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फिजियोथैरेपिस्ट मामले में प्रदर्शन, अब एसआईटी करेगी जांच

Wed, 13 Sep 2017 12:04 AM IST
Updated Wed, 13 Sep 2017 12:04 AM IST
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फिजियोथैरेपिस्ट मामले में प्रदर्शन, अब एसआईटी करेगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
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बिलासपुर।
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. ज्योति आत्महत्या मामले को लेकर मंगलवार को परिजनों के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। मंगलवार दोपहर मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर हमीरपुर से बड़ी की संख्या में आए परिजनों और अन्य लोगों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। परिजनों ने पुलिस पर उन्हें गुमराह करने का आरोप भी लगाया है। परिजनों ने आशंका जताई है कि ज्योति ने आत्महत्या नहीं बल्कि उसकी हत्या की गई है। इसके बाद लोगों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा मामले की उचित जांच करने की मांग की। इसके बाद परिजन एसपी बिलासपुर से भी मिले। डॉ. ज्योति के माता-पिता, भाई और जीजा का कहना है कि वारदात के समय से आज तक पुलिस ने उन्हें गुमराह ही किया है। इससे साफ जाहिर है कि ज्योति ने आत्महत्या नहीं उसकी हत्या की गई है। परिजनों का कहना है कि वारदात के समय पुलिस का कहना था कि वह उनके सामने ही कमरे के भीतर गई है। मगर पुलिस उससे पहले भी कमरे के भीतर जा चुकी थी, ओर वहां मौजूद सामान के साथ छेड़छाड़ कर चुकी थी। योति के भाई का कहना है कि अगर पुलिस दो बजे उनके कमरे के गई तो उनकी बहन का रस्सी से लटका फोटो कैसे सोशल मीडिया पर इससे पहले ही वायरल हो गया। इससे साफ है कि किसी ने वहां पर पहले पहुंचकर उनकी बहन की फोटो खींच ली, जो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गई। एसपी अंजुम आरा ने बताया कि मामले की जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया है। डीएसपी घुमारवीं की अगुवाई में विशेष जांच दल मामले की जांच करेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की गंभीरता से छानबीन कर रही है।

पूर्व विधायक की अगुवाई में प्रदर्शन
बिलासपुर। मंगलवार को ज्योति आत्महत्या मामले में परिजनों के साथ क्षेत्र के लोगों ने पूर्व विधायक उर्मिल ठाकुर की अगुवाई में बिलासपुर डीसी और एसपी ऑफिस के बाहर जमकर हल्ला बोला। हमीरपुर से लोग बसों में भरकर बिलासपुर पहुंचे थे। इस मौके पर लोगों ने पुलिस, प्रशासन, अस्पताल प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं सरकारी अमले में मामले को दबाने का भी का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि ज्योति की हत्या की गई है। इसके बाद भी पुलिस मामले को दबाने में लगी रही। ज्योति के पिता राम चंद, माता सिमरो देवी का आरोप है कि पूरे मामले में पुलिस ने उन्हें गुमराह किया। वारदात के समय थाना प्रभारी का उनके साथ उचित व्यवहार भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि आज तक मामले की पूरी जानकारी तक नहीं दी गई। वहीं पूर्व विधायक उर्मिल ठाकुर ने कहा कि पुलिस इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है। अगर अब भी पुलिस ने इस संबंध में निष्पक्ष जांच की तो लोग और भी उग्र हो जाएंगे।
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देर रात पोस्टमार्टम करने पर भी उठाए सवाल
परिजनों ने ज्योति के शव का देर रात पोस्टमार्टम करने भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि उसी दिन यहां पर किसी अन्य महिला ने भी आत्महत्या की थी। मगर उसका पोस्टमार्टम रात को नहीं किया गया। जबकि ऐसी क्या स्थिति पैदा हो गई थी कि ज्योति का पोस्टमार्टम रात को ही करना पड़ा।
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ज्योति को देनी थी लाखों रुपये के सामान खरीदारी की स्वीकृति
सूत्र बताते हैं कि जिला अस्पताल में फिजियोथैरेपिस्ट से संबंधित लाखों रुपये के सामान की खरीददारी भी की जानी थी। ऐसे में इस सामान को खरीदने की स्वीकृति डॉ. ज्योति ने ही देनी थी। परिजनों ने शक जाहिर करते हुए कहा है कि ऐसा भी हो सकता है कि ज्योति इस सामान को खरीदने के पक्ष में न हो ओर किसी ने उसकी हत्या कर दी हो। ऐसे कई सवाल है जो इसे आत्महत्या न मान कर हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं।

एएसपी को सिखाया बात करने का लहजा
जब परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग को लेकर एसपी बिलासपुर अंजुम आरा से मिलने गए तो वहां पर मौजूद एएसपी ने उन्हें टोका। इससे लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इससे कुछ देर के लिए एसपी ऑफिस के भीतर माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद महिला पुलिस को मौके पर बुलाकर महिलाओं को शांत करवाना पड़ा।


ज्योति मामले को लेकर पुलिस की पूरी थ्योरी पड़ी उल्टी
जिला अस्पताल में फिजियोथैरेपिस्ट आत्महत्या मामले की पुलिस की थ्योरी उल्टी पड़ती नजर आ रही है। परिजनों ने पुलिस के सभी दावों को झूठा करार दिया है। इससे इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली कहीं न कहीं संदेह के घेरे में है।

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