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Bilaspur News: कुत्तों ने एक दिन में पांच लोगों को काटा
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- घुमारवीं क्षेत्र में कुत्ते लगातार हो रहे खूंखार, लोगों में दहशत
- लोगों का घरों से निकलना हुआ दूभर
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं क्षेत्र में लावारिस कुत्ते खूंखार होते जा रहे हैं। आए दिन सिविल अस्पताल घुमारवीं में कुत्तों के काटने के मामले सामने आ रहे हैं।
सोमवार को एक ही दिन में घुमारवीं शहर और आसपास के क्षेत्रों से कुत्तों के काटने के पांच लोग अस्पताल पहुंचे। इन कुत्तों का अधिकतर आतंक घुमारवीं शहर के साथ लगते चुवाड़ी, जम्मन, पनौल आदि गांवों में देखने को मिल रहा है। कुत्ते बड़ों से लेकर बच्चों तक सभी को शिकार बना रहे हैं। सोमवार रंजीत (32) गांव पनौल, सुमित (20) गांव जम्मन, सरवन (32) गांव कलोल, आदित्य(33) गांव पनियाला, शिवांश (12) गांव चुवाड़ी को लावारिस कुत्तों ने काट लिया। अधिकतर क्षेत्रों में लावारिस कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। आलम यह है कि लोग अपने बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजने से कतराने लगे हैं।
लावारिस कुत्तों के हमले से छोटे बच्चों का बाहर खेलना तक बंद हो गया है। वहीं अभिभावक भी अपने बच्चों को कुत्तों के डर से स्कूल भेजने से भी चिंतित नजर आ रहे हैं। अधिकतर अभिभावक बच्चों को साथ चलते वक्त हाथ में डंडा पकड़े रखते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इसके बारे में अनेक बार में प्रशासन से मांग की गई है कि उन्हें इन लावारिस खूंखार कुत्तों से मुक्ति दिलाई जाए, लेकिन न तो पंचायत स्तर पर कार्रवाई की जा रही है न ही प्रशासन कोई ठोस प्रयास कर रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है समय रहते इन लावारिस कुत्तों पर काबू पाया जाए।
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कोट
समय-समय पर लावारिस कुत्तों की वैक्सीनेशन कराई जाती है। इसके अलावा लावारिस कुत्तों को काबू में करने के लिए नसबंदी एक बेहतर उपाय है। इसके लिए सभी पंचायतों को दिशानिर्देश जारी किए हैं कि एक सप्ताह के लिए इन कुत्तों को बांधने का इंतजाम किया जाए। ताकि उनकी नसबंदी की जा सके। किसी भी पंचायत से सहयोग नहीं मिल रहा है।
- किशोरी लाल शर्मा, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, घुमारवीं
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- लोगों का घरों से निकलना हुआ दूभर
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं क्षेत्र में लावारिस कुत्ते खूंखार होते जा रहे हैं। आए दिन सिविल अस्पताल घुमारवीं में कुत्तों के काटने के मामले सामने आ रहे हैं।
सोमवार को एक ही दिन में घुमारवीं शहर और आसपास के क्षेत्रों से कुत्तों के काटने के पांच लोग अस्पताल पहुंचे। इन कुत्तों का अधिकतर आतंक घुमारवीं शहर के साथ लगते चुवाड़ी, जम्मन, पनौल आदि गांवों में देखने को मिल रहा है। कुत्ते बड़ों से लेकर बच्चों तक सभी को शिकार बना रहे हैं। सोमवार रंजीत (32) गांव पनौल, सुमित (20) गांव जम्मन, सरवन (32) गांव कलोल, आदित्य(33) गांव पनियाला, शिवांश (12) गांव चुवाड़ी को लावारिस कुत्तों ने काट लिया। अधिकतर क्षेत्रों में लावारिस कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। आलम यह है कि लोग अपने बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजने से कतराने लगे हैं।
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लावारिस कुत्तों के हमले से छोटे बच्चों का बाहर खेलना तक बंद हो गया है। वहीं अभिभावक भी अपने बच्चों को कुत्तों के डर से स्कूल भेजने से भी चिंतित नजर आ रहे हैं। अधिकतर अभिभावक बच्चों को साथ चलते वक्त हाथ में डंडा पकड़े रखते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इसके बारे में अनेक बार में प्रशासन से मांग की गई है कि उन्हें इन लावारिस खूंखार कुत्तों से मुक्ति दिलाई जाए, लेकिन न तो पंचायत स्तर पर कार्रवाई की जा रही है न ही प्रशासन कोई ठोस प्रयास कर रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है समय रहते इन लावारिस कुत्तों पर काबू पाया जाए।
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समय-समय पर लावारिस कुत्तों की वैक्सीनेशन कराई जाती है। इसके अलावा लावारिस कुत्तों को काबू में करने के लिए नसबंदी एक बेहतर उपाय है। इसके लिए सभी पंचायतों को दिशानिर्देश जारी किए हैं कि एक सप्ताह के लिए इन कुत्तों को बांधने का इंतजाम किया जाए। ताकि उनकी नसबंदी की जा सके। किसी भी पंचायत से सहयोग नहीं मिल रहा है।
- किशोरी लाल शर्मा, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, घुमारवीं