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Bilaspur News: कल से शुरू होगा मुकद्दस रमजान माह, रोजा-तरावीह की तैयारियां तेज
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चांद दिखने पर होगी शुरुआत, मस्जिद कमेटियों ने जारी किया वार्षिक कैलेंडर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में मुकद्दस रमजान माह 19 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि 18 फरवरी की शाम रमजान का चांद दिखने पर ही होगी। रमजान के पाक महीने में लगातार तीस रोजे रखे जाएंगे और रात में तरावीह की नमाज भी अदा की जाएगी।
प्रधान जिला मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी (पंजीकरण) नसीम मोहम्मद ने कहा कि रमजान को इबादत, आत्म संयम और अल्लाह की रहमत का महीना माना जाता है। इस दौरान रोजेदार बुराइयों से दूर रहकर खुदा के करीब जाने की कोशिश करते हैं। यह महीना शारीरिक, मानसिक और आत्मिक शुद्धि का संदेश देने के साथ भाईचारा, मेल-मिलाप और सद्भाव को भी बढ़ावा देता है। जिला की मस्जिद प्रबंधक कमेटियों ने रोजेदारों की सुविधा के लिए रमजान माह का वार्षिक कैलेंडर-2026 जारी कर दिया है। इसमें सहरी और इफ्तार की समयसारिणी के साथ आवश्यक हिदायत भी दी गई हैं। इस वर्ष रमजान के दौरान मौसम अनुकूल रहने की संभावना जताई गई है और सहरी-इफ्तार का समय भी सुविधाजनक बताया गया है। मस्जिद कमेटियां और समुदाय के लोग रमजान की तैयारियों में जुट गए हैं। मुस्लिम समुदाय पूरे वर्ष इस पाक महीने का इंतजार करता है, क्योंकि इसे इबादत का सबसे अहम समय माना जाता है। मान्यता है कि इसी महीने पवित्र कुरान नाजिल हुआ था, इसलिए रमजान का विशेष धार्मिक महत्व है। पूरे महीने तरावीह की नमाज में विद्वान मौलाना रोजेदारों को कुरान शरीफ सुनाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में मुकद्दस रमजान माह 19 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि 18 फरवरी की शाम रमजान का चांद दिखने पर ही होगी। रमजान के पाक महीने में लगातार तीस रोजे रखे जाएंगे और रात में तरावीह की नमाज भी अदा की जाएगी।
प्रधान जिला मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी (पंजीकरण) नसीम मोहम्मद ने कहा कि रमजान को इबादत, आत्म संयम और अल्लाह की रहमत का महीना माना जाता है। इस दौरान रोजेदार बुराइयों से दूर रहकर खुदा के करीब जाने की कोशिश करते हैं। यह महीना शारीरिक, मानसिक और आत्मिक शुद्धि का संदेश देने के साथ भाईचारा, मेल-मिलाप और सद्भाव को भी बढ़ावा देता है। जिला की मस्जिद प्रबंधक कमेटियों ने रोजेदारों की सुविधा के लिए रमजान माह का वार्षिक कैलेंडर-2026 जारी कर दिया है। इसमें सहरी और इफ्तार की समयसारिणी के साथ आवश्यक हिदायत भी दी गई हैं। इस वर्ष रमजान के दौरान मौसम अनुकूल रहने की संभावना जताई गई है और सहरी-इफ्तार का समय भी सुविधाजनक बताया गया है। मस्जिद कमेटियां और समुदाय के लोग रमजान की तैयारियों में जुट गए हैं। मुस्लिम समुदाय पूरे वर्ष इस पाक महीने का इंतजार करता है, क्योंकि इसे इबादत का सबसे अहम समय माना जाता है। मान्यता है कि इसी महीने पवित्र कुरान नाजिल हुआ था, इसलिए रमजान का विशेष धार्मिक महत्व है। पूरे महीने तरावीह की नमाज में विद्वान मौलाना रोजेदारों को कुरान शरीफ सुनाएंगे।
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