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बच्चों को ऐसी गाड़ियों से विद्यालय न भेजें, जिसका फिटनेस और रजिस्ट्रेशन न हो : कौशल
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बिलासपुर में लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति किया जा रहा है जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में सड़क सुरक्षा पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए मंगलवार को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय द्वारा महिला पुलिस थाना, पुलिस लेन और स्थानीय जनता को जागरूक किया गया।
आरटीओ राजेश कुमार कौशल ने बताया कि आए दिन सड़क दुर्घटना लोगों के लिए एक मुख्य समस्या बन गई है। इसके पीछे वाहन चालक की गलती, साइन बोर्ड का सही जगह पर न होना, नींद, थकान या नशे की हालत में वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करना, गलत लेन गाड़ी चलाना, ट्रैफिक नियमों का पालन न करना सहित कई कारण हो सकते हैं। कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद एक घंटे का गोल्डन समय होता है। इसमें घायल व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई जा सकती है। कहा कि अपने आसपास रहने वाले लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। बच्चों को भी ऐसी गाड़ियों से विद्यालय न भेजें, जिसका फिटनेस व रजिस्ट्रेशन न हुआ हो। इसका ध्यान देने से काफी हद तक खुद के साथ लोगों को दुर्घटनाओं से बचा सकते हैं। बताया कि एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते सभी का परम कर्तव्य बनता है कि सरकार के इस अभियान को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और सड़क सुरक्षा माह को सफल बनाएं। साथ ही उन्होंने यातायात से संबंधित लोगों के विभिन्न प्रश्नों का भी समाधान किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में सड़क सुरक्षा पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए मंगलवार को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय द्वारा महिला पुलिस थाना, पुलिस लेन और स्थानीय जनता को जागरूक किया गया।
आरटीओ राजेश कुमार कौशल ने बताया कि आए दिन सड़क दुर्घटना लोगों के लिए एक मुख्य समस्या बन गई है। इसके पीछे वाहन चालक की गलती, साइन बोर्ड का सही जगह पर न होना, नींद, थकान या नशे की हालत में वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करना, गलत लेन गाड़ी चलाना, ट्रैफिक नियमों का पालन न करना सहित कई कारण हो सकते हैं। कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद एक घंटे का गोल्डन समय होता है। इसमें घायल व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई जा सकती है। कहा कि अपने आसपास रहने वाले लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। बच्चों को भी ऐसी गाड़ियों से विद्यालय न भेजें, जिसका फिटनेस व रजिस्ट्रेशन न हुआ हो। इसका ध्यान देने से काफी हद तक खुद के साथ लोगों को दुर्घटनाओं से बचा सकते हैं। बताया कि एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते सभी का परम कर्तव्य बनता है कि सरकार के इस अभियान को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और सड़क सुरक्षा माह को सफल बनाएं। साथ ही उन्होंने यातायात से संबंधित लोगों के विभिन्न प्रश्नों का भी समाधान किया।
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