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Bilaspur News: किसानों ने ऋण में राहत देने के लिए मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
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जिले में करीब 200 किसानों को आए जमीन कुर्की के नोटिस
हिमाचल किसान सभा ने किया किसानों का समर्थन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल किसान सभा ने किसानों को ऋण में राहत देने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. निधि पटेल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। इस दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री से ऋण में राहत देने की मांग उठाई।
ज्ञापन में किसानों ने बताया कि उन्होंने कोरोना काल से पहले दो से तीन लाख रुपये का ऋण लिया था। इसकी किस्तें सुचारु दीं। कोरोना के दौरान किस्तें नहीं दे पाए। आज वह ऋण से अधिक ब्याज दे चुके हैं। अब उन्हें बैंक की ओर से जमीन कुर्क करने के नोटिस जारी हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसानों से उनकी भूमि ही छीन ली जाएगी तो क्या करेंगे। इस दौरान पूर्व विधायक एवं हिमाचल सभा के अध्यक्ष कृष्ण कुमार कौशल ने कहा कि जिस बैंक की स्थापना हिमाचल में किसानों को राहत देने के लिए की गई थी, वह आज किसानों की जमीन कुर्क कर रहा है। यह गरीब किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी विडंबना है कि एक तरफ तो देश के पूंजीपतियों का करोड़ों रुपये का ऋण माफ किया जा रहा है। वहीं गरीब किसान जो किसी मजबूरी में ऋण की अदायगी नहीं कर पा रहे हैं उनकी जमीनें कुर्क की जा रही हैं। विधवाओं तक को इसमें कोई राहत नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि बैंक ही जमीन कुर्क करने लग जाएगा तो प्रदेश के किसान जमीन रहित हो जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग उठाई कि इस किसान विरोधी अभियान को रोका जाए और एकमुश्त बंदोबस्त कर किसानों को राहत दी जाए।
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हिमाचल किसान सभा ने किया किसानों का समर्थन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल किसान सभा ने किसानों को ऋण में राहत देने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. निधि पटेल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। इस दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री से ऋण में राहत देने की मांग उठाई।
ज्ञापन में किसानों ने बताया कि उन्होंने कोरोना काल से पहले दो से तीन लाख रुपये का ऋण लिया था। इसकी किस्तें सुचारु दीं। कोरोना के दौरान किस्तें नहीं दे पाए। आज वह ऋण से अधिक ब्याज दे चुके हैं। अब उन्हें बैंक की ओर से जमीन कुर्क करने के नोटिस जारी हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसानों से उनकी भूमि ही छीन ली जाएगी तो क्या करेंगे। इस दौरान पूर्व विधायक एवं हिमाचल सभा के अध्यक्ष कृष्ण कुमार कौशल ने कहा कि जिस बैंक की स्थापना हिमाचल में किसानों को राहत देने के लिए की गई थी, वह आज किसानों की जमीन कुर्क कर रहा है। यह गरीब किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी विडंबना है कि एक तरफ तो देश के पूंजीपतियों का करोड़ों रुपये का ऋण माफ किया जा रहा है। वहीं गरीब किसान जो किसी मजबूरी में ऋण की अदायगी नहीं कर पा रहे हैं उनकी जमीनें कुर्क की जा रही हैं। विधवाओं तक को इसमें कोई राहत नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि बैंक ही जमीन कुर्क करने लग जाएगा तो प्रदेश के किसान जमीन रहित हो जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग उठाई कि इस किसान विरोधी अभियान को रोका जाए और एकमुश्त बंदोबस्त कर किसानों को राहत दी जाए।
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