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Bilaspur News: 90 की उम्र में भी लोक संस्कृति सहेज रहीं दियाली देवी सम्मानित
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मंगलामुखी दियाली देवी को सम्मानित करते डॉक्टर सुरेश शर्मा। स्रोत: जागरूक पाठक
संगीतज्ञों, साहित्यकारों और मीडिया कर्मियों ने घर जाकर आर्थिक सहायता भी दी
दियाली का समुदाय शिव की बरात में पारंपरिक वाद्य बजाने का करता है काम
दुर्लभ लोक कलाओं और कलाकारों का लिखित और डिजिटल दस्तावेजीकरण करवाने पर जोर
सोशल मीडिया पर चर्चा में आने के बाद सुंदरनगर के समीप बेटी के घर रह रही हैं दियाली देवी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मंडी जिले के मंगलामुखी समुदाय की 90 वर्षीय लोक गायिका दियाली देवी को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित किया गया। प्रदेश के संगीतज्ञों, साहित्यकारों और प्रेस एवं डिजिटल मीडिया से जुड़े लोगों ने सुंदरनगर के साथ लगते गांव जाकर दियाली देवी को टोपी और शाल पहनाकर सम्मानित किया। कला के संरक्षण और संवर्धन के लिए उन्हें आर्थिक सहायता भी दी गई।
प्रदेश के प्रतिष्ठित संगीतज्ञ, शोधकर्ता एवं लेखक डॉ. सुरेश शर्मा ने कहा कि दियाली देवी जैसी लोक कलाकार हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति की जीवंत धरोहर हैं। सोशल मीडिया से कुछ दिन पहले चर्चा में आईं दियाली देवी सुंदरनगर के साथ लगते गांव में विवाहिता बेटी आशा के साथ रह रही हैं। उन्होंने बताया कि मंगलामुखी समुदाय को भगवान शंकर का भक्त माना जाता है। समुदाय के लोगों द्वारा भगवान शिव की भूत-प्रेत, गण, अघोरी और भयंकर जानवरों वाली बरात में ढोल, नगाड़े, करनाल, रणसिंगा और शहनाई जैसे वाद्य बजाने की परंपरा रही है। आज भी इस समुदाय के बजंतरी गांव-गांव जाकर लोगों के घरों में उनका नाम लेकर मंगलकामनाएं और आशीष देते हैं।
डॉ. सुरेश शर्मा ने कहा कि सरकार को ऐसे परंपरागत और पुश्तैनी कलाकारों को धरोहर कलाकार घोषित कर आर्थिक सहायता देनी चाहिए। कला एवं संस्कृति विभागों को ऐसे दुर्लभ कलाकारों की कला, परंपराओं और जीवन से जुड़े पहलुओं का लिखित और डिजिटल दस्तावेजीकरण करवाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां हिमाचल की इस लोक विरासत से परिचित हो सकें।
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इस अवसर पर सोनी फिल्म के प्रोड्यूसर एवं डायरेक्टर संजीव सोनी, साहित्यकार रत्न चंद निर्झर, साहित्यकार कृष्ण चंद महादेविया, संगीतज्ञ डॉ. कोष पाल ठाकुर, चित्रकार शशि ठाकुर और कैमरामैन विवेक गर्ग भी मौजूद रहे।
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दियाली का समुदाय शिव की बरात में पारंपरिक वाद्य बजाने का करता है काम
दुर्लभ लोक कलाओं और कलाकारों का लिखित और डिजिटल दस्तावेजीकरण करवाने पर जोर
सोशल मीडिया पर चर्चा में आने के बाद सुंदरनगर के समीप बेटी के घर रह रही हैं दियाली देवी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मंडी जिले के मंगलामुखी समुदाय की 90 वर्षीय लोक गायिका दियाली देवी को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित किया गया। प्रदेश के संगीतज्ञों, साहित्यकारों और प्रेस एवं डिजिटल मीडिया से जुड़े लोगों ने सुंदरनगर के साथ लगते गांव जाकर दियाली देवी को टोपी और शाल पहनाकर सम्मानित किया। कला के संरक्षण और संवर्धन के लिए उन्हें आर्थिक सहायता भी दी गई।
प्रदेश के प्रतिष्ठित संगीतज्ञ, शोधकर्ता एवं लेखक डॉ. सुरेश शर्मा ने कहा कि दियाली देवी जैसी लोक कलाकार हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति की जीवंत धरोहर हैं। सोशल मीडिया से कुछ दिन पहले चर्चा में आईं दियाली देवी सुंदरनगर के साथ लगते गांव में विवाहिता बेटी आशा के साथ रह रही हैं। उन्होंने बताया कि मंगलामुखी समुदाय को भगवान शंकर का भक्त माना जाता है। समुदाय के लोगों द्वारा भगवान शिव की भूत-प्रेत, गण, अघोरी और भयंकर जानवरों वाली बरात में ढोल, नगाड़े, करनाल, रणसिंगा और शहनाई जैसे वाद्य बजाने की परंपरा रही है। आज भी इस समुदाय के बजंतरी गांव-गांव जाकर लोगों के घरों में उनका नाम लेकर मंगलकामनाएं और आशीष देते हैं।
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डॉ. सुरेश शर्मा ने कहा कि सरकार को ऐसे परंपरागत और पुश्तैनी कलाकारों को धरोहर कलाकार घोषित कर आर्थिक सहायता देनी चाहिए। कला एवं संस्कृति विभागों को ऐसे दुर्लभ कलाकारों की कला, परंपराओं और जीवन से जुड़े पहलुओं का लिखित और डिजिटल दस्तावेजीकरण करवाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां हिमाचल की इस लोक विरासत से परिचित हो सकें।
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इस अवसर पर सोनी फिल्म के प्रोड्यूसर एवं डायरेक्टर संजीव सोनी, साहित्यकार रत्न चंद निर्झर, साहित्यकार कृष्ण चंद महादेविया, संगीतज्ञ डॉ. कोष पाल ठाकुर, चित्रकार शशि ठाकुर और कैमरामैन विवेक गर्ग भी मौजूद रहे।