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ड्रेस कोड का मतलब स्कूल में एक रंग की पोशाक से नहीं : संघ

Sun, 16 Mar 2025 11:03 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Mar 2025 11:03 PM IST
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Dress code does not mean wearing uniform of same colour in school: Sangh
अध्यापक संघ ने सरकार, विभाग के निर्णय का किया स्वागत
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संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने कहा कि वह सरकार और विभाग की ओर से अध्यापकों के लिए ड्रेस कोड जारी करने के निर्णय का स्वागत करता है। ड्रेस कोड का मतलब किसी एक पाठशाला में किसी एक रंग की पोशाक लगाना नहीं है।
प्रेस को जारी बयान में जिला प्रधान राकेश कुमार संधू, राज्य वरिष्ठ प्रधान नरवीर सिंह चंदेल, प्रदेश संयुक्त सचिव और जिला प्रेस सचिव सेना पाल, जिला वरिष्ठ उप प्रधान वेद प्रकाश शर्मा और जिला महासचिव सुभाष चंद चौधरी ने कहा कि अध्यापक समाज का मार्गदर्शक है। उसे सहज और सभ्य तरीके से पोशाक का चयन करना चाहिए ताकि बच्चे, अभिभावक और समाज उसका अनुसरण कर सकें। इससे पहले भी अध्यापक ड्रेस कोड का पालन कर रहा था। आज के इस चकाचौंध के युग में अध्यापकों को सादगी के साथ-साथ उच्च चरित्रवान होने के साथ-साथ उसका पहनावा भी समाज को संदेश देने वाला होना चाहिए।
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संघ ने कहा की ड्रेस कोड का मतलब किसी एक पाठशाला में किसी एक रंग की पोशाक लगाना नहीं है। किसी एक पाठशाला में अलग तरह के वर्दी लगाना नहीं है। उन्होंने कहा कि पाठशाला मुखिया अपनी-अपनी पाठशाला में ड्रेस कोड को लागू करें, लेकिन अध्यापकों के लिए विशेष वर्दी की व्यवस्था करने में न जुट जाएं। ड्रेस कोड का मतलब सादगी वाले वस्त्र हैं। कुछ मुखिया अध्यापकों के लिए वर्दी का चयन करने की प्रक्रिया का हिस्सा बन रहे हैं जो बिल्कुल गलत है। किसी एक पाठशाला में अगर कोई एक वर्दी लगती है तो स्थानांतरण के समय जब अध्यापक दूसरी पाठशाला में जाएगा तो वहां अन्य वर्दी होगी जिससे उसे परेशानी होगी। अध्यापकों के लिए वर्दी लगाना उनके आत्मसम्मान के खिलाफ भी है। उन्होंने कहा कि इसे प्रदेश में ड्रेस कोड को सादगी और सहज लिबास के रूप में लागू किया जाए और अध्यापकों के लिए वर्दी की व्यवस्था को तुरंत रोका जाए।
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