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Bilaspur News: परवाणू में बासड़े पर्व के तीसरे मंगलवार पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
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शीतला माता मंदिर में गुलगुले, मीठे चावल, खील-बताशे का लगाया भोग
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू (सोलन)। शीतलाष्टमी के अवसर पर बासड़े पर्व के तीसरे मंगलवार को परवाणू स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर के मुख्य द्वार पर भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। हरियाणा, पंजाब सहित आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचे और माथा टेककर अपने परिवार की सुख-समृद्धि तथा बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। भक्तों ने विशेष रूप से चर्म रोगों से मुक्ति के लिए शीतला माता से प्रार्थना की। धार्मिक परंपरा के अनुसार, श्रद्धालुओं ने माता को बासी भोजन (एक दिन पहले बना हुआ भोजन) का भोग अर्पित किया। इस दौरान गुलगुले, मीठे चावल, खील-बताशे और पवित्र जल का भी प्रसाद चढ़ाया गया। मान्यता है कि इस दिन बासा भोजन अर्पित करने से परिवार को बीमारियों और कष्टों से रक्षा मिलती है। गौरतलब है कि होली के बाद पहले मंगलवार से शुरू होने वाला बासड़े पर्व पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू (सोलन)। शीतलाष्टमी के अवसर पर बासड़े पर्व के तीसरे मंगलवार को परवाणू स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर के मुख्य द्वार पर भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। हरियाणा, पंजाब सहित आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचे और माथा टेककर अपने परिवार की सुख-समृद्धि तथा बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। भक्तों ने विशेष रूप से चर्म रोगों से मुक्ति के लिए शीतला माता से प्रार्थना की। धार्मिक परंपरा के अनुसार, श्रद्धालुओं ने माता को बासी भोजन (एक दिन पहले बना हुआ भोजन) का भोग अर्पित किया। इस दौरान गुलगुले, मीठे चावल, खील-बताशे और पवित्र जल का भी प्रसाद चढ़ाया गया। मान्यता है कि इस दिन बासा भोजन अर्पित करने से परिवार को बीमारियों और कष्टों से रक्षा मिलती है। गौरतलब है कि होली के बाद पहले मंगलवार से शुरू होने वाला बासड़े पर्व पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है।