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Bilaspur News: अंतरराष्ट्रीय मंच पर निर्माण कार्य में श्रमिकों की सुरक्षा, अधिकारों पर की चर्चा
Mon, 16 Dec 2024 11:04 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 16 Dec 2024 11:04 PM IST
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-हिमाचल की कई परियोजनाओं में श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा लाभ नहीं -भाटिया
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। देश के निर्माण उद्योग से जुड़े श्रमिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर इंटरनेशनल बिल्डिंग एंड वर्कर्स यूनियन का वार्षिक सम्मेलन 15-16 दिसंबर 2024 को काठमांडू में किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता निदेशक डॉक्टर रघुवीर शर्मा ने की। कार्यक्रम का समापन ग्लोबल यूनियन कंस्ट्रक्शन सेफ्टी और हेल्थ के निर्देशानुसार किया गया।
सम्मेलन में पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, भारत और नेपाल के ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भारत से गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश के श्रमिक नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रमुख तौर पर प्रेम लाल ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। सम्मेलन में श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके तहत कई बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया। इनमें निर्माण परियोजनाओं में श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा कैसे की जाए।
श्रमिकों को वेलफेयर बोर्ड में पंजीकृत कराने में आ रही समस्याओं का समाधान। अंतरराष्ट्रीय फंडिंग एजेंसियों की नीतियां और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश विशेष रूप से शामिल किए गए। सम्मेलन में बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां जैसे विश्व बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक, और इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन, विभिन्न देशों और राज्यों में विकास परियोजनाओं के लिए फंडिंग करती हैं। हालांकि, फंडिंग के बावजूद श्रमिकों के न्यूनतम मानकों को लागू नहीं किया जा रहा है।
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प्रेम लाल ठाकुर ने हिमाचल में निर्माण कार्यों में श्रमिकों की कठिनाइयों को उजागर किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कई परियोजनाओं में श्रमिकों को न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने मांग की कि अन्य राज्यों की तरह हिमाचल में भी श्रमिकों के अधिकारों को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। इंटरनेशनल बिल्डिंग एंड वर्कर्स यूनियन के सचिव ने कहा कि 2022 में इंटरनेशनल बिल्डिंग एंड वर्कर्स यूनियन ने एशियन डेवलपमेंट बैंक के साथ एक समझौता किया था, जिसके तहत सभी निर्माण परियोजनाओं में श्रमिक मानकों का पालन करना अनिवार्य किया गया था। लेकिन कई स्थानों पर इसे लागू नहीं किया जा रहा है। कहा कि इस मामले में वह दस्तावेज़ी साक्ष्यों के आधार पर शिकायत दर्ज कराएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। देश के निर्माण उद्योग से जुड़े श्रमिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर इंटरनेशनल बिल्डिंग एंड वर्कर्स यूनियन का वार्षिक सम्मेलन 15-16 दिसंबर 2024 को काठमांडू में किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता निदेशक डॉक्टर रघुवीर शर्मा ने की। कार्यक्रम का समापन ग्लोबल यूनियन कंस्ट्रक्शन सेफ्टी और हेल्थ के निर्देशानुसार किया गया।
सम्मेलन में पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, भारत और नेपाल के ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भारत से गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश के श्रमिक नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रमुख तौर पर प्रेम लाल ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। सम्मेलन में श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके तहत कई बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया। इनमें निर्माण परियोजनाओं में श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा कैसे की जाए।
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श्रमिकों को वेलफेयर बोर्ड में पंजीकृत कराने में आ रही समस्याओं का समाधान। अंतरराष्ट्रीय फंडिंग एजेंसियों की नीतियां और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश विशेष रूप से शामिल किए गए। सम्मेलन में बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां जैसे विश्व बैंक, एशियन डेवलपमेंट बैंक, और इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन, विभिन्न देशों और राज्यों में विकास परियोजनाओं के लिए फंडिंग करती हैं। हालांकि, फंडिंग के बावजूद श्रमिकों के न्यूनतम मानकों को लागू नहीं किया जा रहा है।
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प्रेम लाल ठाकुर ने हिमाचल में निर्माण कार्यों में श्रमिकों की कठिनाइयों को उजागर किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कई परियोजनाओं में श्रमिकों को न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने मांग की कि अन्य राज्यों की तरह हिमाचल में भी श्रमिकों के अधिकारों को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। इंटरनेशनल बिल्डिंग एंड वर्कर्स यूनियन के सचिव ने कहा कि 2022 में इंटरनेशनल बिल्डिंग एंड वर्कर्स यूनियन ने एशियन डेवलपमेंट बैंक के साथ एक समझौता किया था, जिसके तहत सभी निर्माण परियोजनाओं में श्रमिक मानकों का पालन करना अनिवार्य किया गया था। लेकिन कई स्थानों पर इसे लागू नहीं किया जा रहा है। कहा कि इस मामले में वह दस्तावेज़ी साक्ष्यों के आधार पर शिकायत दर्ज कराएगी।