{"_id":"5d334d848ebc3e6cc30e8d61","slug":"education-bilaspur-news-sml3011159103","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिड-डे मील कर्मचारियों का मासिक मानदेय छह हजार रुपये किया जाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिड-डे मील कर्मचारियों का मासिक मानदेय छह हजार रुपये किया जाए
विज्ञापन
मिड डे मील वर्कर की बैठक में उपस्थित महिलाएं
- फोटो : BILASPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। हिमाचल शिक्षक महासंघ की राज्य कार्यकारिणी, जिला कार्यकारिणी व संबद्धता प्राप्त संगठनों की संयुक्त बैठक एनजीओ भवन बिलासपुर में हुई जिसकी अध्यक्षता महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. प्रेम शर्मा ने की। इस मौके पर मिड-डे मील कर्मचारियों का द्वितीय सम्मेलन भी आयोजित किया गया।
बैठक में मिड-डे मील कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर चर्चा की गई। शिक्षक महासंघ ने सरकार से मांग की कि मिड-डे मील कर्मचारियों का मासिक मानदेय दो हजार से बढ़ाकर छह हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। मध्याह्न योजना के तहत रखे गए कर्मचारियों के लिए वाटर कॅरिअर की तर्ज पर नीति बनाकर चरणबद्ध तरीके से नियमित किया जाए। मध्याह्न भोजन योजना के तहत रखे गए कर्मचारियों को अपनी सेवाएं देते हुए लगभग 15 वर्ष का सेवाकाल पूर्ण हो चुका है।
हिमाचल शिक्षक महासंघ ने सरकार से आग्रह किया कि सभी महिला कर्मचारियों के लिए प्रसूति अवकाश व मेडिकल अवकाश का प्रावधान किया जाए। इसी प्रकार प्रदेश में सरकारी महिला कर्मचारियों को रक्षा बंधन, भैया दूज व करवा चौथ का अवकाश दिया जाए। बैठक में महासंघ के कार्यकारी प्रधान पवन शर्मा, महासचिव पवन मिश्रा, लायक राम शर्मा, संगठन सचिव दीनानाथ शर्मा, मुख्यालय सचिव महेंद्र चौहान, प्रचार सचिव प्रेम शर्मा, जिला प्रधान सुनील दत्त व महासचिव विजय ने अपने-अपने विचार रखे।
विज्ञापन
मिड-डे मील संघ के प्रदेशाध्यक्ष इंद्रपाल ठाकुर, महासचिव रामपाल व सीता देवी ने कर्मचारियों की समस्याओं को रखा। इंद्रपाल ने सरकार से आग्रह किया है कि प्राथमिक माध्यमिक स्कूलों में 25 बच्चों की संख्या की शर्त को हटाया जाए। हिमाचल शिक्षक महासंघ ने केंद्र व राज्य सरकार से आग्रह किया कि पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाए। शिक्षक नेताओं ने सरकार से मांग की कि दुर्गम व पिछड़े जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों व कर्मचारियों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। विद्यार्थियों को दी जाने वाली निशुल्क वर्दी व बैग शीघ्र दिए जाएं। प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापक, टीजीटी आर्ट्स, साइंस व सीएंडवी की पदोन्नतियां शीघ्र की जाएं। बैठक में सरकार से आग्रह किया गया कि सेवानिवृत्त की आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष की जाए।
विज्ञापन
बैठक में मिड-डे मील कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर चर्चा की गई। शिक्षक महासंघ ने सरकार से मांग की कि मिड-डे मील कर्मचारियों का मासिक मानदेय दो हजार से बढ़ाकर छह हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। मध्याह्न योजना के तहत रखे गए कर्मचारियों के लिए वाटर कॅरिअर की तर्ज पर नीति बनाकर चरणबद्ध तरीके से नियमित किया जाए। मध्याह्न भोजन योजना के तहत रखे गए कर्मचारियों को अपनी सेवाएं देते हुए लगभग 15 वर्ष का सेवाकाल पूर्ण हो चुका है।
विज्ञापन
हिमाचल शिक्षक महासंघ ने सरकार से आग्रह किया कि सभी महिला कर्मचारियों के लिए प्रसूति अवकाश व मेडिकल अवकाश का प्रावधान किया जाए। इसी प्रकार प्रदेश में सरकारी महिला कर्मचारियों को रक्षा बंधन, भैया दूज व करवा चौथ का अवकाश दिया जाए। बैठक में महासंघ के कार्यकारी प्रधान पवन शर्मा, महासचिव पवन मिश्रा, लायक राम शर्मा, संगठन सचिव दीनानाथ शर्मा, मुख्यालय सचिव महेंद्र चौहान, प्रचार सचिव प्रेम शर्मा, जिला प्रधान सुनील दत्त व महासचिव विजय ने अपने-अपने विचार रखे।
विज्ञापन
मिड-डे मील संघ के प्रदेशाध्यक्ष इंद्रपाल ठाकुर, महासचिव रामपाल व सीता देवी ने कर्मचारियों की समस्याओं को रखा। इंद्रपाल ने सरकार से आग्रह किया है कि प्राथमिक माध्यमिक स्कूलों में 25 बच्चों की संख्या की शर्त को हटाया जाए। हिमाचल शिक्षक महासंघ ने केंद्र व राज्य सरकार से आग्रह किया कि पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाए। शिक्षक नेताओं ने सरकार से मांग की कि दुर्गम व पिछड़े जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों व कर्मचारियों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। विद्यार्थियों को दी जाने वाली निशुल्क वर्दी व बैग शीघ्र दिए जाएं। प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापक, टीजीटी आर्ट्स, साइंस व सीएंडवी की पदोन्नतियां शीघ्र की जाएं। बैठक में सरकार से आग्रह किया गया कि सेवानिवृत्त की आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष की जाए।