फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Drinking water scheme controversy: Court extends bail period of 13 accused of violence

पेयजल योजना विवाद : हिंसा के 13 आरोपियों की न्यायालय बढ़ाई जमानत अवधि

Mon, 26 Feb 2024 11:15 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 26 Feb 2024 11:15 PM IST
विज्ञापन
Drinking water scheme controversy: Court extends bail period of 13 accused of violence
- महापंचायत से पहले जनजागरण अभियान और क्रमिक अनशन जारी
विज्ञापन

- समिति ने सतलुज से पानी देने की उठाई मांग

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर-सोलन सीमा पर बन रही कीकर- नवगांव पेयजल योजना के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के 13 आरोपियों की जमानत उच्च न्यायालय ने वीरवार तक बढ़ा दी है।
जमानत पर अब वीरवार को फिर से सुनाई होगी। वहीं, 3 मार्च को होने वाली महापंचायत से पहले संघर्ष समिति की ओर से जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है। समिति की चार टीमें गांव-गांव में जाकर लोगों को पेयजल योजना बनने से होने वाले प्रभावों और महापंचायत का बुलावा दे रही हैं। सोमवार को इन टीमों ने अर्की के नवगांव, बिलासपुर के छकोह, समोग, चांदपुर, बाग चमेरा, सिल्हा, साईं नेडुवा, गउटा, धुली पंजैल, जनेड़ और भोजपुर गांव में जाकर लोगों को जागरूक किया। वहीं, आंदोलन स्थल पर क्रमिक अनशन जारी है। सोमवार को क्रमिक अनशन पर प्रकाश, जगदीश, कुलदीप, गीता राम और परस राम बैठे। वहीं, संघर्ष समिति ने अर्की की पंचायतों को सतलुज नदी से पानी देने की मांग उठाई है। अली खड्ड बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता रजनीश शर्मा ने बताया कि गांव-गांव जाकर लोगों को योजना के प्रभावों के बारे में बताया जा रहा है। आने वाले दिनों में टीमों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
विज्ञापन

उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि अली खड्ड पर बन रही योजना को रद करके अर्की की पंचायतों को सतलुज नदी से पानी दिया जाए, ताकि सूखे के दिनों में उन्हें भी पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े। बताया कि हिंसा में आरोपी बनाए गए 13 आरोपियों की उच्च न्यायालय ने जमानत वीरवार तक बढ़ा दी है। उम्मीद जताई कि न्यायालय उनका पक्ष पूरा सुनेगा और उन्हें न्याय देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोटम

महापंचायत के आयोजन को लेकर अभी प्रशासन से किसी भी तरह की अनुमित नहीं ली गई है। इस तरह के आयोजनों के लिए प्रशासन को सूचित करना जरूरी होता है, ताकि जो भी तैयारी प्रशासनिक तौर पर जरूरी हो उसे समय से पूरा कर लिया जा सके। हालांकि पिछली महापंचायत के दिन हुई घटना को देखते हुए प्रशासन अपने तौर पर कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से सतर्क रहेगा।
- आबिद हुसैन सादिक, उपायुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed