारी नदारद रहे। सूत्रों से मिली जानकारी केे अनुसवार पूर्व विधायकों और कई विभागाध्यक्षों को इस बैठक में बुलाया ही नहीं गया था। वहीं जिलाध्यक्ष का इस तरह वरिष्ठ नेताओं को पार्टी की बैठक से दरकिनार करना कहीं न कहीं वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा की ओर इशारा कर रहा है। कांग्रेस की जिलाध्यक्ष अंजना धीमान ने कहा कि यह बैठक नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र देने के लिए रखी गई थी। कहा कि जिला कांग्रेस में कोई मनमुटाव नहीं है। सब एक हैं और वरिष्ठ नेता यह न समझें कि उन्हें दरकिनार किया गया है। सभी को साथ लेकर संगठन को मजबूत करने का कार्य किया जाएगा।