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Bilaspur News: जिला परिषद अधिकारी और कर्मचारी महासंघ ने की हड़ताल
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- छठे वेतन आयोग और विभाग में मर्ज करने की रखी मांग, हड़ताल के चलते लोगों को समस्याओं का करना पड़ा सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता/भगेड़/स्वारघाट/बिलासपुर। जिले में शनिवार को जिला परिषद कर्मचारी एवं अधिकारी महासंघ के सभी अधिकारी और कर्मचारी बीडीओ कार्यालय के बाहर पेन डाउन हड़ताल पर बैठे। इसके चलते लोगों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
विकास खंड झंडूता में हड़ताल का असर ग्राम पंचायतों पर भी पड़ा। पंचायत सचिव, कनिष्ठ अभियंता, तकनीकी सहायक और पंचायत चौकीदार सहित 46 कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से लोगों के कार्य प्रभावित हुए। इन कर्मचारियों का कहना है कि हमें विभाग में मर्ज किया जाए और छठे वेतन आयोग का लाभ दिया जाए। वहीं जिला परिषद सदस्य बैहना वार्ड प्रोमिला वसु ने हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का समर्थन करते हुए कहा कि इन कर्मचारियों पर काम का अधिक बोझ रहता है। इनको प्रदेश के कर्मचारियों की तरह रखा जाए।
विकासखंड स्वारघाट की 26 ग्राम पंचायतों के जिला परिषद काडर के सभी सचिव, कनिष्ठ अभियंता और तकनीकी सहायक प्रदेश सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं। इससे पूर्व महासंघ ने पिछले बीडीओ स्वारघाट के माध्यम से प्रदेश सरकार को 30 सितंबर से पहले उनकी मांगों को पूरा करने के लिए ज्ञापन सौंपा था और मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन पेन डाउन हड़ताल का समय दिया था, लेकिन प्रदेश सरकार ने उपरोक्त समय अवधि में उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं किया। इसके चलते आज इन सभी कर्मचारियों और अधिकारियों ने पेन डाउन हड़ताल शुरू कर दी है। महासंघ के खंड अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि जिला परिषद काडर के सचिव, कनिष्ठ अभियंता को पंचायती राज व ग्रामीण विकास विभाग में मर्ज किया जाए। साथ ही उन्हें अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों की तरह छठे वेतन आयोग का लाभ भी दिया जाए। इस मांग को पूर्व भाजपा सरकार और वर्तमान प्रदेश सरकार के समक्ष कई बार उठ चुका है, लेकिन सिवाय आश्वासनों के उन्हें कुछ नहीं मिला है।
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विकास खंड घुमारवीं में भी अपनी एक सूत्री मांग को लेकर कर्मचारी और अधिकारी विकासखंड कार्यालय घुमारवीं में अनिश्चितकालीन पेन डाउन हड़ताल शुरू की और दिनभर धरना प्रदर्शन किया। इसमें विकास खंड घुमारवीं के कुल 69 कर्मचारी, जिसमें पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, कनिष्ठ अभियंता और सेवादार शामिल रहे। खंड अध्यक्ष मांगों को पूरा न करने पर प्रदेश भर के 4700 के करीब इस वर्ग के कर्मचारी शनिवार से हड़ताल पर चले गए हैं। इससे प्रदेश भर में विवाह पंजीकरण, मृत्यु पंजीकरण, मनरेगा सहित विभिन्न विकासात्मक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि लोगों के कार्य सुचारू रूप से चल सकें। इस दौरान उन्होंने विकास खंड अधिकारी विपिन कुमार को ज्ञापन भी सौंपा। इस मौके पर सुरेंद्र कुमार, संजीव कुमार, कुलदीप चंद, प्रकाश चंद, धर्मदास बंसल, जयलाल, राजकुमार, अशोक कुमार, अनिल कुमार, किरण देवी, बिशन सिंह, ज्ञान कौर, देशराज, बलदेव राज, रमेश कुमार, राजेश कुमार, वनिता देवी, अरविंद कुमार, गोल्डी भारद्वाज, सुनील, नीलम कुमारी, अंबिका शर्मा, इंदुबाला और वीना कुमारी मौजूद रही।
