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अब हिमाचल में तैयार होंगे ब्लू बेरी के पौधे, इटली से आयात किए टिशू कल्चर प्लांट

Thu, 24 Mar 2022 11:21 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 24 Mar 2022 11:21 PM IST
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Crop of blueberries will strengthen the economy of the gardeners
ब्लूबेरी
भराड़ी(बिलासपुर)। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने व अन्य कई बीमारियों से निजात दिलाने वाले फल ब्लूबेरी के पौधे अब हिमाचल में तैयार होंगे। उन्नत किस्म के पौधे प्रदेश में तैयार कर प्रदेश के साथ-साथ देश भर के बागवानों को उपलब्ध हों, इसके लिए बिलासपुर जिले के दधोल स्थित रजत बायोटेक ने इटली की एक बड़ी कंपनी से ब्लूबेरी के टिशू कल्चर प्लांट आयात किए हैं।
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टिशू कल्चर से पौधे तैयार करने की उच्च तकनीक व ब्लूबेरी का बगीचा लगाकर उसमें बेहतर फसल कैसे बागवान ले सकेंगे, इसका फार्मूला भी इटली की कंपनी से लिया गया है। ब्लूबेरी की फसल से अब प्रदेश के बागवान अपनी आर्थिकी को और सुदृढ़ कर सकेंगे। रजत बायोटेक के संचालक विनोद सोनी ने बताया कि इससे पहले वह विभिन्न किस्मों के पौधों सहित आड़ू व प्लम जैसे पौधे तैयार कर देश भर के विभिन्न राज्यों के बागवानों को उपलब्ध करवाते आ रहे हैं। अब ब्लूबेरी के पौधे भी यहीं लैब में तैयार किए जाएंगे। बताया कि ब्लूबेरी उन्नत किस्म के लेजेंसी व डयूक टिशू कल्चर इटली से आयात किए गए हैं। अब लैब में पौधे तैयार कर दो वर्षों के भीतर ये बागवानों को उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। यह सबसे हाई वैल्यू फसल है। एंटीऑक्सीडेंट्स होने के कारण बाजार में इस फसल के बेहतर दाम उपलब्ध होते हैं।
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अभी तक प्रदेश के कुल्लू में ब्लूबेरी का एक बगीचा है, जहां पर फल तैयार हो रहे हैं। लेकिन अब रजत बायोटेक में ब्लूबेरी के पौधे तैयार किए जाएंगे। ताकि अन्य बागवान भी इसका बगीचा लगाकर आर्थिकी को बेहतर कर सकें। गौर हो कि ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका सहित यूरोपीय देशों में ब्लू बेरी का काफी प्रचलन है। इटली से आयात हुए ड्यूक व लेजेंसी दो किस्म के टिशू कल्चर मंगवाए गए हैं। ड्यूक ठंडे पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतर फसल देने वाली किस्म है, जबकि लेजेंसी गर्म क्षेत्रों के बागवानों को बेहतर फसल देने वाली किस्म है।
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800 से 2500 प्रति किलो तक बिक रही ब्लूबेरी
बाजार में ब्लूबेरी की कीमत ग्रेड के हिसाब से है। इसे तीन ग्रेड में बांटा गया है। बाजार में इसकी कीमत 800 से 2500 प्रति किलोग्राम तक है। हालांकि अभी भारतीय बाजार में ब्लूबेरी बहुत कम उपलब्ध है। लेकिन इसके गुणों को देखते हुए उत्तर भारत में भी इसकी बागवानी शुरू की जा रही है।
ये हैं ब्लूबेरी के फायदे
उपनिदेशक बागवानी डॉ. माला ने बताया कि ब्लूबेरी में कई ऐसे औषधीय गुण होते हैं, जो हमारी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। इन फायदों में वजन कम करना, हृदय की समस्या को दूर करना, आंखों की रोशनी, कैंसर से बचाव करने में सक्षम, पाचन के लिए फायदेमंद, स्वस्थ मस्तिष्क, मध्ुामेह से बचाव, कोलेस्ट्रोल को नियंत्रण करना, तनाव दूर करना याददाश्त बढ़ाना मुख्य रूप से शामिल है।

कैंसर के उपचार में सहायक
ब्लूबेरी में टेरोस्टिलबिन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। यह घटक कई प्रकार के कैंसर को दूर कर सकता है। जिसमें स्तन कैंसर का उपचार भी शामिल है। वहीं इसमें पाए जाने वाले एंथोसायनिन यौगिक, फाइबर, फाइटोकेमिकल्स, विटामिन ई, ए और सी पाए जाते हैं। जो शरीर को विभिन्न बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं।
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