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Bilaspur News: लक्ष्य तय कर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें बेटियां
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डंगार स्कूल में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के साथ छात्राएं। संवाद
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डंगार स्कूल में अपराजिता अभियान में एचएएस अधिकारी बबीता ने छात्राओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित
प्रतियोगी परीक्षाओं और कॅरिअर से जुड़े सवाल पूछे
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डंगार में अपराजिता-100 मिलियन स्माइल अभियान के तहत कॅरिअर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एचएएस अधिकारी बबीता धीमान ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की। उन्होंने छात्राओं को जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में स्कूल की करीब 100 छात्राओं ने भाग लिया। प्रधानाचार्य परमजीत शर्मा भी मौजूद रहे।
बबीता धीमान ने छात्राओं से अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि सफलता हासिल करने के लिए रास्ते में आने वाली चुनौतियों से घबराने के बजाय उनसे सीखना चाहिए। उन्होंने बताया कि एचएएस बनने की राह उनके लिए भी आसान नहीं रही। डीएवी स्कूल से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बीए एलएलबी (ऑनर्स) और एलएलएम किया। इसके बाद कानून में नेट-जेआरएफ क्वालीफाई किया। एचएएस में चयन से पहले उनका चयन असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के पद पर हुआ और उन्होंने करीब छह माह सरकारी वकील के रूप में सेवाएं दीं। वर्ष 2023 में उनका एचएएस में चयन हुआ। उन्होंने छात्राओं से कहा कि जीवन में कई बार प्रयास के बावजूद सफलता नहीं मिलती, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि व्यक्ति अपने लक्ष्य से पीछे हट जाए। असफलता को अपनी कमजोरी मानने के बजाय उससे सीख लेकर दोबारा प्रयास करना चाहिए। आसपास के लोगों की बातों से प्रभावित होकर अपने सपनों पर संदेह नहीं करना चाहिए।
बबीता धीमान ने कहा कि बेटियों में संवेदनशीलता और कोमलता को कमजोरी समझना गलत है। कोमलता बेटियों की कमजोरी नहीं, बल्कि उनकी ताकत है। संवेदनशीलता उन्हें बेहतर इंसान बनने के साथ ही समाज और परिवार को समझने की क्षमता देती है। उन्होंने छात्राओं को अपनी इसी विशेषता को आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ जोड़कर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
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उन्होंने कहा कि आज बेटियां शिक्षा, प्रशासन, कानून, चिकित्सा, खेल, सेना और अन्य क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। इसलिए छात्राओं को कम उम्र से ही अपने भविष्य को लेकर गंभीर होना चाहिए। उन्होंने शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाने, समय का सही उपयोग करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समय रहते लक्ष्य तय करने की सलाह दी। साथ ही अपने माता-पिता को अपने सपनों और जरूरतों के बारे में विश्वास में लेने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं, कॅरिअर चयन, पढ़ाई की रणनीति और भविष्य की तैयारी से जुड़े सवाल पूछे। बबीता धीमान ने छात्राओं के सवालों का जवाब देते हुए उन्हें अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार कॅरिअर चुनने की सलाह दी।
इनसेट
12वीं कक्षा की छात्रा जन्नत ने कहा कि कार्यक्रम में एचएएस अधिकारी से बातचीत कर काफी प्रेरणा मिली। उनके अनुभवों से पता चला कि लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करना जरूरी है। अब पढ़ाई को लेकर अपने लक्ष्य को और गंभीरता से तय करूंगी।
छात्रा निशा ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम में कॅरिअर को लेकर कई नई बातें जानने को मिलीं। खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और असफलता के बाद दोबारा प्रयास करने की बात मुझे बहुत अच्छी लगी। इससे आत्मविश्वास बढ़ा है।
ऋतिका ने कहा कि बबीता धीमान ने जिस तरह अपने संघर्ष और सफलता की कहानी बताई, उससे हमें सीख मिली कि मुश्किल परिस्थितियों में भी हार नहीं माननी चाहिए। कार्यक्रम ने भविष्य को लेकर सोचने का नया नजरिया दिया।
पुनिशा ने कहा कि हमें बताया गया कि बेटियों को अपनी संवेदनशीलता और कोमलता को कमजोरी नहीं समझना चाहिए। आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़कर हम किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं। कार्यक्रम मेरे लिए बहुत प्रेरणादायक रहा।
