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बस सेवा न होने से बच्चे-अभिभावक परेशान
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बस की सुविधा को लेकर डीसी बिलासपुर से मिलते युवक मंडल धार टटोह का प्रतिनिधिमंडल।
- फोटो : BILASPUR
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बरमाणा(बिलासपुर)। नेहरू युवक मंडल धार-टटोह का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त बिलासपुर राजेश्वर गोयल से मिला और उनसे अल्ट्राटेक सीमेंट प्रबंधन वर्ग से स्कूली छात्रों को बस सुविधा दिलाने की मांग उठाई। नेहरू युवक मंडल ने उपायुक्त को बताया कि ग्राम पंचायत धार-टटोह से जेपी विद्या मंदिर पंचतंत्र शालुघाट धार-टटोह जिसका संचालन अल्ट्राटेक सीमेंट प्रबंधक वर्ग कर रहा है में पंचायत के लगभग 40 बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाते हैं लेकिन इन विद्यार्थियों को कंपनी प्रबंधन वर्ग की ओर से आने जाने के लिए कोई भी सुविधा नहीं दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत इस कारखाने के कारण विस्थापित एवं प्रभावित है लेकिन कंपनी प्रबंधन की ओर से हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। कंपनी प्रबंधन की ओर से अन्य पंचायतों के बच्चों के लिए बसों की सुविधा दी जा रही है लेकिन हमारे बच्चों के लिए बस की कोई सुविधा नहीं दी जा रही है।
इस समस्या से कंपनी प्रबंधन तथा जिला प्रशासन को भी कई बार अवगत करवाया लेकिन हमारी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। अभिभावक अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना चाहते हैं लेकिन बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्राइवेट गाड़ियों का इंतजाम करना पड़ता है जिन्हें 1300 के लगभग प्रत्येक बच्चे का किराया देना पड़ता है जो स्कूल फीस से भी कहीं ज्यादा है।
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बस की सुविधा न होने से क्षेत्र के लोग अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने में असमर्थ है। लोगों ने उपायुक्त से प्रार्थना है कि कंपनी प्रबंधन को इसी सत्र जो 11 फरवरी से शुरू हो रहा है से बस की सुविधा दिलाने के लिए निर्देश दिए जाएं ताकि स्कूली विद्यार्थियों को आने जाने के लिए किसी समस्या का सामना ना करना पड़े।
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उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत इस कारखाने के कारण विस्थापित एवं प्रभावित है लेकिन कंपनी प्रबंधन की ओर से हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। कंपनी प्रबंधन की ओर से अन्य पंचायतों के बच्चों के लिए बसों की सुविधा दी जा रही है लेकिन हमारे बच्चों के लिए बस की कोई सुविधा नहीं दी जा रही है।
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इस समस्या से कंपनी प्रबंधन तथा जिला प्रशासन को भी कई बार अवगत करवाया लेकिन हमारी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। अभिभावक अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना चाहते हैं लेकिन बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्राइवेट गाड़ियों का इंतजाम करना पड़ता है जिन्हें 1300 के लगभग प्रत्येक बच्चे का किराया देना पड़ता है जो स्कूल फीस से भी कहीं ज्यादा है।
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बस की सुविधा न होने से क्षेत्र के लोग अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने में असमर्थ है। लोगों ने उपायुक्त से प्रार्थना है कि कंपनी प्रबंधन को इसी सत्र जो 11 फरवरी से शुरू हो रहा है से बस की सुविधा दिलाने के लिए निर्देश दिए जाएं ताकि स्कूली विद्यार्थियों को आने जाने के लिए किसी समस्या का सामना ना करना पड़े।