{"_id":"6936c2e71e7a977b8d0ccf2b","slug":"dry-cold-has-increased-the-number-of-cold-and-cough-patients-in-hospitals-bilaspur-news-c-92-1-ssml1003-149818-2025-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: सूखी ठंड से अस्पतालों में सर्दी-जुकाम के बढ़े मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: सूखी ठंड से अस्पतालों में सर्दी-जुकाम के बढ़े मरीज
विज्ञापन
बिलासपुर अस्प्ताल पर्ची काउंटर में लोग पची बनाने के लिए खड़े लाइन में। संवाद
क्षेत्रीय अस्पताल 500 के करीब पहुंची ओपीडी
सर्वाधिक 30 प्रतिशत मरीज सर्दी, जुकाम से ग्रस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में इन दिनों बारिश न होने के चलते सूखी ठंड से अस्पताल में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में इन दिनों ओपीडी में करीब 500 लोग पहुंच रहे हैं। इसमें सबसे अधिक करीब 30 प्रतिशत मरीज जुकाम, बुखार और खांसी के आ रहे हैं। ये मरीज सूखी ठंड से पीड़ित हैं।
बिलासपुर में दिसंबर का एक सप्ताह समाप्त हो गया है। इसके बावजूद पिछले कई दिनों से बारिश न होने के कारण पूरे जिले में सूखे का प्रकोप जारी है। इसके चलते सूखी ठंड ने लोगों को बीमारियों से जकड़ लिया है। अस्पताल में सुबह के समय ठंड अधिक होने के कारण ओपीडी के पर्ची काउंटर पर सुबह 9:30 से 10:30 बजे तक मरीजों की संख्या कम रही। इसके बाद 11 से 12 बजे तक मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने से भीड़ नजर आई। इस दौरान अधिकतर मरीज सूखी ठंड के कारण जुकाम और खांसी से परेशान दिखे।
चिकित्सकों का कहना है कि अचानक बढ़ी सूखी ठंड के चलते लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में बारिश नहीं हुई तो यह समस्या और बढ़ सकती है। चिकित्सक लगातार लोगों को ठंड से बचने और सुबह-शाम घर के अंदर रहने तथा दोपहर में धूप लेने की सलाह दे रहे हैं, ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित रह सके। सर्दी से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े, टोपी और जुराबें पहनें। गले में खराश, खांसी और जुकाम होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। इन दिनों धुंध के दौरान बुजुर्गों और बच्चों को सुबह के समय बाहर जाते समय मास्क जरूर पहनना चाहिए। खासकर अस्थमा के मरीजों को घर से बाहर कम ही निकलना चाहिए, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।
विज्ञापन
इन दिनों ठंड के मौसम में शरीर की इम्युनिटी कमजोर हो सकती है। इससे मौसमी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। उन्होंने कहा कि बुखार, खांसी या जुकाम के शुरूआती लक्षण दिखते ही चिकित्सक की सलाह लें, ताकि बीमारी बढ़ने से पहले उपचार शुरू किया जा सके।
-डॉ. शशि दत्त शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिलासपुर
विज्ञापन
सर्वाधिक 30 प्रतिशत मरीज सर्दी, जुकाम से ग्रस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में इन दिनों बारिश न होने के चलते सूखी ठंड से अस्पताल में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में इन दिनों ओपीडी में करीब 500 लोग पहुंच रहे हैं। इसमें सबसे अधिक करीब 30 प्रतिशत मरीज जुकाम, बुखार और खांसी के आ रहे हैं। ये मरीज सूखी ठंड से पीड़ित हैं।
बिलासपुर में दिसंबर का एक सप्ताह समाप्त हो गया है। इसके बावजूद पिछले कई दिनों से बारिश न होने के कारण पूरे जिले में सूखे का प्रकोप जारी है। इसके चलते सूखी ठंड ने लोगों को बीमारियों से जकड़ लिया है। अस्पताल में सुबह के समय ठंड अधिक होने के कारण ओपीडी के पर्ची काउंटर पर सुबह 9:30 से 10:30 बजे तक मरीजों की संख्या कम रही। इसके बाद 11 से 12 बजे तक मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने से भीड़ नजर आई। इस दौरान अधिकतर मरीज सूखी ठंड के कारण जुकाम और खांसी से परेशान दिखे।
विज्ञापन
चिकित्सकों का कहना है कि अचानक बढ़ी सूखी ठंड के चलते लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में बारिश नहीं हुई तो यह समस्या और बढ़ सकती है। चिकित्सक लगातार लोगों को ठंड से बचने और सुबह-शाम घर के अंदर रहने तथा दोपहर में धूप लेने की सलाह दे रहे हैं, ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित रह सके। सर्दी से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े, टोपी और जुराबें पहनें। गले में खराश, खांसी और जुकाम होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। इन दिनों धुंध के दौरान बुजुर्गों और बच्चों को सुबह के समय बाहर जाते समय मास्क जरूर पहनना चाहिए। खासकर अस्थमा के मरीजों को घर से बाहर कम ही निकलना चाहिए, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।
विज्ञापन
इन दिनों ठंड के मौसम में शरीर की इम्युनिटी कमजोर हो सकती है। इससे मौसमी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। उन्होंने कहा कि बुखार, खांसी या जुकाम के शुरूआती लक्षण दिखते ही चिकित्सक की सलाह लें, ताकि बीमारी बढ़ने से पहले उपचार शुरू किया जा सके।
-डॉ. शशि दत्त शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिलासपुर