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Bilaspur News: छात्र संघ चुनाव बहाल करने और फीस वृद्धि वापस लेने की मांग

Wed, 12 Aug 2026 12:11 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2026 12:11 AM IST
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Demand to restore student union elections and roll back fee hikes.
बिलासपुर कॉलेज में गेट के बाहर धरना देते एबीवीपी के कार्यकर्ता। स्रोत: एबीवीपी
एबीवीपी ने बिलासपुर कॉलेज गेट पर किया धरना-प्रदर्शन
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मांगें पूरी न होने पर प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन की चेतावनी

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की बिलासपुर जिला इकाई ने मंगलवार को विभिन्न मांगों को लेकर बिलासपुर कॉलेज गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इकाई संयोजक देवार्य टाडू की अगुवाई में हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने प्रदेश में लंबे समय से बंद छात्र संघ चुनावों को तत्काल बहाल करने और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला की ओर से की गई फीस वृद्धि को वापस लेने की मांग उठाई।

एबीवीपी ने प्रदेश सरकार से विद्यार्थियों के हित में इन मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो प्रदेशभर में आंदोलन को उग्र किया जाएगा। इकाई संयोजक देवार्य टाडू ने कहा कि फीस वृद्धि से प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। इससे कई विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से पुनर्मूल्यांकन की फीस 300 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दी गई है, जो विद्यार्थियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ है। उन्होंने कहा कि छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, उत्तरदायित्व और लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हिमाचल प्रदेश में छात्र संघ चुनाव बंद होने से विद्यार्थी अपने लोकतांत्रिक प्रतिनिधि चुनने के अधिकार से वंचित हैं। उन्होंने इसे सरकार की विद्यार्थी विरोधी नीति करार देते हुए कहा कि एबीवीपी इसका हर स्तर पर विरोध करेगी। एबीवीपी ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए तत्काल ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की। संगठन ने कहा कि नशा मुक्ति को केवल नारा बनाने के बजाय अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ कठोर कानून बनाया जाना चाहिए। इसके अलावा युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने और शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने की मांग भी उठाई गई। महिला सुरक्षा के लिए विशेष योजना बनाने और प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी एबीवीपी ने रखी। देवार्य टाडू ने कहा कि इन्हीं मांगों को लेकर एबीवीपी प्रदेशभर में आंदोलनरत है। एबीवीपी ने कहा कि आने वाले दिनों में हस्ताक्षर अभियान, भूख हड़ताल और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में विभाग सह संयोजिका वैष्णवी, जिला संगठन मंत्री मनीष, अर्जुन चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आयुष, शिवांश, अखिल, आदित्य ठाकुर सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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