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घवांडल पंचायत का सहायक सस्पेंड
स्वारघाट(बिलासपुर)।
Updated Wed, 27 Apr 2016 11:58 PM IST
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विकास खंड श्री नयना देवी के तहत आने वाले स्वारघाट की ग्राम पंचायत घवांडल के पंचायत सहायक को सरकारी धन की गड़बड़ी करना महंगा पड़ गया। सहायक पर आरोप था की उन्होंने सरकारी धन में गोलमाल किया था, वहीं कई दस्तावेजों के साथ भी छेड़छाड़ की थी।
मामले की जांच में पंचायत सहायक पर लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए। इसके बाद ही बीडीओ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पंचायत सहायक मोहन लाल को सस्पेंड कर दिया है। जानकारी के अनुसार पंचायत सहायक ने अकाउंट में करीब एक लाख रुपये का गोलमाल किया था। इसके साथ ही वह करीब नौ महीने से कार्यालय में भी नहीं आ रहा था। इस वजह से पंचायत के कई विकासात्मक कार्य ठप पड़े हुए थे।
इस संदर्भ में बीडीओ ने भी कई बार पंचायत का दौरा किया था। मगर पंचायत सहायक हर बार ड्यूटी से नदारद पाया जाता था। इसके बाद प्रशासन ने उसके खिलाफ जांच बिठा दी थी। मामले की जांच का जिम्मा जिला पंचायत अधिकारी बिलासपुर सतीश अग्रवाल को सौंपा गया था।
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उन्होंने सभी पहलुओं पर गहनता से पड़ताल की सहायक पर लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए। इसके बाद उन्होंने मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी। रिपोर्ट के मिलने के बाद पंचायत सहायक की सेवाएं समाप्त कर दी गई है। वहीं सहायक के पास जो भी सरकारी संपत्ति है उसे भी वापस मांग लिया गया है।
बीडीओ स्वारघाट शशि पटियाल ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि जांच में पंचायत सहायक पर लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए हैं। इसके बाद उच्च अधिकारियों ने पंचायत सहायक की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए है। आदेश पंचायत सहायक को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आदेश तत्काल प्रभाव से लागू माने जाएंगे है।
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मामले की जांच में पंचायत सहायक पर लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए। इसके बाद ही बीडीओ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पंचायत सहायक मोहन लाल को सस्पेंड कर दिया है। जानकारी के अनुसार पंचायत सहायक ने अकाउंट में करीब एक लाख रुपये का गोलमाल किया था। इसके साथ ही वह करीब नौ महीने से कार्यालय में भी नहीं आ रहा था। इस वजह से पंचायत के कई विकासात्मक कार्य ठप पड़े हुए थे।
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इस संदर्भ में बीडीओ ने भी कई बार पंचायत का दौरा किया था। मगर पंचायत सहायक हर बार ड्यूटी से नदारद पाया जाता था। इसके बाद प्रशासन ने उसके खिलाफ जांच बिठा दी थी। मामले की जांच का जिम्मा जिला पंचायत अधिकारी बिलासपुर सतीश अग्रवाल को सौंपा गया था।
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उन्होंने सभी पहलुओं पर गहनता से पड़ताल की सहायक पर लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए। इसके बाद उन्होंने मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी। रिपोर्ट के मिलने के बाद पंचायत सहायक की सेवाएं समाप्त कर दी गई है। वहीं सहायक के पास जो भी सरकारी संपत्ति है उसे भी वापस मांग लिया गया है।
बीडीओ स्वारघाट शशि पटियाल ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि जांच में पंचायत सहायक पर लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए हैं। इसके बाद उच्च अधिकारियों ने पंचायत सहायक की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए है। आदेश पंचायत सहायक को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आदेश तत्काल प्रभाव से लागू माने जाएंगे है।