{"_id":"62b4bbba07db1373264dfa3f","slug":"disabled-beaten-by-policein-rampur-bilaspur-news-mbd432314553","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानपुर ओझा में पुलिस पर पीटने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानपुर ओझा में पुलिस पर पीटने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने किया हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। क्षेत्र के ग्राम मानपुर ओझा में ग्रामीणों ने मतदान करने गए दो दिव्यांग मतदाताओं को मारने-पीटने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मतदान के बहिष्कार की घोषणा कर दी। एसडीएम और सीओ भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए, मगर ग्रामीण नहीं माने। बाद में पहुंचे राज्यमंत्री और ब्लाक प्रमुख ने सभी ग्रामीणों को समझाकर मतदान शुरू कराया।
ग्रामीणों के अनुसार बृहस्पतिवार की सुबह करीब छह बजे से ही गांव निवासी दिव्यांग हरेंद्र विश्वास व साधना विश्वास मतदान केंद्र के बाहर एक मेडिकल स्टोर पर बैठे थे। कुछ मतदाता रोड पर मतदान केंद्र का गेट खुलने का इंतजार कर रहे थे। आरोप है कि भीड़ को देखकर एक दरोगा ने लोगों को पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि इस दौरान दरोगा ने मेडिकल स्टोर के बरामदे में बैठे दोनों दिव्यांगों को भी पीट दिया। इस कारण रोड पर मतदाताओं में अफरा-तफरा मच गई और लोग इधर उधर भागने लगे। इसी बात को लेकर मतदाताओं में आक्रोश फैल गया और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मतदान का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी। इसके बाद सभी मतदाता दुर्गा मंदिर पर एकत्र हो गए और हंगामा व प्रदर्शन करने लगे।
बाद में एसडीएम मयंक गोस्वामी व सीओ अरुण कुमार सिंह, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, ब्लाक प्रमुख कुलवंत सिंह औलख आदि मौके पर पहुंचे। उन्होंने हंगामा कर रहे सभी ग्रामीणों को समझाया। ग्रामीणों की मांग थी कि आरोपी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की जाए। राज्यमंत्री के कार्रवाई कराने के आश्वासन पर ग्रामीण मतदान करने को राजी हुए। बाद में राज्यमंत्री दोनों पीड़ितों को अपने वाहन से साथ ले जाकर मतदान कराया। एसडीएम ने बताया कि एक पुलिस कर्मी ने भीड़ को देखकर डंडा चला दिया था। उसके द्वारा माफी मांगने पर मामला निपट गया और लोगों ने मतदान पूरे उत्साह के साथ किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार बृहस्पतिवार की सुबह करीब छह बजे से ही गांव निवासी दिव्यांग हरेंद्र विश्वास व साधना विश्वास मतदान केंद्र के बाहर एक मेडिकल स्टोर पर बैठे थे। कुछ मतदाता रोड पर मतदान केंद्र का गेट खुलने का इंतजार कर रहे थे। आरोप है कि भीड़ को देखकर एक दरोगा ने लोगों को पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि इस दौरान दरोगा ने मेडिकल स्टोर के बरामदे में बैठे दोनों दिव्यांगों को भी पीट दिया। इस कारण रोड पर मतदाताओं में अफरा-तफरा मच गई और लोग इधर उधर भागने लगे। इसी बात को लेकर मतदाताओं में आक्रोश फैल गया और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मतदान का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी। इसके बाद सभी मतदाता दुर्गा मंदिर पर एकत्र हो गए और हंगामा व प्रदर्शन करने लगे।
विज्ञापन
बाद में एसडीएम मयंक गोस्वामी व सीओ अरुण कुमार सिंह, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, ब्लाक प्रमुख कुलवंत सिंह औलख आदि मौके पर पहुंचे। उन्होंने हंगामा कर रहे सभी ग्रामीणों को समझाया। ग्रामीणों की मांग थी कि आरोपी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की जाए। राज्यमंत्री के कार्रवाई कराने के आश्वासन पर ग्रामीण मतदान करने को राजी हुए। बाद में राज्यमंत्री दोनों पीड़ितों को अपने वाहन से साथ ले जाकर मतदान कराया। एसडीएम ने बताया कि एक पुलिस कर्मी ने भीड़ को देखकर डंडा चला दिया था। उसके द्वारा माफी मांगने पर मामला निपट गया और लोगों ने मतदान पूरे उत्साह के साथ किया है।
विज्ञापन