{"_id":"5fcd21ad8ebc3ecfa71a3277","slug":"cultural-activity-bilaspur-news-sml3537074167","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार हजार श्रद्धालुओं ने श्री नयनादेवी में टेका माथा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार हजार श्रद्धालुओं ने श्री नयनादेवी में टेका माथा
विज्ञापन
रविवार के दिन श्री नयनादेवी जी के मुख्य बाजार में पसरा सन्नाटा।
- फोटो : BILASPUR
चार हजार श्रद्धालुओं ने श्री नयनादेवी में टेका माथा
बाजार बंद होने से दुकानदारों को उठाना पड़ रहा आर्थिक नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में रविवार को चार हजार श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं की संख्या रविवार को अधिक रही, लेकिन श्री नयनादेवी में रविवार को दुकानें बंद रहीं।
दुकानदार रविवार को बाजार बंद रखने के सरकार और प्रशासन के फैसले से पूरी तरह नाखुश नजर आ रहे हैं। श्रद्धालुओं को भी प्रसाद, चुनरी और अन्य सामान लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय दुकानदारों शीशपाल, गोल्डी, कर्मू, शम्मी ने कहा कि छुट्टी के दिन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है। इसलिए सरकार को इन धार्मिक स्थलों के बारे में अलग से विचार करना चाहिए, ताकि दुकानदार और व्यापारी परेशान न हों। दुकानदारों की रोजी-रोटी पर कोई संकट न आए।
दुकानदारों का कहना है कि पहले ही कोविड-19 के चलते धार्मिक स्थलों पर दुकानें 6 महीने तक बंद रही हैं और अब थोड़ा बहुत काम चला है। रविवार को अधिक श्रद्धालु होते हैं उस दिन दुकानें बंद रखने के सरकार ने आदेश दिए हैं। कहा कि शहरी क्षेत्र में तो रविवार के दिन आम तौर पर दुकानें बंद ही होती हैं। शक्तिपीठों को लेकर सरकार को अलग से प्लान तैयार करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाजार बंद होने से दुकानदारों को उठाना पड़ रहा आर्थिक नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में रविवार को चार हजार श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं की संख्या रविवार को अधिक रही, लेकिन श्री नयनादेवी में रविवार को दुकानें बंद रहीं।
दुकानदार रविवार को बाजार बंद रखने के सरकार और प्रशासन के फैसले से पूरी तरह नाखुश नजर आ रहे हैं। श्रद्धालुओं को भी प्रसाद, चुनरी और अन्य सामान लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय दुकानदारों शीशपाल, गोल्डी, कर्मू, शम्मी ने कहा कि छुट्टी के दिन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है। इसलिए सरकार को इन धार्मिक स्थलों के बारे में अलग से विचार करना चाहिए, ताकि दुकानदार और व्यापारी परेशान न हों। दुकानदारों की रोजी-रोटी पर कोई संकट न आए।
विज्ञापन
दुकानदारों का कहना है कि पहले ही कोविड-19 के चलते धार्मिक स्थलों पर दुकानें 6 महीने तक बंद रही हैं और अब थोड़ा बहुत काम चला है। रविवार को अधिक श्रद्धालु होते हैं उस दिन दुकानें बंद रखने के सरकार ने आदेश दिए हैं। कहा कि शहरी क्षेत्र में तो रविवार के दिन आम तौर पर दुकानें बंद ही होती हैं। शक्तिपीठों को लेकर सरकार को अलग से प्लान तैयार करना चाहिए।
विज्ञापन