{"_id":"56fd288d4f1c1ba625f0014b","slug":"court-two-year-imprisonment-in-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"मारपीट के मामले में ढाई-ढाई साल की कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मारपीट के मामले में ढाई-ढाई साल की कैद
ब्यूरो/ अमर उजाला, घुमारवीं (बिलासपुर)।
Updated Thu, 31 Mar 2016 11:52 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : demo photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यायिक दंडाधिकारी घुमारवीं प्रतिभा नेगी की अदालत ने मारपीट का अभियोग साबित होने पर दो को ढाई-ढाई साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों पर छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
विज्ञापन
स्थानीय लोक अभियोजक सुशील शर्मा ने बताया कि हुकम चंद पुत्र दामोदर दास निवासी कशमैला तहसील सरकाघाट जिला मंडी ने पुलिस थाना घुमारवीं में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि 14 अगस्त 2009 को वह अपनी लड़की को उसके ससुराल चलैहली छोड़ने गया था।
विज्ञापन
जब वह वापस आ रहा था तो त्रिकालघाट के समीप बलदेव दत्त पुत्र सुंदरम ने उसे जरूरी कार्य के लिए रोक लिया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि उस स्थान पर बलदेव और शशि पुत्र सूरत राम की एक साथ दुकानें हैं।
विज्ञापन
बलदेव के कहने पर शिकायतकर्ता उनकी दुकान में चला गया। जहां तीनों ने मिलकर शराब पी। शिकायतकर्ता मामले के आरोपी शशि और बलदेव उसके साथ पुरानी रंजिश रखते थे। इसके चलते दोनों ने उसे गाली गलौज करना शुरू कर दिया।
शिकायतकर्ता ने जब दोनों को गाली गलौज करने से रोका तो यह लोग मारपीट पर उतारू हो गए। मारपीट करते-करते दोनों आरोपी शिकायतकर्ता को शशि की दुकान के अंदर ले गए। जहां दोनों ने उसके साथ लात, मुक्के और लकड़ी की फटी के साथ मारपीट की। इससे उसके सिर, आंख, मुंह, पीठ, टांगों पर चोटें आईं। मारपीट के बाद दोनों ने उसे दुकान के अंदर बंद कर दिया।
इस वजह से उसकी आवाज लोगों ने नहीं सुनी। सूचना मिलने पर पुलिस थाना घुमारवीं की एक टीम अनंतराम की अगुवाई में घटनास्थल पहुंची। पुलिस ने हुकुम चंद को बेहोशी की हालत में सिविल अस्पताल घुमारवीं पहुुंचाया।
घुमारवीं पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 342 और 325 के तहत मामला दर्ज किया था। स्थानीय लोक अभियोजक सुनील शर्मा ने बताया कि अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 323 के तहत 1
वर्ष के कारावास और 1000 रुपए जुर्माना, धारा 342 के तहत 1 वर्ष कारावास और 1000 जुर्माना जबकि धारा 325 के तहत ढाई वर्ष के साधारण कारावास और 3000 पर जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने की सूरत में आरोपियों को तीन महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी।