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Bilaspur News: नयना देवी में गहराया पेयजल संकट, 48 घंटे में सिर्फ एक घंटे मिल रहा पानी
Thu, 11 Jun 2026 11:46 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 11 Jun 2026 11:46 PM IST
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स्थानीय लोगों में रोष, कहा-पर्याप्त पानी नहीं तो बिलों में भी हो कटौती
विभाग ने बारिश की कमी और सिंचाई को बताया कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि स्थानीय लोगों को 48 घंटे में मात्र एक घंटे के लिए ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। इससे क्षेत्रवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है और लोगों में जल शक्ति विभाग के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से यही स्थिति बनी हुई है। यदि पिछले महीने की बात करें तो पूरे माह में केवल 15 से 18 दिन ही लोगों के नलों में पानी पहुंच पाया। इस महीने में भी हालात नहीं सुधरे हैं। विभाग द्वारा सुबह केवल एक घंटे पानी दिया जाता है और उसके बाद एक दिन का ब्रेक लगाया जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नवनिर्वाचित पार्षद नीना शर्मा, अलकेंद्र, भूषण, दीक्षा शर्मा और आरती ने कहा कि इस मामले में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनका कहना है कि एक ओर विभाग ने पानी के बिल लगभग दोगुने कर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। यदि विभाग नियमित जलापूर्ति करने में सक्षम नहीं है तो उपभोक्ताओं के बिलों में भी कटौती की जानी चाहिए। पार्षदों ने कहा कि जनता पहले ही पानी की किल्लत से त्रस्त है और ऐसे में चार महीने बाद 2308 रुपये तक के भारी-भरकम बिल थमा दिए जाते हैं, जो लोगों की परेशानी को और बढ़ा रहे हैं। गौरतलब है कि करीब दस वर्ष पूर्व तत्कालीन विधायक रणधीर शर्मा के प्रयासों से लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये की लागत से कोट क्षेत्र से नयना देवी के लिए पेयजल योजना शुरू की गई थी।
इस योजना के तहत प्रतिदिन दो क्यूसेक पानी लिफ्ट किया जाना था, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में जल संकट बना हुआ है। स्थानीय निवासी एवं मंदिर न्यास के न्यासी अमित शर्मा, भारत भूषण, निखिलेश शर्मा, प्रतिभा कुमारी, प्रोमिला शर्मा, गौरव शर्मा, राजेश कुमार, कार्तिक शर्मा और मुकेश कुमार ने कहा कि नयना देवी में पेयजल संकट अब आम समस्या बन चुका है। लोगों को मजबूरी में शिकायत दर्ज कराने के लिए 1100 हेल्पलाइन का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उधर, जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता कृष्ण कुमार गुलेरिया ने बताया कि क्षेत्र में बारिश न होने के कारण सिंचाई के लिए अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। इसी वजह से नयना देवी के लिए कम मात्रा में पानी लिफ्ट हो पा रहा है, जिससे जलापूर्ति प्रभावित हुई है।
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विभाग ने बारिश की कमी और सिंचाई को बताया कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि स्थानीय लोगों को 48 घंटे में मात्र एक घंटे के लिए ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। इससे क्षेत्रवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है और लोगों में जल शक्ति विभाग के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से यही स्थिति बनी हुई है। यदि पिछले महीने की बात करें तो पूरे माह में केवल 15 से 18 दिन ही लोगों के नलों में पानी पहुंच पाया। इस महीने में भी हालात नहीं सुधरे हैं। विभाग द्वारा सुबह केवल एक घंटे पानी दिया जाता है और उसके बाद एक दिन का ब्रेक लगाया जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नवनिर्वाचित पार्षद नीना शर्मा, अलकेंद्र, भूषण, दीक्षा शर्मा और आरती ने कहा कि इस मामले में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनका कहना है कि एक ओर विभाग ने पानी के बिल लगभग दोगुने कर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। यदि विभाग नियमित जलापूर्ति करने में सक्षम नहीं है तो उपभोक्ताओं के बिलों में भी कटौती की जानी चाहिए। पार्षदों ने कहा कि जनता पहले ही पानी की किल्लत से त्रस्त है और ऐसे में चार महीने बाद 2308 रुपये तक के भारी-भरकम बिल थमा दिए जाते हैं, जो लोगों की परेशानी को और बढ़ा रहे हैं। गौरतलब है कि करीब दस वर्ष पूर्व तत्कालीन विधायक रणधीर शर्मा के प्रयासों से लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये की लागत से कोट क्षेत्र से नयना देवी के लिए पेयजल योजना शुरू की गई थी।
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इस योजना के तहत प्रतिदिन दो क्यूसेक पानी लिफ्ट किया जाना था, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में जल संकट बना हुआ है। स्थानीय निवासी एवं मंदिर न्यास के न्यासी अमित शर्मा, भारत भूषण, निखिलेश शर्मा, प्रतिभा कुमारी, प्रोमिला शर्मा, गौरव शर्मा, राजेश कुमार, कार्तिक शर्मा और मुकेश कुमार ने कहा कि नयना देवी में पेयजल संकट अब आम समस्या बन चुका है। लोगों को मजबूरी में शिकायत दर्ज कराने के लिए 1100 हेल्पलाइन का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उधर, जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता कृष्ण कुमार गुलेरिया ने बताया कि क्षेत्र में बारिश न होने के कारण सिंचाई के लिए अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। इसी वजह से नयना देवी के लिए कम मात्रा में पानी लिफ्ट हो पा रहा है, जिससे जलापूर्ति प्रभावित हुई है।
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