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प्रतियोगी परीक्षाओं और कॅरिअर से जुड़े सवाल पूछे
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डंगार में अपराजिता-100 मिलियन स्माइल अभियान के तहत कॅरिअर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एचएएस अधिकारी बबीता धीमान ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की। उन्होंने छात्राओं को जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में स्कूल की करीब 100 छात्राओं ने भाग लिया। प्रधानाचार्य परमजीत शर्मा भी मौजूद रहे।
बबीता धीमान ने छात्राओं से अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि सफलता हासिल करने के लिए रास्ते में आने वाली चुनौतियों से घबराने के बजाय उनसे सीखना चाहिए। उन्होंने बताया कि एचएएस बनने की राह उनके लिए भी आसान नहीं रही। डीएवी स्कूल से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बीए एलएलबी (ऑनर्स) और एलएलएम किया। इसके बाद कानून में नेट-जेआरएफ क्वालीफाई किया। एचएएस में चयन से पहले उनका चयन असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के पद पर हुआ और उन्होंने करीब छह माह सरकारी वकील के रूप में सेवाएं दीं। वर्ष 2023 में उनका एचएएस में चयन हुआ। उन्होंने छात्राओं से कहा कि जीवन में कई बार प्रयास के बावजूद सफलता नहीं मिलती, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि व्यक्ति अपने लक्ष्य से पीछे हट जाए। असफलता को अपनी कमजोरी मानने के बजाय उससे सीख लेकर दोबारा प्रयास करना चाहिए। आसपास के लोगों की बातों से प्रभावित होकर अपने सपनों पर संदेह नहीं करना चाहिए।
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बबीता धीमान ने कहा कि बेटियों में संवेदनशीलता और कोमलता को कमजोरी समझना गलत है। कोमलता बेटियों की कमजोरी नहीं, बल्कि उनकी ताकत है। संवेदनशीलता उन्हें बेहतर इंसान बनने के साथ ही समाज और परिवार को समझने की क्षमता देती है। उन्होंने छात्राओं को अपनी इसी विशेषता को आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ जोड़कर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
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उन्होंने कहा कि आज बेटियां शिक्षा, प्रशासन, कानून, चिकित्सा, खेल, सेना और अन्य क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। इसलिए छात्राओं को कम उम्र से ही अपने भविष्य को लेकर गंभीर होना चाहिए। उन्होंने शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाने, समय का सही उपयोग करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समय रहते लक्ष्य तय करने की सलाह दी। साथ ही अपने माता-पिता को अपने सपनों और जरूरतों के बारे में विश्वास में लेने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं, कॅरिअर चयन, पढ़ाई की रणनीति और भविष्य की तैयारी से जुड़े सवाल पूछे। बबीता धीमान ने छात्राओं के सवालों का जवाब देते हुए उन्हें अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार कॅरिअर चुनने की सलाह दी।
इनसेट
12वीं कक्षा की छात्रा जन्नत ने कहा कि कार्यक्रम में एचएएस अधिकारी से बातचीत कर काफी प्रेरणा मिली। उनके अनुभवों से पता चला कि लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करना जरूरी है। अब पढ़ाई को लेकर अपने लक्ष्य को और गंभीरता से तय करूंगी।
छात्रा निशा ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम में कॅरिअर को लेकर कई नई बातें जानने को मिलीं। खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और असफलता के बाद दोबारा प्रयास करने की बात मुझे बहुत अच्छी लगी। इससे आत्मविश्वास बढ़ा है।
ऋतिका ने कहा कि बबीता धीमान ने जिस तरह अपने संघर्ष और सफलता की कहानी बताई, उससे हमें सीख मिली कि मुश्किल परिस्थितियों में भी हार नहीं माननी चाहिए। कार्यक्रम ने भविष्य को लेकर सोचने का नया नजरिया दिया।
पुनिशा ने कहा कि हमें बताया गया कि बेटियों को अपनी संवेदनशीलता और कोमलता को कमजोरी नहीं समझना चाहिए। आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़कर हम किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं। कार्यक्रम मेरे लिए बहुत प्रेरणादायक रहा।

डंगार स्कूल में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के साथ छात्राएं। संवाद

डंगार स्कूल में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के साथ छात्राएं। संवाद

डंगार स्कूल में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के साथ छात्राएं। संवाद

डंगार स्कूल में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के साथ छात्राएं। संवाद

डंगार स्कूल में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के साथ छात्राएं। संवाद