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एचआरटीसी कर्मियों का प्रदर्शन, 20 रूट प्रभावित
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
Updated Sat, 15 Apr 2017 11:50 PM IST
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बिलासपुर में एचआरटीसी वर्कशॉप के पास चालकों-परिचालकों को समझाते पुलिस कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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एचआरटीसी चालक पर जानलेवा हमले के 22 घंटे बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न हो से नाराज एचआरटीसी कर्मियों ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने करीब दो घंटे तक वर्कशॉप के गेट बंद रखे और बसों की आवाजाही नहीं होेने दी। इस वजह से करीब 20 रूट प्रभावित हुए हैं। बसें समय पर न चलने के कारण सैकड़ों यात्रियों को दिक्कतों से जूझना पड़ा।
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लोग कई घंटों तक बस स्टॉपेज पर बसों का इंतजार करते रहे। वहीं हमले में घायल चालक की गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि चालक अभी भी कोमा में है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। एचआरटीसी कर्मचारियों में इस बात को लेकर रोष है कि अभी तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इसको लेकर ही शनिवार दोपहर करीब दो बजे एचआरटीसी कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
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इसके बाद कर्मचारियों ने वर्कशॉप के गेट बंद कर दिए और बसों की आवाजाही नहीं होने दी। इसके बाद पुलिस प्रशासन और निगम के आलाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। इस दौरान एचआरटीसी कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी भी की।
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लुधियाना से बिलासपुर आ रही एचआरटीसी बस चालक दर्शन पाल के साथ दो युवकों ने मारपीट की थी। जानलेवा हमले में दर्शन पाल मौके पर ही बेहोश हो गए थे। इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में घुमारवीं अस्पताल पहुंचाया गया था। मगर यहां कुछ समय बाद वह कोमा में चला गए। इसके चलते चाल को देर रात पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है। यहां पर उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
कई बसें दो घंटे लेट हुई, यात्री परेशान : एचआरटीसी कर्मचारियों के प्रदर्शन का खामियाजा यात्रियों को चुकाना पड़ा। विरोध प्रदर्शन की वजह से छोटे और बड़े 20 रूट प्रभावित हुए। वर्कशॉप से बसों की आवाजाही न होने की वजह से नाहन-टिहरा और सरकारघाट-हरिद्वार रूट की बस भी कई घंटे लेट हो गई। इसके अतिरिक्त हड़ताल से बिलासपुर डिपों के कई रूट प्रभावित हुए।
इसमें बिलासपुर-नंगल, बिलासपुर-मलोखर और बिलासपुर-बस्सी सहित कई अन्य लोकल रूट शामिल हैं। हालांकि, कर्मियों ने बैठक के बाद डिप्टी डीएम डॉ. संतोष कुमार को इसकी सूचना शाम को ही दे दी थी। इसके बाद 22 घंटे बीत जाने के बाद आरोपियों के न पकड़े जाने से नाराज परिवहन कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया। इसके बाद उन्होंने मेन गेट बंद कर दिया था।
प्रदर्शन में शंकर सिंह ठाकुर, राज कुमार गुप्ता, राजेंद्र ठाकुर, सतीश नड्डा, पवन कुमार, राम कुमार, पवन चंदेल, राकेश, धर्मसिंह, लेखराज, जयपाल, देशराज, सुरेश सोनी, सुरेश कुमार सहित अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए घुमारवीं थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर रहे कर्मियों को समझाया। उन्होंने कर्मचारियों से 24 घंटे को समय मांगा है, उन्होंने कहा कि दोनों की लोकेशन मंडी और कुल्लू की तरफ बताई जा रही है। उन्हें पकड़ने के लिए टीमें रवाना कर दी गई है।ं जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।