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संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता/भगेड़/स्वारघाट/बिलासपुर। जिले में शनिवार को जिला परिषद कर्मचारी एवं अधिकारी महासंघ के सभी अधिकारी और कर्मचारी बीडीओ कार्यालय के बाहर पेन डाउन हड़ताल पर बैठे। इसके चलते लोगों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
विकास खंड झंडूता में हड़ताल का असर ग्राम पंचायतों पर भी पड़ा। पंचायत सचिव, कनिष्ठ अभियंता, तकनीकी सहायक और पंचायत चौकीदार सहित 46 कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से लोगों के कार्य प्रभावित हुए। इन कर्मचारियों का कहना है कि हमें विभाग में मर्ज किया जाए और छठे वेतन आयोग का लाभ दिया जाए। वहीं जिला परिषद सदस्य बैहना वार्ड प्रोमिला वसु ने हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का समर्थन करते हुए कहा कि इन कर्मचारियों पर काम का अधिक बोझ रहता है। इनको प्रदेश के कर्मचारियों की तरह रखा जाए।
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विकासखंड स्वारघाट की 26 ग्राम पंचायतों के जिला परिषद काडर के सभी सचिव, कनिष्ठ अभियंता और तकनीकी सहायक प्रदेश सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं। इससे पूर्व महासंघ ने पिछले बीडीओ स्वारघाट के माध्यम से प्रदेश सरकार को 30 सितंबर से पहले उनकी मांगों को पूरा करने के लिए ज्ञापन सौंपा था और मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन पेन डाउन हड़ताल का समय दिया था, लेकिन प्रदेश सरकार ने उपरोक्त समय अवधि में उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं किया। इसके चलते आज इन सभी कर्मचारियों और अधिकारियों ने पेन डाउन हड़ताल शुरू कर दी है। महासंघ के खंड अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि जिला परिषद काडर के सचिव, कनिष्ठ अभियंता को पंचायती राज व ग्रामीण विकास विभाग में मर्ज किया जाए। साथ ही उन्हें अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों की तरह छठे वेतन आयोग का लाभ भी दिया जाए। इस मांग को पूर्व भाजपा सरकार और वर्तमान प्रदेश सरकार के समक्ष कई बार उठ चुका है, लेकिन सिवाय आश्वासनों के उन्हें कुछ नहीं मिला है।
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विकास खंड घुमारवीं में भी अपनी एक सूत्री मांग को लेकर कर्मचारी और अधिकारी विकासखंड कार्यालय घुमारवीं में अनिश्चितकालीन पेन डाउन हड़ताल शुरू की और दिनभर धरना प्रदर्शन किया। इसमें विकास खंड घुमारवीं के कुल 69 कर्मचारी, जिसमें पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, कनिष्ठ अभियंता और सेवादार शामिल रहे। खंड अध्यक्ष मांगों को पूरा न करने पर प्रदेश भर के 4700 के करीब इस वर्ग के कर्मचारी शनिवार से हड़ताल पर चले गए हैं। इससे प्रदेश भर में विवाह पंजीकरण, मृत्यु पंजीकरण, मनरेगा सहित विभिन्न विकासात्मक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि लोगों के कार्य सुचारू रूप से चल सकें। इस दौरान उन्होंने विकास खंड अधिकारी विपिन कुमार को ज्ञापन भी सौंपा। इस मौके पर सुरेंद्र कुमार, संजीव कुमार, कुलदीप चंद, प्रकाश चंद, धर्मदास बंसल, जयलाल, राजकुमार, अशोक कुमार, अनिल कुमार, किरण देवी, बिशन सिंह, ज्ञान कौर, देशराज, बलदेव राज, रमेश कुमार, राजेश कुमार, वनिता देवी, अरविंद कुमार, गोल्डी भारद्वाज, सुनील, नीलम कुमारी, अंबिका शर्मा, इंदुबाला और वीना कुमारी मौजूद रही।