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शमशानघाट नहीं बनाने पर ठोंका 34,875 रुपये जुर्माना

Wed, 20 Dec 2017 10:39 PM IST
Updated Wed, 20 Dec 2017 10:39 PM IST
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शमशानघाट नहीं बनाने पर ठोंका 34,875 रुपये जुर्माना
बरठीं (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत कलोल में शमशानघाट बनाने के लिए एक लाख की राशि मंजूर हुई थी। लेकिन, आज दिन तक शमशानघाट का निर्माण नहीं हो सका। एक लाख की राशि को करीब चार वर्ष तक दबाए रखने पर मानव विकास संस्थान को चौंतीस हजार आठ सौ पचहत्तर रुपये का जुर्माना भरना होगा।
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शमशानघाट के लिए आए धन का किस प्रकार से दुरुपयोग हो रहा है, इसका खुलासा आरटीआई के माध्यम से हुआ है। करीब चार वर्ष पूर्व धन का आवंटन होने के बावजूद आज दिन तक न ही संबंधित संस्था ने शमशानघाट का निर्माण करवाया और न ही विभाग ने उक्त संस्था से कार्य का ब्यौरा लिया। मिलीभगत के कारण न तो शमशानघाट का निर्माण करवाया गया और न ही धन का ब्यौरा लिया गया। कलोल निवासी धर्म सिंह चंदेल द्वारा ली गई आरटीआई की जानकारी में यह खुलासा हुआ है।
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उल्लेखनीय है कि 20 दिसंबर 2016 और 19 मार्च 2017 को पिछड़ा क्षेत्र कोटधार के शमशानघाटों की खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। पंचायत के धर्म सिंह चंदेल ने आरटीआई के तहत शमशानघाट के लिए आवंटित पैसे का पूर्ण ब्यौरा मांगा। इसमें धन के दुरुपयोग होने का मामला सामने आया है।
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धर्म सिंह ने बताया कि 13वें वित्त आयोग के तहत शमशानघाट खैरियां भराड़ी के लिए 22.3.2013 को जिला परिषद हैड से एक लाख की राशि स्वीकृत हुई थी। इसके लिए बीडीओ झंडूता व मानव विकास संस्थान कलोल में 19 मदों को लेकर एक एग्रीमेंट हुआ कि एक माह के भीतर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। तीन महीने से पहले कार्य को अंतिम रूप दिया जाएगा। ऐसा न करने की स्थिति में संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और राशि को ब्याज सहित वापस लिया जा सकता है। लेकिन खेद की बात है कि चार वर्ष बीत जाने के बावजूद भी विभाग ने उक्त संस्थान के विरुद्ध कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई। आरटीआई से खुलासा हुआ है कि 19 मदों में से 9 मदों की पूर्णतया अनदेखी की गई है।
आरटीआई में यह भी खुलासा हुआ है कि नियमानुसार पहले तीस प्रतिशत की राशि आवंटित की जाती है, उसके बाद पचास प्रतिशत और तीसरी किस्त बीस प्रतिशत कार्य एजेंसी को दी जाती है। लेकिन, मिलीभगत के कारण पहली किस्त 75 प्रतिशत दी गई और कार्य का चार वर्ष बीत जाने के बावजूद विभाग के पास कोई ब्यौरा नहीं है। वहीं धरातल पर भी कोई कार्य नहीं हो पाया।

कर्नल जसवंत सिंह चंदेल, दलजीत सिंह, प्रकाश सिंह, रत्न सिंह, कर्म सिंह, प्रीतम सिंह, नीमा, विजय सिंह, सीताराम, बलबीर सिंह, अमृत लाल महाजन, जसवंत सिंह, रूप सिंह, ज्ञान सिंह, सोमा चंदेल, संजय सहित अन्य लोगों ने एक पत्र के माध्यम से जिलाधीश और पंचायत अधिकारी से हस्तक्षेप कर शमशानघाट का निर्माण करने की मांग की है।


उधर, जिला पंचायत अधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि उनके पास गांव के लोगों का हस्ताक्षर युक्त शिकायतीपत्र आया है। उन्होंने बताया कि संस्थान को जुर्माना लगा दिया गया है और आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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