{"_id":"6a8985a7e66b5c224b039eb8","slug":"a-member-of-a-gang-that-stole-jewellery-worth-rs-1-crore-was-arrested-in-odisha-jewellery-worth-rs-46-lakh-was-recovered-earlier-ambikapur-news-c-1-1-noi1488-4638389-2026-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambikapur: एक करोड़ की ज्वेलरी उठाने वाले गिरोह का सदस्य ओडिशा से गिरफ्तार, 46 लाख के आभूषण पहले हुआ था बरामद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambikapur: एक करोड़ की ज्वेलरी उठाने वाले गिरोह का सदस्य ओडिशा से गिरफ्तार, 46 लाख के आभूषण पहले हुआ था बरामद
Sat, 22 Aug 2026 06:36 PM IST
अंबिकापुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
Published by: अंबिकापुर ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2026 06:36 PM IST
सार
सरगुजा जिला के सीतापुर में ज्वेलर्स कारोबारी से करीब एक करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषणों से भरा बैग उठाने के मामले में सरगुजा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने वारदात में शामिल एक आरोपी को ओडिशा के गंजाम जिले से गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन
पुलिस के गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सरगुजा जिला के सीतापुर में ज्वेलर्स कारोबारी से करीब एक करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषणों से भरा बैग उठाने के मामले में सरगुजा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने वारदात में शामिल एक आरोपी को ओडिशा के गंजाम जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 10 हजार रुपये नगद बरामद हुए हैं। इससे पहले पुलिस ने गिरोह के एक अन्य आरोपी के घर से करीब 46 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर बरामद किए थे। मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
जानकारी के मुताबिक घटना 26 जुलाई की सुबह करीब 11.30 बजे की है, जब सीतापुर निवासी अरुणदेव सोनी हाईस्कूल के पास स्थित अपनी कांशी विश्वनाथ ज्वेलर्स दुकान खोलने पहुंचे थे। उन्होंने जेवरों से भरा बैग स्कूटी पर रखा और दुकान का शटर खोलने लगे। इसी दौरान अज्ञात आरोपी स्कूटी के पास रखा बैग लेकर फरार हो गए। बैग में करीब एक करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषण बताए गए थे। शिकायत पर सीतापुर थाने में अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देशन में साइबर सेल और सीतापुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान घटनास्थल से लेकर आरोपियों के संभावित भागने वाले मार्गों के करीब 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। फुटेज में चार संदिग्ध दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर बैग लेकर भागते नजर आए।
विज्ञापन
पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपियों का पीछा करते हुए उनका रूट सरगुजा से जशपुर के कांसाबेल, कुनकुरी और सिंगीबहार, झारखंड के कुरडेग, खैरनटोली, सिमडेगा होते हुए ओडिशा के सुंदरगढ़ और गंजाम तक ट्रैक किया। तकनीकी विश्लेषण और दूसरे राज्यों की पुलिस से समन्वय के बाद संदिग्धों की पहचान चंटी दास और दास नागेश्वर के रूप में हुई।
ओडिशा पुलिस के सहयोग से संयुक्त टीम ने करीब दस दिनों तक आरोपियों के संभावित ठिकानों पर अभियान चलाया। इसी दौरान चंटी दास के घर की तलाशी में 300.92 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी कीमत करीब 43 लाख रुपये, तथा 1.168 किलो चांदी के आभूषण, कीमत करीब तीन लाख रुपये, बरामद किए गए।
लगातार तलाश के बाद पुलिस ने गंजाम जिले से दास नागेश्वर (45), निवासी नारायणपुर, थाना आस्का, को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर संगठित तरीके से उठाईगिरी की वारदात करना स्वीकार किया। इसके बाद प्रकरण में बीएनएस की धारा 111(2) और 3(5) भी जोड़ी गई। आरोपी के कब्जे से 10 हजार रुपये नकद जब्त किए गए।
पुलिस के अनुसार दास नागेश्वर का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके खिलाफ ओडिशा के विभिन्न थानों में आबकारी अधिनियम, चोरी और लूट से जुड़े मामले दर्ज पाए गए हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी और शेष मशरुका बरामद करने के लिए लगातार दबिश दे रही है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक घटना 26 जुलाई की सुबह करीब 11.30 बजे की है, जब सीतापुर निवासी अरुणदेव सोनी हाईस्कूल के पास स्थित अपनी कांशी विश्वनाथ ज्वेलर्स दुकान खोलने पहुंचे थे। उन्होंने जेवरों से भरा बैग स्कूटी पर रखा और दुकान का शटर खोलने लगे। इसी दौरान अज्ञात आरोपी स्कूटी के पास रखा बैग लेकर फरार हो गए। बैग में करीब एक करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषण बताए गए थे। शिकायत पर सीतापुर थाने में अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
विज्ञापन
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देशन में साइबर सेल और सीतापुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान घटनास्थल से लेकर आरोपियों के संभावित भागने वाले मार्गों के करीब 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। फुटेज में चार संदिग्ध दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर बैग लेकर भागते नजर आए।
विज्ञापन
पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपियों का पीछा करते हुए उनका रूट सरगुजा से जशपुर के कांसाबेल, कुनकुरी और सिंगीबहार, झारखंड के कुरडेग, खैरनटोली, सिमडेगा होते हुए ओडिशा के सुंदरगढ़ और गंजाम तक ट्रैक किया। तकनीकी विश्लेषण और दूसरे राज्यों की पुलिस से समन्वय के बाद संदिग्धों की पहचान चंटी दास और दास नागेश्वर के रूप में हुई।
ओडिशा पुलिस के सहयोग से संयुक्त टीम ने करीब दस दिनों तक आरोपियों के संभावित ठिकानों पर अभियान चलाया। इसी दौरान चंटी दास के घर की तलाशी में 300.92 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी कीमत करीब 43 लाख रुपये, तथा 1.168 किलो चांदी के आभूषण, कीमत करीब तीन लाख रुपये, बरामद किए गए।
लगातार तलाश के बाद पुलिस ने गंजाम जिले से दास नागेश्वर (45), निवासी नारायणपुर, थाना आस्का, को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर संगठित तरीके से उठाईगिरी की वारदात करना स्वीकार किया। इसके बाद प्रकरण में बीएनएस की धारा 111(2) और 3(5) भी जोड़ी गई। आरोपी के कब्जे से 10 हजार रुपये नकद जब्त किए गए।
पुलिस के अनुसार दास नागेश्वर का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके खिलाफ ओडिशा के विभिन्न थानों में आबकारी अधिनियम, चोरी और लूट से जुड़े मामले दर्ज पाए गए हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी और शेष मशरुका बरामद करने के लिए लगातार दबिश दे रही है।